तेहरान, ईरान। मध्य पूर्व में जारी भारी सैन्य संघर्ष के बीच ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के ताबूतों के अंतिम दर्शन के लिए राजधानी तेहरान में लाखों लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। काले कपड़ों में लिपटे और इस्लामिक गणराज्य के राष्ट्रीय ध्वज से सजे इस जनाजे में शामिल लोग दिवंगत नेता और उनके उत्तराधिकारी मोजताबा के चित्रों को हाथों में थामकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे थे। [विडियो 1]
इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सैन्य संकट के दौरान पूरे देश में ईरानी नेता का शोक साफ देखा गया, जिसके तहत एक सप्ताह के राष्ट्रव्यापी राजकीय शोक की घोषणा की गई थी। अमेरिका और इजरायल के शुरुआती हवाई हमलों में मारे गए देश के शीर्ष धर्मगुरु को विदाई देने के लिए इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला के विशाल प्रांगण में लोग छाती पीटकर रोते नजर आए। सुरक्षा कारणों से इस भव्य अंतिम संस्कार को युद्ध विराम समझौते के लागू होने तक स्थगित रखा गया था। [विडियो 2]
तेहरान के मुख्य प्रार्थना परिसर में दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद, बहू और मात्र चौदह महीने की पोती के पार्थिव शरीरों को कांच के विशेष ताबूतों में जनता के दर्शनार्थ रखा गया। वर्तमान राष्ट्रीय संकट के इस दौर में हर तरफ ईरानी नेता का शोक हवाओं में महसूस किया गया और आयोजन के दौरान लाउडस्पीकरों के माध्यम से जनता की भावनाओं को लगातार जागृत किया गया, जिससे पूरा परिसर अमेरिका विरोधी नारों से गूंज उठा।
वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस भीषण हमले के बाद देश के आम लोगों में अमेरिका के खिलाफ बेहद गहरा आक्रोश व्याप्त दिखा। इस बीच, जनता का ईरानी नेता का शोक और गहरा गया क्योंकि नए घोषित नेता मोजताबा खामेनेई, जो उसी हमले में घायल बताए जा रहे हैं, उन्हें अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया, जिससे उत्तराधिकार को लेकर सस्पेंस बना रहा। [1]
Full video of the funeral prayer for the pure body of the martyred Imam, Grand Ayatollah Sayyid Ali Khamenei led by Grand Ayatollah Jafar Subhani#WeMustRise#MartyrKhamenei pic.twitter.com/B2QfAaam6w
— Khamenei Media (@Khamenei_m) July 5, 2026
यह अंतिम संस्कार ईरान के लिए एक अत्यंत नाजुक और ऐतिहासिक मोड़ पर संपन्न हुआ, जहां देश की सैन्य और धार्मिक कमान ने इतने बड़े विनाशकारी हमले के बाद भी शासन व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाए रखने का दावा किया। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में वाशिंगटन के साथ हुए एक अंतरिम समझौते के तहत युद्ध को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
इस राजनैतिक उठापटक के बीच भी जनता में गहरा ईरानी नेता का शोक देखा गया, क्योंकि लोग इस विनाशकारी सैन्य हमले के बाद अपने नेतृत्व के साथ पूरी एकजुटता से खड़े नजर आ रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बयान में कहा कि इस बड़े आयोजन को देखते हुए शांति वार्ता को एक सप्ताह के लिए रोका गया था।अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस जनाजे में उमड़े जनसैलाब और रोते हुए लोगों को देखकर आश्चर्य भी व्यक्त किया, जिस पर आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार अयातुल्ला अली खामेनेई का पद केवल एक राजनीतिक प्रमुख का नहीं, बल्कि शिया संप्रदाय के एक अत्यंत पवित्र आध्यात्मिक प्रतिनिधि का था। भीषण युद्ध के कारण उनकी अंत्येष्टि में हुई देरी के बाद अब आगामी सोमवार को तेहरान में एक विशाल जुलूस निकाला जाएगा, जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को शिया धर्मशास्त्र के मुख्य केंद्र कोम ले जाया जाएगा।
इस धार्मिक यात्रा के अगले चरण में उनके अवशेषों को विशेष विमान द्वारा इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। वहां से पुनः ईरान के मशहद शहर लाकर एक अन्य भव्य ऐतिहासिक जुलूस के बाद उन्हें शिया इमाम के मकबरे के समीप सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। वर्तमान तनावपूर्ण माहौल और वैश्विक भू-राजनीतिक संकट के इस दौर में चारों तरफ केवल ईरानी नेता का शोक ही दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने इस पूरे राष्ट्रव्यापी आयोजन के लिए करोड़ों लोगों के लिए परिवहन, भोजन और आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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Author:अजय त्यागी July 5, 2026: 11:48 AM
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