WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News क्राइम Digital Newsletter 25 Jun 2026 · 11:48 AM

सुप्रीम कोर्ट के नाम पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का भंडाफोड़

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

कोलकाता, पश्चिम बंगाल। देशभर में बढ़ते ऑनलाइन अपराधों के बीच सुप्रीम कोर्ट के नाम पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिस पर सीबीआई की बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच एजेंसी ने 16 राज्यों के 80 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर इस गिरोह के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है। यह मामला तब चर्चा में आया जब यह सामने आया कि आरोपी सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल कर लोगों को डरा-धमका रहे थे। एजेंसी की करीब 60 टीमों ने इस सप्ताह के शुरू में छापेमारी शुरू की थी।

सुप्रीम कोर्ट के नाम पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का यह मामला अब अपने निर्णायक चरण में है, जहां मुख्य संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। इस दौरान चेन्नई से बी नरेश और कोलकाता से संजीब साहा को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला मुख्य रूप से उन लोगों पर केंद्रित है जो मुखौटा कंपनियां बनाकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे थे। ये आरोपी फर्जी म्यूल बैंक खाते खोलने और उनके संचालन में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। [1]

गिरोह का भंडाफोड़

जांच एजेंसी द्वारा की गई यह छापेमारी बेहद व्यवस्थित रही है। सुप्रीम कोर्ट के नाम पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड यह सुनिश्चित करता है कि डिजिटल जालसाजों का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो जाए। अस्सी स्थानों पर एक साथ की गई कार्रवाई से स्पष्ट है कि यह मामला बहुत बड़े स्तर पर फैला हुआ था। आरोपी लोगों को डराने के लिए न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेते थे और उन्हें डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर बड़ी रकम ऐंठते थे। यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था।

पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के नाम पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड उन लोगों की पहचान करने में भी मदद कर रहा है जिन्होंने इन फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर किए थे। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल माध्यम से होने वाली इस ठगी में तकनीकी साक्ष्यों का मिलान करना बेहद जरूरी है, जिसे एजेंसी पूरी बारीकी से कर रही है। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

आधिकारिक बयान

इस मामले में एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डाला है।

"लगभग 60 टीमों ने अस्सी स्थानों पर छापेमारी की है। हमने बी नरेश और संजीब साहा को गिरफ्तार किया है जो शेल कंपनियां बनाने और म्यूल बैंक खातों के संचालन में शामिल थे। हमारा उद्देश्य उन सभी को कानून के दायरे में लाना है जो सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट का उपयोग करके लोगों को धोखा दे रहे थे।" — वरिष्ठ अधिकारी

जांच का दायरा अभी और भी विस्तृत हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के नाम पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड यह दर्शाता है कि कानून का हाथ अब डिजिटल अपराधियों की पहुंच से दूर नहीं है। जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनसे पूछताछ में कई अन्य सहयोगियों के नाम सामने आने की उम्मीद है। एजेंसी अब उन खातों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिनका उपयोग वित्तीय लेनदेन को छिपाने के लिए किया गया था। जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है।

ठगी की साजिश

यह घोटाला दो सौ से अधिक मामलों से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के नाम पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें आम नागरिकों को सीधे निशाना बनाया जाता है। आरोपी सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट को हूबहू कॉपी करते थे ताकि पीड़ित को लगे कि वह कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहा है। एजेंसी ने लोगों को सचेत किया है कि किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या कॉल पर भरोसा न करें। सुरक्षा ही इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने का एकमात्र प्रभावी उपाय है।

आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की प्रबल संभावना है। सुप्रीम कोर्ट के नाम पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड यह भी साबित करता है कि संगठित साइबर अपराधों को रोकने के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय कितना जरूरी है। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि सभी डिजिटल साक्ष्य फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रहें। अपराधियों के खिलाफ यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के नाम पर किसी भी प्रकार के संदिग्ध लिंक या डिजिटल अरेस्ट की धमकी से सावधान रहना अनिवार्य है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 25, 2026: 11:48 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —