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Rex TV India
Latest News टेक्नोलॉजी Digital Newsletter 03 Jul 2026 · 2:26 PM

चलते वाहन को रिमोट से रोकने वाले चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध से मची खलबली

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली। देश में सार्वजनिक परिवहन और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा डिजिटल सुरक्षा कदम उठाया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें देखा गया कि कुछ मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करके चलते हुए ई-रिक्शा को दूर से ही अचानक रोक दिया गया। इस गंभीर तकनीकी चूक और इसके दुरुपयोग को देखते हुए सरकार ने इन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है और BAT-BMS, Lossigy तथा Epoch-i-ion जैसे चीनी ऐप्स को तुरंत प्ले स्टोर से हटाने का आदेश दिया है। [1]

सुरक्षा का खतरा

सरकारी जांच और तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, ये मोबाइल एप्लीकेशन मूल रूप से लिथियम-आयन बैटरी की सेहत जांचने, उसका वोल्टेज देखने और सर्विसिंग को आसान बनाने के उद्देश्य से विकसित किए गए थे। हालांकि, जमीन पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इनका गलत इस्तेमाल किया जाने लगा। इन ऐप्स के जरिए कोई भी अनधिकृत व्यक्ति वाहन चालक की अनुमति के बिना ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट हो सकता था और रिमोटली उसकी पॉवर सप्लाई को पूरी तरह बंद कर सकता था। सुरक्षा के इसी बड़े खतरे को भांपते हुए केंद्र ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन विवादित ऐप्स पर प्रतिबंध लागू करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जोखिम का कारण

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, BAT-BMS और इसके जैसे अन्य ऐप ब्लूटूथ तकनीक के जरिए वाहनों में लगे 'बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम' (BMS) से जुड़ते हैं। आमतौर पर इनका काम बैटरी का चार्ज, तापमान और वोल्टेज की निगरानी करना होता है। लेकिन बाजार में मौजूद कुछ कम लागत वाली या सस्ते सुरक्षा मानकों वाली लिथियम-आयन बैटरियों में कोई मजबूत पासवर्ड या सुरक्षा एन्क्रिप्शन नहीं दिया गया था। इस सुरक्षा चूक का फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति ब्लूटूथ की रेंज (लगभग 10 से 15 मीटर) के भीतर आकर वाहन की बैटरी से जुड़ जाता था और ऐप में मौजूद 'ऑन-ऑफ' या 'डिस्चार्ज' बटन दबाकर चलते ई-रिक्शा को बीच सड़क पर रोक देता था, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों से भीषण टक्कर होने का खतरा बना रहता था।

 कड़े प्रशासनिक कदम

इस तकनीकी खामी और इसके अवांछित इस्तेमाल को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐप स्टोर से इन चिन्हित ऐप्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, हालांकि तकनीकी कारणों से इसमें कुछ समय लग सकता है। इसके साथ ही ऐसे अन्य सभी ऐप्स की पहचान भी की जा रही है जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं ताकि आने वाले दिनों में ऐसे सभी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया जा सके।

"ऐप स्टोर संचालकों को अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ऐसे ऐप्स की जांच में अधिक सतर्कता और जिम्मेदारी बरतनी होगी। सरकार अब ऐप स्टोर कंपनियों के साथ मिलकर एक ऐसा मजबूत और सुरक्षित तंत्र तैयार करने जा रही है, जिससे भविष्य में सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिकों के जीवन को खतरे में डालने वाले ऐसे अनधिकृत ऐप डिजिटल स्पेस में उपलब्ध ही न हो सकें।" — एस. कृष्णन, आईटी सचिव

विशेषज्ञों की राय 

इस तकनीकी संकट पर ऑटोमोबाइल और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के एक बड़े पैनल ने चालकों को आश्वस्त किया है कि यह समस्या सभी ई-रिक्शा वाहनों में नहीं है। यह जोखिम केवल उन्हीं चुनिंदा वाहनों तक सीमित है जिनमें ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरी लगी है और जिनकी सुरक्षा सेटिंग्स को डिफ़ॉल्ट रूप से छोड़ दिया गया है। देश में चल रहे पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी वाले अधिकांश ई-रिक्शा इस समस्या से पूरी तरह अप्रभावित और सुरक्षित हैं।

"लिथियम बैटरी का उपयोग करने वाले चालक सबसे पहले अपनी बैटरी का डिफ़ॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें और एक मजबूत पासवर्ड सेट करें। यदि बैटरी के सिस्टम में ऐप कंट्रोल लॉक या रिमोट कंट्रोल लॉक का विकल्प मौजूद हो, तो उसे हमेशा सक्रिय रखें। इसके अलावा, जिन चालकों को रोज़मर्रा के काम में ब्लूटूथ मॉनिटरिंग की कोई आवश्यकता नहीं है, वे किसी प्रमाणित तकनीशियन की मदद लेकर बैटरी के ब्लूटूथ मॉड्यूल को ही स्थायी रूप से बंद करवा सकते हैं ताकि कोई अन्य मोबाइल उससे कनेक्ट ही न हो पाए।" — तकनीकी विशेषज्ञ समूह

केंद्र सरकार का मानना है कि इन चीनी ऐप्स पर त्वरित दंडात्मक कार्रवाई करने और असुरक्षित सुरक्षा मानकों वाले ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने से इस प्रकार की अवांछित और खतरनाक घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और आधिकारिक सरकारी स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक और सार्वजनिक सुरक्षा जागरूकता के उद्देश्य से किया गया है। व्यावसायिक और निजी ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहनों की तकनीकी सुरक्षा और बैटरी पासवर्ड सेटिंग्स को अपडेट रखने की सलाह दी जाती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 3, 2026: 2:26 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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