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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 21 Jun 2026 · 10:46 AM

संघर्ष विराम के दावे और लेबनान में जारी हिंसा का काला सच

इस्राइली हमले के बाद उठता धुआं

बेरूत, लेबनान। लेबनान में संघर्ष विराम के दावे और वहां की जमीनी हकीक़त में एक गहरा और चिंताजनक विरोधाभास देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और विशेष रूप से अमेरिका द्वारा लेबनान में शांति स्थापित करने के लिए किए गए समझौतों के दावों के विपरीत, इजरायल ने आधिकारिक रूप से इन शर्तों को मानने से वार्ता के दौरान ही इनकार कर दिया था। इस कूटनीतिक अस्वीकृति के बाद, इजरायली हमलों में शनिवार को कम से कम 20 लोगों की जान चली गई है। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएनए के अनुसार, हिंसा का यह तांडव शांति की घोषणाओं के बीच और अधिक बढ़ गया है। [1]

टूटे वादे और हिंसा

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने इन हमलों को हिज्बुल्लाह द्वारा रात भर किए गए रॉकेट हमलों का जवाब बताया है। इजरायली सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिका द्वारा मध्यस्थता किए गए उस समझौते से खुद को बाध्य नहीं मानते, जिसे इजरायल ने वार्ता के दौरान ही अस्वीकार कर दिया था। इस स्थिति ने स्पष्ट कर दिया है कि कूटनीतिक स्तर पर किए जा रहे संघर्ष विराम के दावे जमीनी स्तर पर निष्प्रभावी साबित हो रहे हैं। हिज्बुल्लाह ने आरोप लगाया है कि इजरायल न केवल समझौते का उल्लंघन कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास भी कर रहा है।

यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए संघर्ष विराम के दावे की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है। इजरायली सैन्य अधिकारी ने पुष्टि की है कि उनका राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य कमान संघर्ष विराम की उन शर्तों से बंधा हुआ महसूस नहीं करते, जिन्हें पहले ही खारिज किया जा चुका है। जमीनी स्तर पर हिज्बुल्लाह का कहना है कि वे किसी भी ऐसे प्रयास का जवाब देने के लिए तैयार हैं जो इजरायल द्वारा उनकी भूमि पर कब्जा करने या उनके कब्जे को बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाता है। हिज्बुल्लाह ने चेतावनी दी है कि हमलों का उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा।

कूटनीतिक विफलता का दंश

"इजरायली सैन्य नेतृत्व का स्पष्ट रुख है कि वे किसी भी ऐसे समझौते से बंधे हुए नहीं हैं जिसे उन्होंने पहले ही खारिज कर दिया था, जिसके चलते संघर्ष का यह दौर और भी अनिश्चित और घातक हो गया है।" : इजरायली सैन्य प्रवक्ता

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च से अब तक 4,057 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जो इस युद्ध की भीषणता और मानवीय संकट की गंभीरता को दर्शाता है। बारिश शहर में एक तीन मंजिला आवासीय इमारत पर हुए इजरायली हमले ने एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया, जिसमें माता-पिता और उनके दो बच्चे शामिल थे। इसके अलावा, नबातीह में इजरायली हवाई हमले ने केंद्रीय बैंक की शाखा को भी निशाना बनाया, जिससे भारी आर्थिक क्षति हुई है। संघर्ष विराम के दावे का यह पूरा प्रकरण न केवल कूटनीतिक विफलता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब तक प्रमुख पक्ष किसी ठोस और आपसी सहमति वाले समझौते पर नहीं पहुंचते, तब तक शांति केवल कागजों तक ही सीमित रहेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय संघर्षों, शांति समझौतों और सैन्य अभियानों से संबंधित आधिकारिक विवरणों के लिए संबंधित देशों के विदेश मंत्रालयों के वक्तव्यों को ही आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 21, 2026: 10:46 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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