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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 27 Jun 2026 · 12:44 PM

समुद्री मार्ग में भारी तनाव: सुरक्षित निकासी की योजना पर काम शुरू

होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे व्यावसायिक जहाज - File Photo

लंदन, ब्रिटेन। अंतरराष्ट्रीय समुद्री जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद सुरक्षा संकट गहरा गया है। संयुक्त राष्ट्र इस महत्वपूर्ण मार्ग में फंसे सैकड़ों जहाजों और हजारों नाविकों को बाहर निकालने के लिए विभिन्न देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके लिए एक व्यापक सुरक्षित निकासी की योजना पर विचार किया जा रहा है। इससे पहले सुरक्षा कारणों के चलते इस पूरे अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। ताइवान की कंपनी एवरग्रीन द्वारा संचालित एक कंटेनर जहाज पर हमला होने के बाद इस पहल को रोका गया था। [1]

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के महानिदेशक आर्सेनियो डोमिंगुएज ने एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस अभियान के रुकने से पहले करीब एक सौ पंद्रह जहाज और लगभग दो हजार पांच सौ नाविक जलडमरूमध्य से सुरक्षित बाहर निकल चुके थे। रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार डोमिंगुएज इस समय ओमान, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान जैसे प्रमुख देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस कूटनीतिक वार्ता का मुख्य उद्देश्य उन सुरक्षा गारंटियों को दोबारा हासिल करना है जो अभियान की शुरुआत में जहाजों को निशाना न बनाने के लिए दी गई थीं।

राहत के प्रयास

महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा की पुख्ता प्रतिबद्धता मिलते ही वे सुरक्षित निकासी की योजना को तुरंत गति देंगे। हालांकि उन्होंने अभियान को दोबारा शुरू करने के लिए कोई निश्चित समयसीमा बताने से इनकार किया है। इस बीच शुक्रवार को तेहरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपने नियंत्रण के अधिकार को फिर से दोहराया है। ईरान ने अपने खाड़ी सहयोगियों को चेतावनी दी है कि वे इस पूरे मामले में वाशिंगटन का साथ देने से पूरी तरह दूर रहें।

"जैसे ही मुझे इसकी पुष्टि मिल जाएगी कि जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा, हम निकासी प्रक्रिया फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं।" -आर्सेनियो डोमिंगुएज, महानिदेशक, आईएमओ

डोमिंगुएज ने बताया कि ईरान में उनका मुख्य संपर्क वहां के समुद्री प्राधिकरण और विदेश मंत्रालय के साथ बना हुआ है। वे इस पूरे संघर्ष में एक सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं ताकि कूटनीतिक प्रगति के साथ जहाजों का आवागमन सुरक्षित हो सके। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन उस मालवाहक कंटेनर जहाज पर हुए अचानक हमले के वास्तविक कारणों और उसके पीछे की मुख्य प्रेरणा की भी गहन जांच कर रहा है।

जलमार्ग की स्थिति

संस्था द्वारा तैयार की गई इस प्रारंभिक सुरक्षित निकासी की योजना के तहत जहाजों को जलडमरूमध्य से बाहर निकालने के लिए दो अलग चैनल तय किए गए थे। इसके तहत जहाजों को या तो उत्तर में ईरानी जलक्षेत्र से या फिर दक्षिण में ओमानी जलक्षेत्र के माध्यम से बाहर निकाला जाना था। इस यातायात पृथक्करण योजना को संगठन द्वारा वर्ष 1968 में अपनाया गया था, जिसने ईरानी और ओमानी जलक्षेत्र के माध्यम से जहाजों के लिए विशेष रूटिंग लेन स्थापित की थीं।

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस समय जलमार्ग का केंद्रीय हिस्सा उपयोग के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। महानिदेशक डोमिंगुएज के अनुमान के मुताबिक इस क्षेत्र में वर्तमान में लगभग अस्सी विस्फोटक बारूदी सुरंगें मौजूद हैं। इस गंभीर खतरे के कारण अभी भी फंसे हुए पांच सौ से अधिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में कुछ हफ्तों का लंबा समय लग सकता है। अधिकारी इस अभियान को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिशों में जुटे हैं।

भविष्य की रणनीति

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन का मानना है कि जितनी जल्दी इस अभियान को दोबारा शुरू किया जाएगा, उतनी ही तेजी से सुरक्षित निकाले जाने वाले जहाजों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इस पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर सभी देशों से सुरक्षा गारंटी मिलना अनिवार्य है। वैश्विक व्यापार के इस संवेदनशील समुद्री रास्ते में फंसे नाविकों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठन और उनके परिवार लगातार अपनी गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

बारूदी सुरंगों की उपस्थिति के कारण जहाजों को आगे बढ़ाना बेहद जोखिम भरा काम है, जिससे कूटनीतिक मध्यस्थता ही एकमात्र रास्ता बची है। संयुक्त राष्ट्र इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है ताकि खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा सके। आने वाले दिनों में विभिन्न देशों के बीच होने वाली वार्ताओं के परिणाम ही इस सुरक्षित निकासी की योजना की सफलता और इसकी भविष्य की दिशा को तय करेंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और संवेदनशील जलमार्गों में सुरक्षा परिवर्तनों के इस नाजुक दौर में व्यापारिक समुदायों को अत्यंत सतर्कता बरतनी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 27, 2026: 12:44 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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