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Rex TV India
Latest News टेक्नोलॉजी Digital Newsletter 25 Jun 2026 · 1:48 PM

तेजगति हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण और सुरक्षा मानकों की जांच

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

जींद, हरियाणा। हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण आगामी शुक्रवार को जींद-सोनीपत रेलवे लाइन पर होने जा रहा है, जिसके लिए अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन की एक विशेष टीम ने जींद जंक्शन पर पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि यह हाई-स्पीड परीक्षण पहले 24 जून के लिए निर्धारित था, लेकिन अब इसे शुक्रवार के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। ट्रेन के लो-स्पीड परीक्षण पहले ही सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। [1]

हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण देश में पहली बार इतनी उच्च गति के साथ संचालित किया जाएगा, ताकि इसके प्रदर्शन का सटीक आकलन हो सके। कम गति वाले परीक्षणों की सफलता के बाद, अब विशेषज्ञों की टीम हाई-स्पीड ट्रायल के जरिए ट्रेन के इंजनों की क्षमता, ब्रेक सिस्टम और सुरक्षा सेंसर की दक्षता को परखेगी। यह संपूर्ण परीक्षण प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि वाणिज्यिक संचालन के दौरान यात्रियों को एक सुरक्षित और आरामदायक अनुभव मिले।

तकनीकी मूल्यांकन

हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण करने के लिए रेलवे विशेषज्ञों की एक विशेष टीम ने ट्रेन के पावर कार और कंट्रोल सिस्टम की सघन जांच शुरू कर दी है। इस महत्वपूर्ण परीक्षण के जरिए विशेषज्ञों को ट्रेन के विभिन्न प्रमुख प्रणालियों का विस्तृत आकलन करने में मदद मिलेगी, जिसमें कंपन परीक्षण और ट्रैक की मौजूदा स्थिति शामिल है। सुरक्षा मानकों के प्रति किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए रेलवे क्रू लगातार स्पीड सेंसर की कार्यक्षमता पर कड़ी नजर रख रहा है।

ट्रेन की बनावट और इंजन क्षमता का यह सघन परीक्षण परिचालन की सफलता के लिए अनिवार्य है। हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण यह भी स्पष्ट करेगा कि क्या यह ट्रेन सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस ट्रेन के आठ से दस कोच वाले हाइब्रिड मॉडल में डीजल मोटरों के स्थान पर हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग किया गया है, जो तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा नवाचार है।

कार्य प्रणाली

हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण इस बात पर केंद्रित है कि कैसे इलेक्ट्रिक मोटर में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के जलने से उत्पन्न गर्मी बिजली में परिवर्तित होती है। इस प्रक्रिया से बनने वाली ऊर्जा लिथियम-आयन बैटरी को चार्ज करने में सक्षम है, जिससे ट्रेन पूरी तरह से शून्य-उत्सर्जन तकनीक के साथ चलती है। इस हाइब्रिड प्रणाली का उपयोग वातावरण के लिए बेहद सुरक्षित है क्योंकि इससे केवल भाप और पानी का ही उत्सर्जन होता है।

इस इको-फ्रेंडली ट्रेन को संचालित करने का मुख्य उद्देश्य शोर को कम करना और यात्रियों को एक सुविधाजनक अनुभव देना है। हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण सफल रहने पर यह ट्रेन 90 किलोमीटर लंबे जींद-सोनीपत ट्रैक पर औसतन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेगी। ईंधन के मामले में यह अत्यंत कुशल है और एक बार में 360 किलोग्राम हाइड्रोजन के माध्यम से 180 किलोमीटर की दूरी तय करने की क्षमता रखती है।

रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रायल का उद्देश्य इंजन क्षमता और सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन करना है।

"ट्रेन की सुरक्षा सुविधाओं, ब्रेकिंग सिस्टम और इंजन क्षमता की जांच करना हमारी प्राथमिकता है ताकि इसे व्यावसायिक उपयोग के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।" — RDSO विशेषज्ञ टीम

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। हाइड्रोजन ट्रेन के वाणिज्यिक परिचालन की शर्तें संबंधित रेलवे अधिकारियों द्वारा निर्धारित की जाएंगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 25, 2026: 1:48 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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