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Rex TV India
Latest News राष्ट्रीय Digital Newsletter 22 Jun 2026 · 10:13 AM

भारत में चीनी निर्यात पर संकट, अल नीनो का असर बना बड़ी चुनौती

Workers unload sacks of sugar from trucks - Reuters

मुंबई, महाराष्ट्र। भारत, जो कभी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश हुआ करता था, अब आने वाले कई वर्षों तक निर्यात के लिए कोई अधिशेष चीनी उपलब्ध नहीं करा पाएगा। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अल नीनो जैसी प्रतिकूल मौसम स्थितियों ने गन्ने की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके अलावा पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की बढ़ती मांग ने भी चीनी की उपलब्धता को सीमित कर दिया है जिससे भारत में चीनी निर्यात पर संकट गहरा गया है। यह दोहरा दबाव वैश्विक बाजार में लाखों टन चीनी की कमी पैदा कर सकता है, जिससे एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों में आपूर्ति तंग होने की संभावना है। [1]

लंबे समय तक वैश्विक निर्यात बाजार से भारत की अनुपस्थिति एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता की भूमिका को समाप्त कर देगी। व्यापारिक घरानों के डीलरों ने पहले ही चेतावनी दी है कि भारत में चीनी की उपलब्धता तेजी से घट रही है। कई सरकारी स्रोतों और उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार, भारत सरकार अब सीजन दर सीजन निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की नीति अपना सकती है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे निर्यात के लिए पैरवी करने के बजाय घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दें।

चिंताजनक हालात

चीनी भारत में एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा है, जहां यह कैलोरी का एक सस्ता और लोकप्रिय स्रोत माना जाता है। इस बारे में बात करते हुए एमईआईआर कमोडिटीज इंडिया के प्रबंध निदेशक राहिल शेख ने कहा कि भारत में आपूर्ति पहले से ही तंग है और अल नीनो अब एक बड़ा जोखिम बनकर उभरा है। यदि बारिश का अनुमान विफल रहता है, तो गन्ने की बुवाई बुरी तरह प्रभावित होगी और यह भारत को कम से कम अगले तीन वर्षों के लिए निर्यात बाजार से बाहर रखेगा। जिसके चलते भारत में चीनी निर्यात पर संकट बढ़ गया है। 

"यदि बारिश का अनुमान विफल रहता है, तो गन्ने की बुवाई प्रभावित होगी और यह भारत को चीनी निर्यात बाजार से कम से कम तीन साल के लिए बाहर रखेगा, जबकि ब्राजील और थाईलैंड की फसलें भी अल नीनो से प्रभावित हो सकती हैं।" - राहिल शेख, प्रबंध निदेशक, एमईआईआर कमोडिटीज।

अल नीनो की मार

अल नीनो के कारण भारत में इस साल मानसून की बारिश पिछले 11 वर्षों में सबसे कम रहने का अनुमान है। जून में सामान्य से 40 प्रतिशत कम बारिश के कारण किसानों ने गन्ने की बुवाई में देरी कर दी है। सांगली जिले के किसान संभाजी पाटिल ने बताया कि कम बारिश की चर्चाओं के कारण उन्होंने लंबे समय तक चलने वाली गन्ने की किस्मों को लगाने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दी है और इसके बजाय सोयाबीन उगाने का निर्णय लिया है।

भारत में चीनी निर्यात पर संकट के इस दौर में गन्ने के पौधों की नर्सरी चलाने वाले सूरज चव्हाण ने बताया कि हाल के हफ्तों में गन्ने के पौधों की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज के प्रबंध निदेशक प्रकाश नायकनवारे के अनुसार, किसान कम पानी वाली फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे 2027-28 के सीजन में गन्ने के रकबे और उपलब्धता में और भी गिरावट आ सकती है। स्थानीय प्रशासन ने भी गन्ने के बजाय वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है।

एथेनॉल की मांग

भारत सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को तेजी से बढ़ाने पर जोर दे रही है ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम की जा सके। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, एथेनॉल की मांग 2039-40 तक मौजूदा 13 बिलियन लीटर से बढ़कर 30 बिलियन लीटर तक हो सकती है। गोदावरी बायो रिफाइनरीज के चेयरमैन समीर सोमैया का कहना है कि एथेनॉल की मांग का ग्राफ बहुत मजबूत है और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का वाणिज्यिक रोलआउट इस विकास को और गति देगा।

सरकार ने पेट्रोल में उच्च स्तर के एथेनॉल मिश्रण को प्रोत्साहित करने के लिए कई करों में भी ढील दी है। आने वाले समय में भविष्य की सरकारी नीतियां चीनी निर्यात के बजाय एथेनॉल उत्पादन को ही अधिक समर्थन देंगी। यदि अल नीनो के कारण गन्ने की खेती का क्षेत्र और उत्पादन तेजी से कम होता है, तो ना सिर्फ भारत में चीनी निर्यात पर संकट आया है बल्कि भारत को एक दशक में पहली बार चीनी आयात करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। के.एस. कमोडिटीज के मोहन नारंग ने चेतावनी दी है कि भारत न केवल निर्यात से बाहर होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में आयात की आवश्यकता भी बढ़ सकती है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। चीनी उत्पादन और निर्यात से संबंधित स्थितियां मौसम और सरकारी नीतियों पर निर्भर हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 22, 2026: 10:13 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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