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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 20 Jun 2026 · 4:00 PM

अनोखा शौक बना वरदान, सबसे छोटा पेन होने पर सम्मान से मिली ख्याति

जगदीप नारायण कुमार, विश्व रिकॉर्ड विजेता

नालंदा, बिहार। जब कोई व्यक्ति किसी साधारण सी चीज को सहेजने का शौक शुरू करता है, तो उसे शायद इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं होता कि उसकी यही छोटी सी आदत एक दिन इतिहास रच देगी। बिहार शरीफ के रहने वाले जगदीप नारायण कुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जिन्होंने दशकों पहले महज एक सहज लगन के तौर पर अनूठी चीजों को बटोरना शुरू किया था। आज उनके उसी संग्रह में मौजूद विश्व का सबसे छोटा पेन उन्हें वैश्विक मंच पर सम्मान दिला गया, जिससे उनके इस शौक को पूरी दुनिया में अभूतपूर्व शोहरत मिल गई है। [1]

वैश्विक मंच पर गौरव

जगदीप नारायण कुमार को जयपुर के प्रतिष्ठित साइंस सेंटर में आयोजित एक भव्य अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में इस ऐतिहासिक सफलता के लिए सम्मानित किया गया है। ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अंतर्राष्ट्रीय गौरवमयी प्रतियोगिता में दुनिया भर के लगभग 25 देशों के प्रतिष्ठित प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जहां विभिन्न प्रकार की दुर्लभ लघु वस्तुओं और नायाब कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया था। इसी मंच पर जब जूरी ने उनके कलेक्शन को देखा, तो उनके पास मौजूद मात्र तीन इंच की विशेष पीतल की कलम को दुनिया की सबसे लघु कलम के रूप में स्वीकार किया गया और उन्हें इसके लिए इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जगदीप के पास मौजूद तीन इंच के लघु पेन ने जापान के एक बड़े संग्रहकर्ता के पुराने रिकॉर्ड को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया, जिनके पास 3.5 इंच का पेन था। पेशे से टैक्स एडवोकेट और शौक से एक शिक्षक जगदीप नारायण कुमार बिहार शरीफ में एक निजी स्कूल का संचालन भी करते हैं। उन्होंने जब वर्ष 1988 में शौक के तौर पर सिक्कों और पेनों को इकट्ठा करना शुरू किया था, तब उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके संग्रह की एक वस्तु उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी सेलिब्रिटी बना देगी।

"इस अनूठे संग्रह को बनाने में मुझे दशकों का धैर्य और अटूट लगन लगी है। बचपन से पाले गए इस अनोखे शौक ने आज मुझे वैश्विक स्तर पर इतनी बड़ी पहचान दिलाई है, जिससे मैं बेहद खुश हूँ।" : जगदीप नारायण कुमार, विश्व रिकॉर्ड विजेता

अनूठे शौक की कहानी

अपने इस सबसे छोटे और नायाब लघु पेन के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए जगदीप ने बताया कि पूरी तरह से पीतल से बनी यह तीन इंच की कलम उन्होंने साल 1990 में मात्र 20 रुपये में खरीदी थी। ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, उनके पास वर्तमान में विभिन्न मूल्य श्रेणियों के 550 से अधिक दुर्लभ और अनोखे पेन मौजूद हैं। हालांकि यह पुरस्कार उन्हें कुल पेनों की संख्या के लिए नहीं, बल्कि इस विशिष्ट वस्तु (सबसे छोटा पेन) की दुर्लभता के लिए मिला है, जिसके कारण आज उनका नाम इतिहास में दर्ज हुआ है।

यह जगदीप नारायण कुमार की पहली अंतर्राष्ट्रीय सफलता या उपलब्धि नहीं है। इससे पहले वर्ष 2023 में दुनिया भर के दुर्लभ सिक्कों और प्राचीन मुद्राओं के उनके विशाल व ऐतिहासिक संग्रह के लिए उनका नाम प्रतिष्ठित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी शामिल किया जा चुका है। लगातार दूसरी बार विश्व मंच पर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराकर उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनके पास मौजूद सबसे छोटा पेन अब उनके बचपन के उस निस्वार्थ शौक की सबसे बड़ी और खूबसूरत परिणति बन गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक नियमों, जगदीप नारायण कुमार के संपूर्ण संग्रह की सूची और भविष्य की प्रदर्शनियों से संबंधित किसी भी प्रामाणिक विवरण के लिए रिकॉर्ड्स की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 20, 2026: 4:00 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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