WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 17 Jun 2026 · 8:52 AM

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अमेरिकी सेना का गुप्त मिशन

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अमेरिकी सेना का गुप्त मिशन सामने आया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने खाड़ी देशों से होने वाले ऊर्जा निर्यात को सुरक्षित बनाए रखने के लिए समुद्र में बेहद गोपनीय तरीके से शिप-टू-शिप तेल ट्रांसफर ऑपरेशन का संचालन किया है। इस पूरे अभियान की निगरानी और सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेना द्वारा हवाई और पानी वाले अत्याधुनिक ड्रोन के साथ ही बड़े पैमाने पर सैन्य हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया जा रहा है।[1]

इस बेहद गोपनीय सैन्य मिशन के तहत अब तक कम से कम 116 मालवाहक जहाजों के जरिए लाखों बैरल कच्चे तेल का गुप्त रूप से सुरक्षित ट्रांसफर किया जा चुका है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों और शिपिंग डेटा के गहन विश्लेषण से इस बात की पुष्टि हुई है कि ओमान की खाड़ी में सोहार बंदरगाह और फुजैराह के तट पर दर्जनों जहाज आपस में मिलकर इस सीक्रेट ऑपरेशन को लगातार अंजाम देने में जुटे हुए हैं।

जलमार्ग पर नया संकट

इस पूरे अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए अमेरिकी सैन्य कमान स्वयं पर्दे के पीछे से सब कुछ नियंत्रित कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान द्वारा आंशिक रूप से बंद किए जाने के बाद से ही वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की भारी किल्लत और आर्थिक मुद्रास्फीति तेजी से बढ़ी है। इसी संकट को दूर करने और तेल की वैश्विक आपूर्ति को सामान्य करने के लिए अमेरिकी प्रशासन इस बेहद जोखिम भरे और रणनीतिक समुद्री ऑपरेशन को पूरी मुस्तैदी से संचालित कर रहा है।

जोखिम भरे इस सीक्रेट मिशन के दौरान सभी भागीदार जहाजों को रात के अंधेरे में अपनी लाइट्स बंद करके और ट्रांसपोंडर बंद करके आगे बढ़ना पड़ता है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में ईरान द्वारा मार गिराए गए अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर की तैनाती भी इसी अमेरिकी सेना का गुप्त मिशन सुरक्षित करने के लिए की गई थी। हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस बात से पूरी तरह इनकार किया है कि उसकी कोई भी नौसैनिक टुकड़ी सीधे तौर पर तेल ट्रांसफर प्रक्रिया में हिस्सा ले रही है।

वैश्विक बाजार पर प्रभाव

इस अभियान का लाभ उठाकर संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे प्रमुख खाड़ी देश अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने कच्चे तेल को सुरक्षित रूप से पहुंचा पा रहे हैं। इस प्रक्रिया में शामिल होने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों को पहले बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के विशेष कार्यालय से सुरक्षा संबंधी कड़े मानकों की मंजूरी लेनी पड़ती है। इसके बाद ही उन्हें इस सीक्रेट कॉरिडोर से होकर गुजरने के लिए एक विशेष टाइम विंडो आवंटित की जाती है।

राजनयिक विश्लेषकों का मानना है कि ओमान की खाड़ी में जारी अमेरिकी सेना का गुप्त मिशन केवल एक तात्कालिक और अस्थायी व्यवस्था है जो युद्ध के हालातों में बनाई गई है। यदि आने वाले समय में ईरान और अमेरिका के बीच हुआ शांति समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता है, तो इन जहाजों पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा हमेशा बना रहेगा। इस बीच अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां इस पूरे क्षेत्र में शांति बहाल होने का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और तेल आपूर्ति की स्थितियां बदल सकती हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 17, 2026: 8:52 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —