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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 23 Jun 2026 · 1:17 PM

रूस यूक्रेन युद्ध का संकट: साइबेरिया तक पहुंचा ईंधन का गहरा अभाव

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

कीव, यूक्रेन। रूस यूक्रेन युद्ध का संकट अब एक नए और अधिक गंभीर चरण में प्रवेश कर चुका है। बीते मंगलवार को स्थानीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि रात भर चले रूसी हवाई हमलों में यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में छह लोग घायल हुए हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला सोमवार को यूक्रेन द्वारा रूस के वोरोनिश क्षेत्र में स्थित मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स संयंत्र पर किए गए उस हमले के बाद हुआ है, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। रूस यूक्रेन युद्ध का संकट पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और दोनों देश एक-दूसरे के महत्वपूर्ण ठिकानों को लगातार निशाना बना रहे हैं।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी सहयोगियों से शांति समझौते के लिए समर्थन जुटाने के साथ ही यूरोपीय संघ में त्वरित प्रवेश की मांग तेज कर दी है। ज़ेलेंस्की ने पिछले सप्ताह चेतावनी दी थी कि रूस एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहा है, जो मॉस्को की नियमित सैन्य रणनीति का हिस्सा है। रूस यूक्रेन युद्ध का संकट यूक्रेन के ज़पोरिजिया, सुमी और खारकीव जैसे शहरों के लिए एक भीषण चुनौती बन गया है, जहां नागरिक आबादी लगातार डर और अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर है।

ईंधन का अभाव

यूक्रेनी हमलों ने रूस की समुद्री लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति लाइनों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके परिणामस्वरूप रूस में ईंधन की भारी किल्लत हो गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस यूक्रेन युद्ध का संकट अब रूस के भीतरी इलाकों तक पहुंच गया है। यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किए गए हवाई हमलों ने साइबेरिया तक के क्षेत्रों में गैसोलिन और डीजल की उपलब्धता को सीमित कर दिया है। यह स्थिति दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उत्पादक देश के लिए एक बड़ी आर्थिक समस्या बन गई है।

रूस के ओम्स्क और नोवोसिबिर्स्क जैसे दूरदराज के साइबेरियाई क्षेत्रों में भी ईंधन की भारी कमी दर्ज की गई है। रूस यूक्रेन युद्ध का संकट इतना गहरा गया है कि ओम्स्क के गवर्नर विटाली खोत्सेन्को ने ईंधन बिक्री पर सख्त सीमाएं लगा दी हैं। एक कार के लिए अधिकतम 40 लीटर गैसोलिन और 80 से 200 लीटर डीजल की सीमा निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, डिब्बों में ईंधन भरने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि गैस स्टेशनों पर अफरा-तफरी और जमाखोरी को रोका जा सके।

बढ़ता वैश्विक तनाव

रूसी ईंधन संकट के व्यापक प्रभाव को देखते हुए लुकोइल जैसी बड़ी तेल कंपनियों ने भी वोरोनिश क्षेत्र में बिक्री सीमित कर दी है। रूस यूक्रेन युद्ध का संकट न केवल क्षेत्रीय है, बल्कि यह यूरोप में रक्षा खर्च बढ़ाने और ड्रोन उत्पादन में सहयोग जैसे वैश्विक बदलावों का कारण भी बन रहा है। हाल ही में स्वीडन और फिनलैंड का नाटो गठबंधन में शामिल होना इस युद्ध के कारण बढ़ी सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है। यह संघर्ष लगातार नए भू-राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे रहा है।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी अपनी सक्रियता प्रदर्शित करते हुए बताया कि उनके रणनीतिक मिसाइल ले जाने वाले बमवर्षकों ने बैरेंट्स और नॉर्वेजियन सागर के ऊपर उड़ान भरी है। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब नाटो सदस्य देशों की सीमा पर तनाव अपने चरम पर है। रूस यूक्रेन युद्ध का संकट आने वाले दिनों में और अधिक तीव्रता के साथ उभर सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने और शत्रु की आपूर्ति श्रृंखला को नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वैश्विक समुदाय शांति के लिए प्रयासरत है, लेकिन जमीनी स्तर पर समाधान की उम्मीदें फिलहाल धूमिल नजर आ रही हैं। [1]

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सैन्य संघर्षों, हवाई हमलों और ईंधन की आपूर्ति संबंधी स्थितियां अंतरराष्ट्रीय युद्ध नियमों के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 23, 2026: 1:17 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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