WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News आम सूचना Digital Newsletter 28 Jun 2026 · 7:32 PM

बिना दस्तावेज कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले लोग न लें जोखिम

Kailash Mansarovar Yatra route, in Pithoragarh. (ANI)

नई दिल्ली, दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने निजी टूर ऑपरेटरों द्वारा आयोजित यात्राओं के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय नागरिकों को सतर्क किया है। इसके साथ ही सरकार ने सभी तीर्थयात्रियों से यह सत्यापित करने के लिए भी कहा है कि उनका टूर ऑपरेटर विधिवत पंजीकृत और अधिकृत है या नहीं। मंत्रालय ने शनिवार देर रात एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को सूचित किया कि बिना उचित तैयारी और वैध वीजा के सीमा पार जाने का प्रयास करना उनके लिए भारी पड़ सकता है। [1]

मंत्रालय को निजी टूर ऑपरेटरों द्वारा आयोजित दौरों के माध्यम से चीन के लिए आवश्यक प्रवेश परमिट और वीजा के बिना कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले और नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों से मदद और सहायता के कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए यह विशेष परामर्श जारी किया गया है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि जब तक पूरी यात्रा के लिए सभी आवश्यक यात्रा दस्तावेज प्राप्त न हो जाएं तब तक वे भारत से अपनी यात्रा शुरू न करें।

दस्तावेज अनिवार्य

बिना पुष्टि वाले दस्तावेजों के या आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने की प्रत्याशा में यात्रा शुरू करने से तीर्थयात्रियों के बीच रास्ते में ही फंसने की संभावना काफी बढ़ जाती है। विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि सभी यात्रियों को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही कागजी कार्रवाई पूरी करनी चाहिए। किसी भी अनधिकृत एजेंट के बहकावे में आकर अपनी कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है जिसके लिए यात्रियों को स्वयं जिम्मेदार होना पड़ेगा।

मंत्रालय ने इस संबंध में बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए तीर्थयात्रियों को जमीनी स्तर पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस विषय पर अपनी बात रखते हुए आधिकारिक तौर पर कहा है:

"तीर्थयात्रियों को यह सत्यापित करने की भी दृढ़ सलाह दी जाती है कि उनका टूर ऑपरेटर विधिवत पंजीकृत और अधिकृत है।" — विदेश मंत्रालय

इस प्रकार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पंजीकरण वाले ऑपरेटरों के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने से बचना ही हितकर होगा।

यात्रा के मार्ग

इससे पहले अप्रैल के महीने में मंत्रालय ने घोषणा की थी कि वार्षिक कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष जून से अगस्त तक 2 मार्गों के माध्यम से आयोजित होने वाली है। इनमें उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा और सिक्किम में नाथू ला दर्रा शामिल हैं। भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य करने के प्रयासों के तहत लगभग 5 वर्षों के अंतराल के बाद पिछले वर्ष इस महत्वपूर्ण यात्रा को दोबारा बहाल किया गया था।

यह यात्रा शुरुआत में 2020 में कोविड महामारी के कारण निलंबित कर दी गई थी और बाद में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिरोध के कारण इसे बंद रखना पड़ा था। अब जब यह दोबारा शुरू हुई है तो नियमों का पालन करना आवश्यक है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और नियमों की अनदेखी कर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकलने वाले लोगों को गंभीर कानूनी और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर जाने से पहले संबंधित मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस और अधिकृत वेबसाइट से दस्तावेजों की जांच अवश्य करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 28, 2026: 7:32 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —