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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 02 Jul 2026 · 4:39 PM

चट्टान ढहने से हादसा, मृतकों का आंकड़ा बढ़ा, घायलों का इलाज जारी

चट्टान ढहने से हादसा

बेंगलुरु, भारत। बेंगलुरु दक्षिण जिले के अंतर्गत आने वाले मडपट्टना क्षेत्र में गुरुवार तड़के एक भीषण औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है। यहाँ एक स्टोन क्रशर साइट पर खनन कार्यों में लगे दिहाड़ी मजदूरों पर ऊपर से विशाल पत्थर गिर गए। मलबे के नीचे दब जाने से यह हादसा इतना विनाशकारी था कि साइट पर खड़े ट्रैक्टर और लोडिंग वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह हादसा उस समय घटित हुआ जब मजदूर नियमित रूप से उत्खनन प्रक्रिया का संचालन कर रहे थे और तभी अचानक चट्टान ढहने से हादसा हो गया। [विडियो]

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और बचाव दल त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे दुर्घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है और भारी मशीनों की मदद से मलबे को हटाने के साथ-साथ अन्य संभावित दबे हुए श्रमिकों की तलाश की जा रही है। साइट पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी मजदूर के अनुसार, वहाँ बिहार और उत्तरी कर्नाटक के लगभग 18 श्रमिक कार्यरत थे, जिन पर करीब 40 फीट की ऊंचाई से यह मलबा गिरा। गंभीर रूप से घायलों को तुरंत उपचार के लिए पास के एक निजी चिकित्सालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। [1]

प्रशासनिक संलिप्तता के आरोप

दुर्घटना के शुरुआती घंटों में स्थानीय प्रशासन द्वारा सात श्रमिकों की मृत्यु की पुष्टि की गई थी, लेकिन इस चट्टान ढहने से हादसा का प्रभाव समय बीतने के साथ और गंभीर हो गया है। स्थानीय विधायक एस. टी. सोमशेखर ने अस्पताल से प्राप्त ताजा जानकारी का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि गंभीर रूप से घायल एक और श्रमिक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है, जिससे अब इस हादसे में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर आठ हो गई है। उन्होंने आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया कि वे विगत कई वर्षों से इस विशिष्ट क्षेत्र में संचालित हो रहे अवैध खनन के खिलाफ निरंतर आवाज उठा रहे हैं और नियमों की अनदेखी के कारण ही आज यह चट्टान ढहने से हादसा सामने आया है।

विधायक ने इस संपूर्ण अवैध कारोबार में पुलिस, वन विभाग और खनन विभाग के अधिकारियों की प्रत्यक्ष मिलीभगत होने का गंभीर आरोप लगाया है कि उनकी लापरवाही से ही यह भयावह हादसा घटित हुआ। उन्होंने राज्य सरकार से पुरजोर मांग की है कि इस आपराधिक कृत्य में संलिप्त किसी भी रसूखदार व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। स्थानीय कर्मियों के अनुसार, कुछ घायल श्रमिकों की स्थिति अब भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण इस हादसे में हताहतों की संख्या में और फेरबदल होने की आशंका बनी हुई है। इस अचानक आई आपदा के बाद पीड़ित परिवारों के विलाप से संपूर्ण परिक्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।

"खनन कार्यों में लगे श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान प्रबंधन का प्राथमिक और विधिक कर्तव्य है। नियमों का उल्लंघन करने वाली सभी कंपनियों के खिलाफ सरकार अत्यंत सख्त विधिक कार्रवाई करेगी।" — डी. के. शिवकुमार, मुख्यमंत्री (आधिकारिक वक्तव्य)

सुरक्षा मानकों की समीक्षा

मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस घटना के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाली दोषी कंपनियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी इस विशिष्ट क्षेत्र में किए जाने वाले अनियंत्रित विस्फोटों के कारण एक वन्यजीव (तेंदुए) की मौत का मामला प्रकाश में आया था, जब इसी तरह नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा था और पर्यावरण मानकों का उल्लंघन हुआ था।

पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर व्यापक विधिक जांच प्रारंभ कर दी है। जांच अधिकारी तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि पत्थरों के खिसकने के पीछे का मुख्य तकनीकी कारण क्या था और क्या खदान में अनिवार्य सुरक्षा मानदंडों की जानबूझकर उपेक्षा की गई थी। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक पद्धतियों को दरकिनार कर किए गए भारी विस्फोटों के कारण ही यह अचानक चट्टान ढहने से हादसा हुआ, जिसने एक बार फिर देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की कार्यस्थल सुरक्षा को नीतिगत चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट स्थानीय पुलिस प्रशासन, चश्मदीदों और आधिकारिक बयानों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। खदान दुर्घटनाओं, कानूनी जांच और हताहतों के सटीक आंकड़ों के संबंध में केवल संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 2, 2026: 4:39 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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