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Rex TV India
Latest News बाज़ार और निवेश Digital Newsletter 29 Jun 2026 · 12:26 PM

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें फिर बढ़ीं

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

काहिरा, मिस्र। अमेरिका और ईरान के बीच हुए जवाबी हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इस सैन्य टकराव ने दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है, जिसके कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से ऊर्जा जहाजों का आवागमन एक बार फिर धीमा हो गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 58 सेंट या 0.8 प्रतिशत बढ़कर 72.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 88 सेंट या 1.3 प्रतिशत बढ़कर 70.11 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड में 10.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, जो इसकी लगातार तीसरी साप्ताहिक गिरावट थी। फरवरी के अंत में ईरान पर शुरू हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद इस जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की शिपमेंट पिछले सप्ताह अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि, गुरुवार से जलडमरूमध्य में कतर से जुड़े एक तेल टैंकर सहित अन्य जहाजों पर नए हमलों के बाद यातायात काफी धीमा हो गया है। इस घटना ने अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद से अब तक के सबसे खराब सैन्य तनाव को जन्म दे दिया है। [1]

सप्लाई और बाजार

कच्चे तेल की कीमतें ना बढ़ें इसे नियंत्रित करने के लिए ईरान और अमेरिका खाड़ी में हालिया शत्रुता को रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विवाद पर वार्ता को नवीनीकृत करने पर सहमत हुए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने रविवार को इस बात की पुष्टि की है कि दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भौतिक प्रवाह अभी भी टैंकरों के बैकलॉग, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे और उत्पादन बंद होने के कारण गंभीर रूप से बाधित है। इस आपूर्ति व्यवस्था को संघर्ष से पहले के स्तर पर वापस आने में इस वर्ष का शेष समय लग सकता है।

सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको ने अंतरिम समझौते से पहले उत्पादकों द्वारा उत्पादन और निर्यात बढ़ाने के बाद शुक्रवार को रास तनुरा टर्मिनल पर कच्चे तेल की लोडिंग फिर से शुरू कर दी थी। लगभग चार महीने तक बंद रहने के बाद इस टर्मिनल पर लोडिंग का काम दोबारा शुरू किया गया था। रविवार को रास तनुरा में कंपनी का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 14 नागरिकों की मौत हो गई। हालांकि, इस हादसे के बाद भी तेल की लोडिंग जारी रही और दुर्घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

वैश्विक प्रभाव

विश्लेषकों का कहना है कि तेल बाजार को अभी भी कई बड़े जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार के प्रतिभागी इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि तेल प्रवाह में निरंतर सुधार का वैश्विक संतुलन पर क्या असर पड़ेगा। तेल की आपूर्ति बहाल होने की प्रक्रिया धीमी साबित होने पर आने वाले दिनों में बाजार के लिए महत्वपूर्ण उल्टा जोखिम बना रहेगा। फारस की खाड़ी से तेल आपूर्ति की त्वरित रिकवरी के अनुमानों पर बाजार को अपने मूल्यांकन को नए सिरे से परखना होगा क्योंकि इस अस्थिरता के बीच कच्चे तेल की कीमतें लगातार प्रभावित हो रही हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। वैश्विक ऊर्जा बाजारों, कच्चे तेल की दरों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में होने वाले बदलावों के लिए आधिकारिक व्यापारिक बुलेटिनों को अवश्य देखें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी June 29, 2026: 12:26 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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