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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 23 Jun 2026 · 10:41 AM

राखीगढ़ी खुदाई का खुलासा, एएसआई ने सौंपी पुरातात्विक खोज

राखीगढ़ी में हुई खुदाई से प्राप्त मानव कंकाल

हिसार, हरियाणा। हरियाणा के राखीगढ़ी में हुई नवीनतम खुदाई से प्राप्त मानव कंकालों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने विस्तृत वैज्ञानिक जांच के लिए एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को सौंप दिया है। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, यह हस्तांतरण दोनों संस्थानों के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन के तहत किया गया है। राखीगढ़ी खुदाई का खुलासा पुरातत्वविदों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे सिंधु-सरस्वती सभ्यता का सबसे बड़ा ज्ञात शहरी केंद्र माना जाता है। लगभग 550 हेक्टेयर में फैला यह स्थल इतिहास के कई नए पन्ने खोल सकता है। [1]

पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा स्थित एएसआई की उत्खनन शाखा द्वारा 2025-26 के क्षेत्र सत्र के दौरान यह महत्वपूर्ण खोज की गई थी। टीला संख्या सात, जिसे पहले एक कब्रिस्तान के रूप में चिन्हित किया गया था, वहां से आठ दफन स्थल मिले हैं। इनमें से तीन पूर्ण मानव कंकालों और अन्य अस्थियों के अवशेषों को कोलकाता स्थित एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की प्राचीन मानव कंकाल रिपॉजिटरी और प्रयोगशाला में स्थानांतरित कर दिया गया है। राखीगढ़ी खुदाई का खुलासा इस सभ्यता के रहस्यों को समझने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

ऐतिहासिक महत्व

राखीगढ़ी के इस स्थल पर उत्खनन के दौरान प्रारंभिक हड़प्पा से लेकर परिपक्व हड़प्पा काल तक के निरंतर निवास के प्रमाण मिले हैं। यहां की सुनियोजित बस्तियां, जटिल जल निकासी प्रणालियां और शिल्प उत्पादन केंद्र उस समय की उन्नत जीवनशैली को दर्शाते हैं। व्यापारिक नेटवर्क और व्यवस्थित दफन मैदानों के अवशेष यह स्पष्ट करते हैं कि यह क्षेत्र व्यापार और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा होगा। इन अवशेषों का वैज्ञानिक विश्लेषण प्राचीन लोगों के खान-पान, आनुवंशिकी और जीवन स्तर के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा।

संस्कृति मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एएसआई के निदेशक बी.वी. शर्मा ने बताया कि यह संयुक्त प्रयास सिंधु-सरस्वती सभ्यता के महत्वपूर्ण शहरी केंद्रों पर बहु-विषयक अनुसंधान को काफी आगे बढ़ाएगा। आने वाले कुछ दिनों के भीतर स्थल से प्राप्त बाकी कंकाल सामग्री को भी शोध के लिए स्थानांतरित कर दिया जाएगा। राखीगढ़ी खुदाई का खुलासा न केवल भारत, बल्कि विश्व इतिहास के नजरिए से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो हमारी प्राचीन विरासत की भव्यता को पुनः स्थापित करने का कार्य करेगा।

वैज्ञानिक अध्ययन

एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (AnSI) संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रमुख राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान है। यहां के विशेषज्ञ उन अवशेषों का गहन विश्लेषण करेंगे जो एएसआई द्वारा उन्हें सौंपे गए हैं। इस प्रक्रिया में डीएनए परीक्षण, कार्बन डेटिंग और मानव विज्ञान संबंधी अध्ययन शामिल होंगे ताकि उन लोगों की वंशावली और स्वास्थ्य स्थितियों का सटीक आकलन किया जा सके। शोधकर्ता यह जानने का प्रयास करेंगे कि उस समय की जनसंख्या का अन्य सभ्यताओं के साथ किस प्रकार का संपर्क और आनुवंशिक जुड़ाव था।

राखीगढ़ी खुदाई का खुलासा इस बात की पुष्टि करता है कि सिंधु-सरस्वती सभ्यता की जड़ें कितनी गहरी और व्यापक थीं। विशेषज्ञ टीम इन कंकालों के माध्यम से प्राचीन काल में बीमारियों के प्रसार और सामाजिक संरचना के बारे में महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र करेगी। इस शोध का उद्देश्य उन लोगों के रहन-सहन और उनके पर्यावरण के साथ संबंधों को समझना है, जो हजारों साल पहले इस क्षेत्र में एक उन्नत सभ्यता का निर्माण कर रहे थे। यह अध्ययन भारतीय इतिहास की गौरवशाली परंपरा को नई दिशा प्रदान करेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। पुरातात्विक खोज एवं वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया भारत सरकार के नियमों के अधीन है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 23, 2026: 10:41 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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