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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 28 Jun 2026 · 11:59 AM

द्विपक्षीय वार्ता में दक्षिण कोरिया जापान संबंध को मिली नई मजबूती

सियोल में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक

सियोल, दक्षिण कोरिया। वैश्विक स्तर पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच दक्षिण कोरिया जापान संबंध मजबूत करने और अपनी द्विपक्षीय सुरक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। दोनों देशों ने संयुक्त खोज और बचाव अभ्यास को फिर से शुरू करने पर आपसी सहमति जताई है। सियोल में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री आह्न ग्यु बैक और उनके जापानी समकक्ष शिंजिरो कोइजुमी के बीच हुई इस वार्ता के बाद दक्षिण कोरिया जापान संबंध को एक नया और बेहद मजबूत धरातल मिला है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए इस रक्षा नीति को एक बड़ा और ऐतिहासिक टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। [1]

इस समय क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में दक्षिण कोरिया जापान संबंध को सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है क्योंकि दोनों ही देश वाशिंगटन के साथ अपनी त्रिपक्षीय रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं। यह दोनों देशों के बीच आयोजित रक्षा वार्ता का छठा दौर था जो बेहद सफल रहा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार दोनों मंत्रियों ने गंभीर सुरक्षा माहौल के बीच क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए तकनीकी सहयोग जारी रखने पर साझा विचार व्यक्त किए हैं, जिससे आने वाले समय में दोनों सेनाओं के बीच ज़मीनी स्तर पर सुरक्षा सहयोग की राह बेहद आसान होगी।

कूटनीतिक बदलाव 

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों ने इस नए सुरक्षा समझौते को ऐतिहासिक बताया है। दक्षिण कोरिया और जापान दोनों ही देश अमेरिकी प्रोत्साहन के साथ साल 2012 से लगातार करीबी संबंध विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं। इस नीति का मुख्य उद्देश्य उनके बीच के कड़वे ऐतिहासिक मतभेदों को पूरी तरह से दूर करना है। इस सकारात्मक और दूरगामी रक्षा नीति को वर्तमान राष्ट्रपति ली जे म्युंग और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची द्वारा भी निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। साल 2019 में सियोल ने जापान के साथ खूफिया जानकारी साझा करने वाले समझौते को समाप्त करने का कड़ा कदम उठाया था।

यह कड़ा कदम तब उठाया गया था जब टोक्यो ने सेमीकंडक्टर सामग्री के निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया था और दक्षिण कोरिया को अपनी तरजीही व्यापार सूची से हटा दिया था। यह विवाद कोरियाई प्रायद्वीप पर जापान के औपनिवेशिक शासन से जुड़ी पुरानी शिकायतों के कारण उत्पन्न हुआ था। साल 2025 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिगेरु इसिबा और राष्ट्रपति ली ने करीबी सुरक्षा और आर्थिक संबंधों पर सहमति व्यक्त की थी। इसके बाद दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम करना शुरू किया। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने वाशिंगटन के साथ मिलकर उत्तर कोरिया के परमाणु खतरे के खिलाफ काम करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

सैन्य सहयोग का विस्तार

इस नए सहयोग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवरहित प्रणालियों पर काम करना शामिल है। ताकाइची और ली ने जनवरी 2026 में शटल डिप्लोमेसी को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की थी और मई में ऊर्जा क्षेत्र पर सहयोग का विस्तार किया था। रविवार को दोनों नेताओं ने अपनी वायु सेनाओं के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई जिसके तहत दक्षिण कोरिया की ब्लैक ईगल्स और जापान की  ब्लू इम्पल्स एरोबैटिक टीमों के बीच विनिमय को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि विभिन्न समुद्री दुर्घटना परिदृश्यों के लिए डिज़ाइन किए गए खोज और बचाव अभ्यासों को और आगे बढ़ाया जा सके। दोनों ने इससे पहले जनवरी में जापान में बातचीत की थी।

दोनों पक्ष जून में एक संयुक्त मानवीय खोज और बचाव अभ्यास आयोजित करने पर भी सहमत हुए थे जो लगभग एक दशक में पहला अभ्यास है। हालांकि इन सबके बीच दोनों देशों के रिश्तों में तनाव अब भी पूरी तरह बरकरार है। इसमें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सैन्य वेश्यालयों में काम करने के लिए मजबूर की गई कोरियाई महिलाओं पर पुराने विवाद शामिल हैं। इन ऐतिहासिक और क्षेत्रीय विवादों के बावजूद दोनों देश अपने रक्षा और रणनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले समय में दक्षिण कोरिया जापान संबंध का यह नया सुरक्षा ढांचा वैश्विक कूटनीति में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों के संवेदनशील मामलों में परिस्थितियां परिवर्तनशील हो सकती हैं इसलिए आधिकारिक जानकारियों की पुष्टि आवश्यक है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 28, 2026: 11:59 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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