भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में शनिवार को ट्रांसपोर्ट कारोबार पूरी तरह ठप रहा। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री एवं जिला कलेक्टर के नाम एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर परिवहन व्यवसाय की समस्याएं शीघ्र हल करने की मांग की है। ज्ञापन में सरकार को आर-पार की लड़ाई की चेतावनी देते हुए सात दिन का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन और चक्का जाम शुरू किया जाएगा।
इस बंद के दौरान भीलवाड़ा के करीब चार सौ छोटे-बड़े दफ्तर और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, जिससे एक ही दिन में तीन करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है। ट्रांसपोर्ट नगर में दिनभर लोडिंग-अनलोडिंग, माल की डिलीवरी और परिवहन से जुड़े सभी व्यावसायिक कार्य पूरी तरह से बंद रहे। ट्रांसपोर्टर्स ने एकजुट होकर मुख्य बाजारों से एक विशाल आक्रोश रैली निकाली और अपनी मांगें मनवाने के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने बताया कि वर्तमान में परिवहन व्यवसाय की समस्याएं लगातार नए नियमों, बढ़ते टैक्स, भारी जुर्माने और अतिरिक्त वित्तीय बोझ के कारण गंभीर रूप लेती जा रही हैं। विशेष रूप से बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक जैसे पर्यावरण अनुकूल वाहनों पर भी मनमाने ढंग से ग्रीन टैक्स वसूलने का कड़ा विरोध किया जा रहा है। इसके साथ ही सामान्य परिस्थितियों में भी भारी-भरकम ई-चालान जारी किए जा रहे हैं।
इन प्रशासनिक प्रावधानों के कारण ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों पर असहनीय आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि परिवहन क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, लेकिन वर्तमान विसंगतियों के कारण यह व्यवसाय लगातार कठिनाइयों के दौर से गुजर रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि व्यावसायिक वाहनों से संबंधित नियमों को तत्काल सरल, व्यावहारिक और पूरी तरह से व्यवसाय हितैषी बनाया जाए।
राठौड़ ने आगे बताया कि प्रदेश के कई फिटनेस सेंटर बंद होने या उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित रहने से वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं, जिससे वाहन खड़े रहने को मजबूर हैं। संगठनों ने परमिट, फिटनेस, टैक्स, ई-चालान, बढ़ते जुर्माने और व्यावसायिक वाहनों में जीपीएस की अनिवार्यता को भी प्रमुख माना है। इस दौरान जीपीएस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने या इसे स्वैच्छिक करने की मांग मजबूती से दोहराई गई।
इस विरोध प्रदर्शन में भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट समिति और भीलवाड़ा थोक ट्रांसपोर्ट वेलफेयर समिति के तमाम पदाधिकारी व वाहन मालिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक सुर में कहा कि सरकार को जल्द ही परिवहन व्यवसाय की समस्याएं दूर करनी होंगी, अन्यथा ट्रांसपोर्ट बंद जैसे बड़े कदम उठाने के लिए संगठन पूरी तरह स्वतंत्र होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।
"परिवहन व्यवसाय पर लगातार नए नियम, बढ़ते टैक्स, भारी जुर्माना और अतिरिक्त वित्तीय बोझ से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम किया जाएगा।" — विश्वबंधु सिंह राठौड़, अध्यक्ष भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट भीलवाड़ा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा दिए गए ज्ञापन और साझा किए गए आधिकारिक विरोध प्रदर्शन के तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। परिवहन नियमों, टैक्स और चालान संबंधी अधिकृत सरकारी विधिक जानकारी के लिए प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।
Author:अजय त्यागी
July 4, 2026: 10:01 PM
© 2026 Rex TV India
Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com