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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 19 Jun 2026 · 2:07 PM

बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें: चट्टान दरकने से दो की मौत, आठ घायल

चट्टान के नीचे दबा युवक

पंचमहल, गुजरात। राज्य के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शुमार पावागढ़ पहाड़ी पर शुक्रवार, 19 जून की सुबह एक बेहद दर्दनाक और भयावह दुर्घटना सामने आई है। मानसून की पहली मूसलाधार बारिश के बीच महाकाली माता मंदिर की ओर जाने वाली पहाड़ी सीढ़ियों पर अचानक विशालकाय पत्थर और बोल्डर भरभराकर नीचे आ गिरे। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से दर्शन के लिए जा रहे दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि आठ अन्य लोग मलबे में दबने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अचानक हुए इस भूस्खलन के बाद पूरे तीर्थ क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और लगातार हो रही बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। [विडियो]

यह दुखद घटना सुबह करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच पहाड़ी मार्ग पर स्थित पटिया पुल के निकट घटित हुई। उस समय सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में लगकर पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर की ओर चढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण ढलान की ऊपरी चट्टानें कमजोर होकर सीधे श्रद्धालुओं के मुख्य मार्ग पर आ गिरीं। मलबे का आकार इतना बड़ा था कि नीचे चल रहे लोगों को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिल सका।

बचाव अभियान और चुनौतियाँ

घटना की सूचना मिलते ही पावागढ़ पुलिस के जवान, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और घटनास्थल पर पहुंचकर राहत अभियान शुरू किया। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के कार्य में स्थानीय दुकानदारों और अन्य श्रद्धालुओं ने भी प्रशासनिक टीमों की मदद की। राहत कार्य के दौरान इलाके में लगातार हो रही तेज प्रलयंकारी बारिश और घने कोहरे के कारण आपातकालीन कर्मियों को मलबे से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में बेहद गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा क्योंकि इस मानसूनी बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें और रेस्क्यू को धीमा कर दिया।

अधिकारियों ने दोपहर तक चले इस सघन अभियान की समाप्ति पर पुष्टि की है कि अब मलबे के भीतर कोई भी व्यक्ति फंसा हुआ नहीं है। इस दुर्घटना की चपेट में आए कुल दस लोगों में से जिन दो श्रद्धालुओं की जान गई है, वे गुजरात के ही पड़ोसी खेड़ा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी फिलहाल उनके परिजनों से संपर्क स्थापित कर उनकी आधिकारिक पहचान को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया में जुटे हैं क्योंकि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह संपन्न हो चुका है।

"हादसे के तुरंत बाद राहत टीमें मौके पर पहुंच गई थीं. मलबे में दबे सभी लोगों को निकाल लिया गया है और फिलहाल कोई भी व्यक्ति वहां फंसा हुआ नहीं है, राहत अभियान पूरी तरह संपन्न हो चुका है." : पावागढ़ पुलिस प्रशासन

अस्पताल में घायलों का इलाज

बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें लेकिन, हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए सभी आठ तीर्थयात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल नजदीकी हलोल रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, घायलों में से कुछ लोगों को फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि वर्तमान में सभी की स्थिति स्थिर बनी हुई है। प्रशासन ने घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।

इस बीच,  स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने मिलकर मंदिर मार्ग पर चट्टान गिरने के सटीक कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने मानसून के इस शुरुआती मौसम में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले सभी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है क्योंकि लगातार हो रही बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें जिसके कारण पहाड़ी रास्ते बेहद संवेदनशील हो गए हैं।

"कॉमर्शियल एक्टिविटीज पर भी नजर रखी जा रही है. इस घटना के कारणों की पूरी जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे." : जिला प्रशासन, पंचमहल

संपादकीय दृष्टिकोण

यहाँ स्थित महाकाली माता मंदिर गुजरात के सबसे प्रमुख और व्यस्त धार्मिक केंद्रों में से एक है, जहां साल भर देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। हालांकि, मानसून के मौसम में इस पूरे पहाड़ी क्षेत्र की चट्टानें अत्यधिक कमजोर हो जाती हैं और पूर्व में भी इस मार्ग पर पत्थर गिरने की छिटपुट घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इसके बावजूद मार्ग पर किसी स्थायी चेतावनी प्रणाली या मलबे को रोकने वाले जालों का न होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस दर्दनाक हादसे के बाद केवल जांच तक ही सीमित रहता है, या मानसून के इस खतरनाक सीजन में श्रद्धालुओं की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहाड़ी मार्गों का व्यापक भू-तकनीकी सुरक्षा ऑडिट करवाकर कोई ठोस कदम उठाता है। फिलहाल एहतियात के तौर पर मंदिर मार्ग के प्रभावित हिस्से के आसपास कड़े पहरे तैनात कर दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आगामी दिनों में जहाँ तेज बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें वहाँ कोई अन्य अप्रिय घटना न हो सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। पावागढ़ पहाड़ी मार्ग की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा नियमों, यात्रा पाबंदियों और घायलों के स्वास्थ्य से जुड़े आधिकारिक विवरण के लिए पंचमहल प्रशासन की विज्ञप्तियों को आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 19, 2026: 2:07 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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