WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News टेक्नोलॉजी Digital Newsletter 27 Jun 2026 · 6:53 PM

इसरो ने रचा नया इतिहास सेमी क्रायोजेनिक इंजन का सफल हॉट टेस्ट पूरा

इंजन का सफल हॉट टेस्ट

चेन्नई, तमिलनाडु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अपने सेमी क्रायोजेनिक इंजन पावर हेड टेस्ट आर्टिकल का एक सौ पचहत्तर टन के थ्रस्ट स्तर पर सफलतापूर्वक हॉट टेस्ट पूरा कर लिया है। यह परीक्षण तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया गया था। यह परीक्षण पावर हेड टेस्ट आर्टिकल का उपयोग करके आयोजित हॉट परीक्षणों की श्रृंखला में आठवां स्थान रखता है। इस विशेष परीक्षण आर्टिकल के भीतर थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर इंजन की बाकी सभी प्रमुख प्रणालियों को शामिल किया गया था ताकि तकनीकी दक्षता जांची जा सके। [1]

इस नवीनतम परीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्री बर्नर इग्निशन के बाद बिल्ड अप चरण के दौरान इंजन के वास्तविक प्रदर्शन का गहराई से अध्ययन करना था। इसके साथ ही काफी उच्च थ्रस्ट स्तर पर स्थिर अवस्था के संचालन का प्रदर्शन करना भी इसका लक्ष्य था। अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में पहली बार इंजन पावरहेड को एक सौ पचहत्तर टन के थ्रस्ट पर संचालित किया गया है। यह शक्ति इस विशेष इंजन की पूरी घोषित क्षमता का लगभग अठासी प्रतिशत प्रतिनिधित्व करती है जो वैज्ञानिकों के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

इसरो की तकनीकी प्रगति

इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने शनिवार को बताया कि हालिया प्रोपल्शन संबंधी परीक्षण एक बड़ी उपलब्धि और मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि गगनयान मिशन अत्यधिक तकनीक आधारित है और मानव उड़ान से पहले इसमें कई मानवरहित मिशन शामिल किए जाएंगे। थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर किए गए इस परीक्षण में वैज्ञानिकों ने थ्रस्ट लोड का लगभग नब्बे प्रतिशत हिस्सा सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है। इस बड़ी कामयाबी के बाद अब वैज्ञानिक मुख्य इंजन का सफल हॉट टेस्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार हो रहे हैं।

"एक परीक्षण जो थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर आयोजित किया गया था, हमने थ्रस्ट लोड का लगभग नब्बे प्रतिशत हिस्सा ले लिया है। यह एक बड़ी उपलब्धि और मील का पत्थर था, और अब हम इंजन परीक्षण के लिए तैयार हो रहे हैं। उपग्रह तैयार हैं, और हम उस पर काम कर रहे हैं, एक सटीक तारीख जल्द ही प्रदान की जाएगी।" — वी नारायणन, अध्यक्ष, इसरो

अध्यक्ष ने आगे कहा कि मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम में बेहद सख्त सत्यापन प्रोटोकॉल शामिल होते हैं। गगनयान एक अत्यंत तकनीक प्रधान मिशन है जिसके कारण हमें वाहन का मानव रेंटिंग परीक्षण करना होगा। वास्तविक मनुष्यों को अंतरिक्ष में भेजने से पहले हमें तीन मानवरहित मिशनों को पूरा करना होगा। अंतरिक्ष एजेंसी इस समय पहले मानवरहित मिशन की दिशा में तेजी से काम कर रही है जिसकी अंतिम तारीखों के बारे में बहुत जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इस मिशन से पहले इंजन का सफल हॉट टेस्ट होना बेहद जरूरी था।

परीक्षण के मुख्य परिणाम

इससे पहले के परीक्षण चरण में क्रमशः चौरानवे टन यानी सैंतालीस प्रतिशत थ्रस्ट और एक सौ बीस टन यानी साठ प्रतिशत थ्रस्ट स्तर पर सफलतापूर्वक काम पूरा किया गया था। इस नवीनतम परीक्षण के दौरान इंजन के मुख्य टर्बोपंपों ने भी अपनी डिजाइन के अनुसार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस प्रक्रिया के दौरान टर्बोपंपों ने चार सौ और पांच सौ बार का आउटलेट दबाव प्रदान किया। इसरो ने बताया कि परीक्षण बिल्कुल उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ा और सभी मानक तय सीमा के भीतर रहे।

इस सफल प्रदर्शन ने अंतरिक्ष एजेंसी को पूर्ण दो सौ टन थ्रस्ट स्तर पर इंजन का परीक्षण करने के लिए आवश्यक आत्मविश्वास प्रदान किया है। इस कारण स्वदेशी सेमी क्रायोजेनिक इंजन कार्यक्रम पूरा होने के बेहद करीब पहुंच गया है। दो हजार किलोन्यूटन श्रेणी के इंजन द्वारा संचालित सेमी क्रायोजेनिक प्रोपल्शन स्टेज को भारत के सबसे भारी परिचालन प्रक्षेपण यान लॉन्च व्हीकल मार्क तीन के मौजूदा तरल कोर स्टेज को बदलने के लिए विकसित किया जा रहा है। इस अपग्रेड से पहले इंजन का सफल हॉट टेस्ट एक अनिवार्य प्रक्रिया थी।

भविष्य के अंतरिक्ष मिशन

इस तकनीकी अपग्रेड से रॉकेट की पेलोड ले जाने की क्षमता में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके साथ ही रॉकेट के समग्र प्रदर्शन और परिचालन दक्षता में भी बड़ा सुधार होगा। पारंपरिक प्रणोदन प्रणालियों के विपरीत यह सेमी क्रायोजेनिक इंजन पर्यावरण के अनुकूल और गैर विषैले प्रणोदकों का उपयोग करता है। इसमें मुख्य रूप से लिक्विड ऑक्सीजन और शुद्ध केरोसिन का उपयोग किया जाता है जिसे इसरोसीन नाम दिया गया है। नया इंजन का सफल हॉट टेस्ट आगामी जटिल अभियानों को मजबूती देगा।

इसरो के अनुसार नए सेमी क्रायोजेनिक स्टेज को अपग्रेड किए गए क्रायोजेनिक अपर स्टेज के साथ एकीकृत किया जाएगा। यह तकनीकी संयोजन लॉन्च व्हीकल मार्क तीन की क्षमताओं को काफी मजबूत करेगा। यह भविष्य के उच्च क्षमता वाले उपग्रह प्रक्षेपणों, गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण मिशनों और भारत के बढ़ते मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को पूरी तरह से समर्थन प्रदान करेगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि इंजन का सफल हॉट टेस्ट देश को अंतरिक्ष विज्ञान में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी अनुसंधानों के इस दौर में पाठकों को आधिकारिक वैज्ञानिक घोषणाओं को ही प्रामाणिक मानना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 27, 2026: 6:53 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —