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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 04 Jul 2026 · 12:34 PM

रोजगार और सुविधाओं को लेकर नई वीबीजीआरवाई मेट नियमावली की उठी मांग

ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए

पाटन, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। पंचायत समिति पाटन क्षेत्र में वीबीजीआरवाई योजना के अंतर्गत कार्यरत मेटों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम विकास अधिकारी के माध्यम से एक तेरह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मेटों ने बताया कि वे योजना के तहत पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से ग्रामीण विकास कार्यों का संचालन, श्रमिकों का प्रबंधन, ऑनलाइन कार्यवाही तथा विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें न तो स्थायी रोजगार मिला है और न ही उनकी सेवाओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

तेरह सूत्रीय मांग

ज्ञापन में मेटों ने प्रमुख रूप से सभी मेटों को स्थायी करने, सम्मानजनक मासिक वेतन निर्धारित करने, सामाजिक सुरक्षा, ईएसआई, बीमा और पेंशन योजना लागू करने की मांग की है। मेट संघ का कहना है कि उनके सुरक्षित भविष्य के लिए एक नई वीबीजीआरवाई मेट नियमावली बनाई जानी चाहिए। इसके अलावा समय पर वेतन भुगतान करने, अनुभव के आधार पर नियमितीकरण करने, तकनीकी प्रशिक्षण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा बिना उचित कारण के कार्य से नहीं हटाने जैसी मांगें भी प्रमुखता से शामिल की गई हैं।

इसके साथ ही मेटों ने यह भी मांग रखी है कि कार्य के दौरान उनके मान-सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस विधिक प्रावधान किए जाएं। सेवा नियमावली न होने से उन्हें अक्सर कई प्रशासनिक विसंगतियों का सामना करना पड़ता है जिससे कार्यक्षमता प्रभावित होती है। मेट संघ ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण विकास की रीढ़ होने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है जो पूरी तरह अनुचित है।

डिजिटल संसाधन जरूरी

नई वीबीजीआरवाई मेट नियमावली के लिए मेटों ने मांग रखी है कि ऑनलाइन कार्यों के लिए सरकारी एंड्रॉयड मोबाइल उपलब्ध कराया जाए तथा मोबाइल रिचार्ज और इंटरनेट का खर्च भी सरकार द्वारा वहन किया जाए। बढ़ते डिजिटल कार्यभार को देखते हुए समय-समय पर तकनीकी प्रशिक्षण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि कार्यों का संचालन बेहतर ढंग से हो सके। मेटों के अनुसार एक सुदृढ़ वीबीजीआरवाई मेट नियमावली के बिना ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और प्रशासनिक कार्यों को पारदर्शिता के साथ लागू करना बेहद कठिन साबित हो रहा है।

वर्तमान में अधिकांश विभागीय प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं जिससे कम पढ़े-लिखे या बिना तकनीकी संसाधन वाले मेटों को काम करने में भारी परेशानी आ रही है। सरकार को इन व्यावहारिक दिक्कतों को समझते हुए जल्द ही आवश्यक बजट और गैजेट्स की व्यवस्था करनी चाहिए। यदि मेटों को आधुनिक संसाधन और समय पर प्रशिक्षण मिल जाए तो ग्रामीण विकास की योजनाओं को अधिक गति और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारा जा सकेगा।

कार्य बहिष्कार की चेतावनी

ज्ञापन के अंत में मेट संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पंचायत समिति पाटन के समस्त वीबीजीआरवाई मेट लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से कार्य का बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। ऐसी स्थिति में कार्य प्रभावित होने तथा प्रशासनिक असुविधा उत्पन्न होने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। इस ज्ञापन के माध्यम से मेटों ने अपने अधिकारों और नई वीबीजीआरवाई मेट नियमावली के विधिक गठन के लिए पुरजोर आवाज बुलंद की है।

विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए मेटों ने इस दौरान अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया और कहा कि वे लंबे समय से इन मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन को उनके धैर्य की परीक्षा न लेते हुए तुरंत मुख्यमंत्री स्तर पर इस मामले को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। मेटों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता तब तक उनका शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। स्थानीय संगठनों की मांगों और प्रशासनिक कार्यवाहियों के विधिक क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित विभागों की होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 4, 2026: 12:34 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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