WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 23 Jun 2026 · 10:55 AM

अमेरिका इजरायल संबंधों में तनाव: डोनाल्ड ट्रंप के रुख पर बड़ी बहस

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

जेरूसलम, इजरायल। इजरायल और अमेरिका के बीच दशकों पुराने अटूट रणनीतिक गठबंधन में बढ़ती दरारें अब खुलकर सामने आने लगी हैं, जिससे इजरायली जनता और वहां का नेतृत्व अत्यधिक चिंतित है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ अमेरिकी अंतरिम समझौते और गाजा व लेबनान युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई तीखी आलोचना ने दोनों देशों के बीच संबंधों को एक मुश्किल दौर में ला खड़ा किया है। अमेरिका इजरायल संबंधों में तनाव के बीच इजरायली नीति निर्माताओं को डर है कि ट्रंप का यह नया रुख उनके सबसे बड़े दुश्मन ईरान को सशक्त बना सकता है। [1]

इजरायल में आयोजित एक विदेश नीति सम्मेलन में स्थिति की गंभीरता पर व्यापक चर्चा हुई, जहाँ विशेषज्ञ अब इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या दशकों से चली आ रही अमेरिकी निर्भरता को कम करने का समय आ गया है। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका के राजनीतिक धरातल पर बदलती हवाएं अब उनके पुराने समर्थक खेमे को भी प्रभावित कर रही हैं। इजरायली जनता के बीच बढ़ती यह घबराहट इस बात का प्रमाण है कि अमेरिका इजरायल संबंधों में तनाव अब केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि सार्वजनिक चिंता का विषय बन चुका है।

गठबंधन की चुनौतियां

इजरायल में चिंता का सबसे बड़ा कारण ट्रंप द्वारा ईरान के साथ किया गया समझौता ज्ञापन और लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ युद्ध विराम का दबाव है। ट्रंप ने हाल के दिनों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बेहद सख्त भाषा का उपयोग किया है, जो इजरायली खेमे के लिए चौंकाने वाला है। इन बयानों ने न केवल राजनयिक हलकों में हलचल मचाई है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में अमेरिका की नीति इजरायल के प्रति उतनी सहयोगी नहीं रह सकती है जितनी कि पिछले वर्षों में रही है।

ट्रंप के सहयोगी और अमेरिका में इजरायल के राजदूत माइक हकाबी ने स्थिति को स्वीकार करते हुए सम्मेलन में कहा:

"अमेरिका और इजरायल के बीच एक अटूट बंधन है, लेकिन मैं यह मानता हूँ कि इस रिश्ते को लेकर जनता के बीच एक भारी चिंता का स्तर व्याप्त है।"

इस बयान के बावजूद, इजरायली अधिकारियों का तर्क है कि ट्रंप की तीखी टिप्पणियां शायद आगामी नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर मतदाताओं को लुभाने का एक प्रयास हो सकती हैं। नेतन्याहू के करीबी अधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री इन बयानों को लेकर चिंतित नहीं हैं और उन्हें विश्वास है कि दोनों देशों के नेतृत्व अंततः रिश्तों को वापस पटरी पर ले आएंगे। फिर भी, इजरायल में कुछ प्रमुख हस्तियों ने अब यह कहना शुरू कर दिया है कि देश को बिना अमेरिकी सहयोग के भविष्य की तैयारी करनी चाहिए।

बदलता राजनीतिक मिजाज

अमेरिका इजरायल संबंधों में तनाव के बीच, अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर इजरायल के प्रति बदलता नजरिया सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। प्यू रिसर्च सेंटर के हालिया पोल के अनुसार, युवा रिपब्लिकन अमेरिकियों में इजरायल के प्रति नकारात्मक राय बढ़ रही है। इजरायल की संसद के सदस्य ओहाद ताल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इजरायल को अब ऐसी स्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति का समर्थन पहले जैसा न हो। इसी कारण से देश को अपनी सैन्य और तकनीकी क्षमताओं को स्वतंत्र रूप से और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

इजरायल अब नई रणनीतिक साझेदारियां तलाशने पर जोर दे रहा है ताकि वह अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह किसी एक देश पर निर्भर न रहे। हकीकत यह है कि युद्ध के बदलते स्वरूप और वैश्विक कूटनीति के बीच अमेरिका इजरायल संबंधों में तनाव अब एक नए अध्याय की ओर इशारा कर रहा है। आने वाला समय ही बताएगा कि क्या यह केवल एक अस्थायी राजनीतिक असहमति है या वास्तव में इजरायल की दशकों पुरानी विदेश नीति की आधारशिला में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों एवं कूटनीतिक नीतियों में बदलाव वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 23, 2026: 10:55 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —