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Rex TV India
Latest News टेक्नोलॉजी Digital Newsletter 05 Jul 2026 · 2:04 PM

वैश्विक ब्रांड की नकल पर अदालत सख्त, भड़कीं टेक कंपनियां

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली, भारत। स्मार्टफोन और इंटरनेट के तेजी से बढ़ते प्रसार के बीच भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं बेहद गंभीर रूप ले चुकी हैं। इंटरनेट पर अवैध और फर्जी वेबसाइटें बनाकर बड़े पैमाने पर वैश्विक ब्रांड की नकल की जा रही है, जिससे निपटने के लिए केंद्र सरकार और न्यायपालिका ने सख्त रुख अपनाया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष देश में साइबर अपराधों से जुड़ी लगभग चौबीस लाख शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें नागरिकों को अरबों रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। इसी पृष्ठभूमि में अदालतों ने फर्जी इंटरनेट प्रदाताओं के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। [1]

इस बड़े तकनीकी खतरे से निपटने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ग्यारह सौ से अधिक फर्जी वेबसाइटों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था। अदालत ने डोमेन बेचने वाली कंपनियों को सख्त आदेश दिया था कि वे खरीदारों की पहचान छुपाने वाली मुफ्त गोपनीयता सेवा को तुरंत बंद करें। इस अदालती कड़े रुख के बाद इंटरनेट नीति और वैश्विक व्यापारिक नियमों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है, क्योंकि विदेशी कंपनियां इन सख्त नियमों को लागू करने में तकनीकी और व्यावहारिक असमर्थता जता रही हैं।

कंपनियों का विरोध

अदालती आदेशों के खिलाफ दुनिया की सबसे बड़ी डोमेन विक्रेता कंपनी गोडैडी ने कानूनी अपील दायर की है। कंपनी का तर्क है कि इन सख्त कदमों से इंटरनेट सुरक्षित होने के बजाय वैध व्यवसायों के लिए एक नया सुरक्षा जोखिम पैदा हो जाएगा। इस प्रकार वैश्विक ब्रांड की नकल के खिलाफ बने नियमों से मुफ्त प्राइवेसी सुरक्षा हट जाएगी। इससे वेबसाइट मालिकों के नाम, पते और फोन नंबर सार्वजनिक हो जाएंगे, जिससे छोटे व्यापारियों और पत्रकारों को डराने-धमकाने का खतरा बढ़ जाएगा। विदेशी डोमेन कंपनियों ने चेतावनी दी है कि ये नीतियां उन्हें बाजार से बाहर कर देंगी।

कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, गोडैडी के साथ-साथ नेमचीप और होस्टिंग कॉन्सेप्ट्स जैसी अन्य वैश्विक इंटरनेट कंपनियों ने भी इस अदालती निर्देश को चुनौती दी है। कंपनियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की प्रामाणिकता की जांच बहत्तर घंटे के भीतर करना उनके लिए व्यावसायिक रूप से असंभव है। यह नया नियम अंतरराष्ट्रीय डेटा सुरक्षा कानूनों और गोपनीयता के बुनियादी सिद्धांतों के पूरी तरह विपरीत है। कंपनियों के अनुसार, तकनीकी बारीकियों को समझे बिना लिए गए इस फैसले से इंटरनेट पर व्यापार करने वाले वैध उद्यमियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।

सरकारी रुख

देश के गृह मंत्रालय और आईटी मंत्रालय ने अदालती कार्यवाही के दौरान स्पष्ट किया है कि डोमेन नामों का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। सरकारी एजेंसियों के अनुसार, हर सैंतीस सेकंड में एक भारतीय नागरिक ऑनलाइन ठगी का शिकार बन रहा है। इस माहौल में इंटरनेट पर जारी वैश्विक ब्रांड की नकल को रोकना बेहद जरूरी है। जांच एजेंसियों को अपराधियों तक पहुंचने के लिए डोमेन खरीदारों के वास्तविक विवरण की तुरंत आवश्यकता होती है, जिसके लिए इंटरनेट कंपनियों पर कड़ा प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके।

अमेज़न, मैकडॉनल्ड्स और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बीस से अधिक वैश्विक कंपनियों ने अपने नाम का दुरुपयोग करने वाली फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ अदालत से सुरक्षा मांगी थी। मैकडॉनल्ड्स के नाम पर फर्जी फ्रेंचाइजी बांटकर लोगों से मोटी रकम ऐंठने वाले गिरोहों का पर्दाफाश हुआ था। सरकार का मानना है कि फर्जी संचालक इन कंपनियों की पहचान का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के इंजन चला रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए डोमेन के अल्फ़ान्यूमेरिक संयोजनों पर भी कड़ा प्रतिबंध लगाना बेहद आवश्यक हो गया है ताकि इस पर लगाम लगे।

अंतिम प्रभाव

डोमेन विक्रेता कंपनियों का कहना है कि किसी ब्रांड नाम के अक्षरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से भाषाई शब्दों के सामान्य उपयोग पर एकाधिकार स्थापित हो जाएगा। इंटरनेट गवर्नेंस के विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद का असर केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका वैश्विक इंटरनेट संचालन पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा। फिलहाल इस बड़े कानूनी विवाद और वैश्विक ब्रांड की नकल से जुड़े सभी पहलुओं पर दिल्ली उच्च न्यायालय की बड़ी बेंच द्वारा आगामी सोलह जुलाई को विस्तृत सुनवाई की जाएगी जिसके बाद ही अंतिम निर्णय साफ हो पाएगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। वर्तमान तकनीकी और सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए पाठक केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 5, 2026: 2:04 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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