WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News उत्तर प्रदेश Digital Newsletter 04 Jul 2026 · 2:06 PM

श्रीमद्भागवत कथा वाचक के रूप में 9 वर्षीय बालिका ने बनाया रिकॉर्ड

श्रीमद्भागवत कथा वाचक मेधावी श्वेतिमा

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर बेलीपार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भस्मा गांव की रहने वाली मेधावी श्वेतिमा को सबसे कम उम्र की अंतर्राष्ट्रीय बाल व्यास यानी कुशल श्रीमद्भागवत कथा वाचक के रूप में आधिकारिक वैश्विक प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया है। जहां आमतौर पर बड़े-बड़े विद्वानों और आम लोगों को इस पावन धार्मिक ग्रंथ के श्लोकों, गूढ़ दर्शन और जीवन दर्शन को पूरी तरह समझने में वर्षों का लंबा समय लग जाता है, वहीं इस नन्हीं बालिका ने अपनी अद्भुत मेधा और अद्वितीय स्मरण शक्ति के बल पर इस बेहद कठिन माने जाने वाले आध्यात्मिक क्षेत्र में असाधारण महारत हासिल की है। उसकी इस अनूठी और अभूतपूर्व आध्यात्मिक उपलब्धि ने न केवल उसके परिवार को बल्कि पूरे देश को वैश्विक पटल पर गौरवान्वित किया है, जिसकी सामाजिक स्तर पर हर तरफ सराहना हो रही है। [1]

आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत

श्वेतिमा के पिता डॉ. सौरभ पांडेय ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बेटी ने महज छह वर्ष की अत्यंत छोटी सी उम्र से ही श्रीमद्भागवत कथा वाचक के रूप में विभिन्न धार्मिक मंचों और गंभीर आध्यात्मिक विमर्शों में सक्रिय रूप से भाग लेना शुरू कर दिया था। पिछले तीन वर्षों के इस छोटे से सफर में उसने अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 36 सप्ताह लंबी भव्य भागवत कथाओं का सफल वाचन किया है और 100 से अधिक बड़े धार्मिक आयोजनों में मुख्य वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर भारतीय संस्कृति तथा सनातन परंपराओं का पुरजोर प्रचार किया है।

संस्कृत के जटिल श्लोकों और शुद्ध हिंदी दोनों ही भाषाओं पर श्वेतिमा की असाधारण और मजबूत पकड़ है, जिसके चलते उसकी अनूठी कथा शैली और मंत्रमुग्ध कर देने वाले आध्यात्मिक प्रवचनों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से उसके हर कार्यक्रम में खिंचे चले आते हैं। कई बार तो ऐसा होता है कि एक स्थान पर उसकी कथा सुन चुके श्रद्धालु उसकी शैली के इस कदर मुरीद हो जाते हैं कि वे देश के दूसरे हिस्सों में होने वाले उसके आगामी कार्यक्रमों और आध्यात्मिक प्रवचनों का हिस्सा बनने के लिए भी बकायदा लंबी दूरियां तय करके वहां तक पहुंच जाते हैं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और संस्कार

इस नन्हीं श्रीमद्भागवत कथा वाचक की इस ऐतिहासिक और गौरवमयी सफलता के पीछे उसके माता-पिता द्वारा बचपन से दिए गए उच्च संस्कार और घर के भीतर का शुद्ध धार्मिक माहौल एक सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। श्वेतिमा के माता-पिता डॉ. सौरभ पांडेय और डॉ. रागिनी पांडेय समाज में सांप्रदायिक सद्भाव बढ़ाने, मानवता की सेवा करने और विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी कार्यों के लिए पूरे क्षेत्र में बड़े सम्मान के साथ जाने जाते हैं। उन्होंने अपने घर में ऐसा सकारात्मक परिवेश तैयार किया है जो न केवल उनके बच्चों को बल्कि आसपास के पूरे पड़ोस को भी सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित करता है।

इस आदर्श दंपत्ति ने समाज सेवा की दिशा में आगे बढ़ते हुए अपनी शादी की सालगिरह के पावन अवसर पर एम्स गोरखपुर में जाकर बकायदा अपने आवश्यक दस्तावेज जमा करके संपूर्ण देहदान करने का एक ऐतिहासिक संकल्प लिया है। माता-पिता के इसी सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी को देखकर श्वेतिमा के भीतर भी धार्मिक मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा पैदा हुई है, जिससे प्रेरित होकर उनके आसपास के ग्रामीण और अन्य लोग भी अब इस तरह के महान सामाजिक और कल्याणकारी कार्यों में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।

गौरव और भविष्य की राह

इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कीर्तिमान के सामने आने के बाद देश भर के प्रतिष्ठित संतों, जाने-माने शिक्षाविदों, समाजसेवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने श्वेतिमा की इस अद्भुत आध्यात्मिक उपलब्धि की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए अत्यंत गौरव का विषय बताया है। डॉ. पांडेय ने गर्व से कहा कि उनकी बेटी द्वारा देववाणी संस्कृत भाषा, सनातन धर्म और अमूल्य आध्यात्मिकता को संजोने के लिए किए जा रहे ये बाल प्रयास वास्तव में समाज को नई दिशा देने वाले हैं और पूरा परिवार श्रीमद्भागवत कथा वाचक की इस यात्रा में आगे भी पूरा सहयोग देता रहेगा।

उन्हें पूरा विश्वास है कि इस नए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मान और वैश्विक पहचान से श्वेतिमा का हौसला और अधिक बढ़ेगा, जिससे वह वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति और हमारे शाश्वत नैतिक मूल्यों के पावन संदेश को और अधिक ऊर्जा के साथ फैला सकेगी। इस नन्हीं उम्र में मिली इस बड़ी सफलता से अभिभूत होकर विभिन्न धार्मिक ट्रस्टों ने भी श्वेतिमा को आगामी राष्ट्रीय आयोजनों में आमंत्रित करने का सिलसिला शुरू कर दिया है, जिससे यह साफ है कि आने वाले समय में वह सनातन परंपरा के सबसे प्रखर बाल चेहरों में से एक बनकर उभरेगी।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 4, 2026: 2:06 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —