WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 17 Jun 2026 · 9:15 AM

वैश्विक मंदी के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

सिंगापुर। अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले ऐतिहासिक समझौते के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरानी ईंधन के जल्द ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आने की खबरों ने दुनिया भर को महंगाई से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगा दी है। इस महत्वपूर्ण आर्थिक बदलाव के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बॉन्ड यील्ड में भी कमी देखी गई है, जबकि फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक से ठीक पहले शेयर बाजार और विभिन्न देशों की मुद्राएं शांत बनी हुई हैं।[1]

वैश्विक तेल बाजार में बेंचमार्क माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव गिरकर अस्सी डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे चला गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट बीते मार्च महीने में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए सीधे संघर्ष के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि युद्ध समाप्त करने के समझौते के तहत अमेरिका ईरानी तेल पर लगे कड़े प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटा देगा, जिससे बाजार में लाखों बैरल अतिरिक्त तेल की आपूर्ति होने की संभावना है।

बाजारों पर व्यापक असर

कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट की इस बड़ी आर्थिक हलचल के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है और एशिया के वित्तीय बाजारों ने भी इसी रुख का अनुसरण किया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जापान में दस वर्षीय बॉन्ड यील्ड घटकर दो दशमलव छह तीन प्रतिशत पर आ गई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में भी इसमें कमी देखी गई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल के प्रवाह को पूरी तरह सामान्य होने में आगामी सितंबर के अंत तक का समय लग सकता है।

"बाजार होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवाह के पूरी तरह सामान्य होने की उच्च संभावना को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।" - किम फस्टियर, वरिष्ठ तेल और गैस विश्लेषक, एचएसबीसी

इस बीच तीन महीनों से होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी गतिरोध के कारण वैश्विक तेल भंडार काफी हद तक खाली हो चुका है, और अमेरिकी रणनीतिक तेल भंडार वर्ष 1983 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। वॉल स्ट्रीट पर निवेशकों ने तकनीकी और सेमीकंडक्टर शेयरों पर अपने दांव को थोड़ा कम किया है, जिससे नैस्डैक में गिरावट आई है। दूसरी तरफ वित्तीय और औद्योगिक क्षेत्र के शेयरों में आई तेजी ने डॉव जोन्स को एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।

फेडरल रिजर्व की बैठक

एशियाई बाजारों में भी इसका मिला-जुला असर देखा गया है, जहां ताइवान और दक्षिण कोरिया के चिपमेकर बाजारों में हल्की गिरावट रही जबकि जापान का निक्केई सूचकांक मजबूत हुआ है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक निवेशकों की नजरें अब फेडरल रिजर्व के नवनियुक्त चेयरमैन केविन वॉर्श की अध्यक्षता में होने वाली पहली बैठक पर टिकी हुई हैं। व्यापारी यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि नए चेयरमैन नीतिगत ब्याज दरों और महंगाई को लेकर क्या रुख अपनाते हैं।

"हम उम्मीद करते हैं कि वॉर्श नीतिगत दरों और मुद्रास्फीति पर धैर्य रखने की वकालत करेंगे, जो बाजार की मौजूदा उम्मीदों की तुलना में थोड़ा उदार रुख हो सकता है।" - श्याओ कुई, वरिष्ठ अर्थशास्त्री, पिक्टेट वेल्थ मैनेजमेंट

अमेरिकी डॉलर फिलहाल एक सीमित दायरे में बना हुआ है और यूरो में इस सप्ताह मामूली मजबूती दर्ज की गई है। जापान में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के बावजूद येन में डॉलर के मुकाबले कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया है, लेकिन आधिकारिक हस्तक्षेप के जोखिम के कारण यह एक निश्चित स्तर पर टिका हुआ है। इस बीच, पूरी दुनिया की नजरें शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले औपचारिक शांति समझौते पर टिकी हैं जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव स्पष्ट हो सकेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की दरें, वित्तीय नीतियां और वैश्विक आर्थिक स्थितियां अत्यधिक परिवर्तनशील हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 17, 2026: 9:15 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —