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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 27 Jun 2026 · 6:34 PM

अनाज बैंक का सफल संचालन: ओडिशा के गांव में धान बनी अनोखी मुद्रा

अनाज बैंक का सफल संचालन

संबलपुर, ओडिशा। जिले के कुचिंडा उपखंड के अंतर्गत जमनकिरा ब्लॉक में स्थित टिकिबा गांव के कंधापाड़ा टोले में रहने वाले चालीस आदिवासी परिवार मिलकर इस अनूठे अनाज बैंक का सफल संचालन कर रहे हैं। यह पूरी व्यवस्था किसी कागजी कार्रवाई या पारंपरिक बैंक के नियमों के बजाय पूरी तरह से आपसी विश्वास और सामुदायिक भागीदारी पर टिकी हुई है। संकट के समय यह बैंक ग्रामीणों को धान और आपातकालीन नकद ऋण प्रदान करता है ताकि गांव के किसी भी परिवार को भुखमरी या बेबसी का सामना न करना पड़े। [1]

इस अनाज बैंक का नियम बेहद सरल और पारदर्शी है। हर साल पौष पूर्णिमा के अवसर पर प्रत्येक परिवार अपनी व्यक्तिगत क्षमता के अनुसार धान का योगदान करता है जिसे एक रजिस्टर में बकायदा दर्ज किया जाता है। जब भी किसी परिवार को भोजन की कमी या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो उन्हें सामुदायिक स्टॉक से आवश्यक धान दे दिया जाता है। बाद में वे इसे ब्याज के रूप में थोड़ी अतिरिक्त मात्रा के साथ लौटा देते हैं जिससे अनाज बैंक का सफल संचालन निर्बाध रूप से चलता है।

समिति की कार्यप्रणाली

गांव की एक युवा समिति इस पूरे अनाज बैंक के प्रबंधन को बहुत जिम्मेदारी से संभालती है। जब किसी परिवार पर कोई विपत्ति आती है, तो वे समिति से संपर्क कर अपनी जरूरत बताते हैं। समिति बैठक में इस अनुरोध पर चर्चा करने के बाद आवश्यक मात्रा में अनाज स्वीकृत कर देती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह व्यवस्था दशकों से सफल रही है क्योंकि हर कोई रिकॉर्ड का सम्मान करता है। अनाज बैंक का सफल संचालन सुनिश्चित करने के लिए बैठक बुलाने हेतु पारंपरिक घंटी बजाई जाती है।

घंटी सुनते ही सभी निवासी गांव के केंद्र में स्थित अनाज बैंक भवन में एकत्र हो जाते हैं। इस भवन का निर्माण पूरी तरह से सामुदायिक प्रयास से किया गया था जिसमें ग्रामीणों ने स्वेच्छा से श्रमदान और वित्तीय योगदान दिया था। बैंक के अंदर भविष्य की आपात स्थितियों के लिए धान की बोरियों को बहुत सावधानी से संग्रहीत किया जाता है। अनाज का स्टॉक अधिशेष होने पर उसका एक हिस्सा बेच दिया जाता है और उससे प्राप्त राशि को समिति के अध्यक्ष और सचिव द्वारा संचालित एक संयुक्त बैंक खाते में जमा किया जाता है।

आर्थिक सहयोग व्यवस्था

वर्तमान में इस संयुक्त खाते में एक लाख रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है। आपातकालीन स्थितियों के लिए कुछ नकदी भी पदाधिकारियों के पास हमेशा उपलब्ध रहती है। हाल के दिनों में अनाज के अलावा यह समुदाय शादियों, चिकित्सा उपचार और अन्य आपात स्थितियों के लिए छोटे नकद ऋण भी दे रहा है। इसके तहत उधारकर्ताओं को प्रति सौ रुपये पर बीस रुपये का वार्षिक ब्याज देना होता है। हालांकि चिकित्सा आपात स्थिति या परिवार में किसी की मृत्यु होने पर लिया जाने वाला ऋण पूरी तरह से ब्याज मुक्त होता है।

"यह सिर्फ एक अनाज बैंक नहीं है। यह भाईचारे की भावना पर चलने वाला बैंक है। जब भी कोई संकट आता है, पूरा गांव साथ खड़ा होता है।" -दुर्योधन प्रधान, सचिव

सचिव दुर्योधन प्रधान ने बताया कि अनाज बैंक का सफल संचालन चार दशक पहले शुरू हुआ था जब बुजुर्गों ने महसूस किया कि विपत्ति में लोगों को अपने समुदाय पर निर्भर होना चाहिए। पहले यह गांव अक्सर गरीबी, सूखे और भोजन की कमी से प्रभावित रहता था। हमारे दादा-दादी ने इस बैंक की शुरुआत तब की थी जब लोग बेहद गरीब थे। फसल कटाई के बाद सबने योगदान दिया। परिवार कठिन समय में अनाज उधार लेते थे और अगली फसल के बाद उसे लौटा देते थे।

धरोहर और परंपरा

अनाज बैंक का सफल संचालन आज इतने बड़े पैमाने पर पहुंच चुका है क्योंकि वापस मिलने वाला अतिरिक्त अनाज लगातार जमा होता गया। समिति अब पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत अनाज रजिस्टर, बैठक रिकॉर्ड और केस बुक का रखरखाव करती है। अनाज बैंक के अध्यक्ष धरणीधर देहुरी ने बताया कि ग्रामीण हर साल पौष पूर्णिमा के दौरान अनाज का योगदान करते हैं, जबकि ऋण का वितरण आमतौर पर भाद्रव के महीने में किया जाता है।

"अगर किसी को शादी, बीमारी या आपात स्थिति के लिए साल के बीच में मदद चाहिए, तो हम तुरंत सहायता प्रदान करते हैं।" -धरणीधर देहुरी, अध्यक्ष

इस बैंक की कहानी उस समय से जुड़ी है जब यह क्षेत्र भागवत पाठ के लिए जाना जाता था। बुजुर्ग हर शाम भक्ति पाठ और चर्चा के लिए इकट्ठा होते थे। ऐसी ही एक बैठक में बार-बार फसल खराब होने और भोजन की कमी का मुद्दा उठा, जिसके बाद इस साझा अनाज भंडार को बनाने का निर्णय लिया गया। बहत्तर वर्षीय ग्रामीण सुरेश प्रधान ने बताया कि पहले बुजुर्ग घर-घर जाकर धान इकट्ठा करते थे। अनाज बैंक का सफल संचालन आज भी ग्रामीणों के अनुशासन और अटूट विश्वास के कारण पूरी मजबूती से जारी है।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। ग्रामीण विकास और सामुदायिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए स्थानीय स्तर पर आपसी सहयोग और पारदर्शिता को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 27, 2026: 6:34 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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