WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News टेक्नोलॉजी Digital Newsletter 07 Jul 2026 · 12:24 PM

डिजिटल भुगतान क्षेत्र में प्रभुत्व बढ़ाने में जुटा व्हाट्सएप

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली, दिल्ली। दुनिया की दिग्गज तकनीकी कंपनी मेटा का मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप भारत में अपना कारोबार बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। लगभग पचास करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ भारत इसका सबसे बड़ा बाजार है। इसके बावजूद व्हाट्सएप के लिए इस विशाल यूजर बेस को डिजिटल भुगतान और वाणिज्य के एक सफल केंद्र के रूप में बदलना बेहद कठिन साबित हुआ है। हाल ही में कंपनी द्वारा किए गए कुछ बड़े फैसलों और विनियामक बाधाओं ने इसकी भविष्य की रणनीतियों को वैश्विक स्तर पर उजागर किया है। [1]

कंपनी की नई रणनीतियां

मेटा ने भारतीय फिनटेक क्षेत्र के बड़े नाम कुणाल शाह को व्हाट्सएप का वैश्विक प्रमुख नियुक्त किया है। इसके साथ ही उनकी कंपनी में नौ सौ मिलियन डॉलर का भारी निवेश भी किया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस रणनीतिक कदम का मुख्य उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं के व्यवहार को बेहतर ढंग से समझना है। कंपनी इस कूटनीतिक बदलाव के जरिए देश के भीतर अपने वित्तीय और वाणिज्यिक आधार को अधिक मजबूत करना चाहती है ताकि बाजार में बढ़त बनाई जा सके।

दूसरी ओर व्हाट्सएप को भारतीय नियामकों के कड़े रुख का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी द्वारा प्रस्तावित एक नए फीचर पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा दी है। इस फीचर के तहत उपभोक्ता बिना फोन नंबर साझा किए केवल एक यूजरनेम के जरिए दूसरों को संदेश भेज सकते थे। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि इस सुविधा से धोखाधड़ी और पहचान छिपाकर अपराध करने के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो सकती है जिससे सुरक्षा तंत्र को खतरा होगा।

बाजार में कड़ा मुकाबला

विशेषज्ञों के अनुसार यूजरनेम आधारित व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को तो बढ़ावा मिल सकता है लेकिन उचित सत्यापन के बिना यह बेहद जोखिम भरा है। सरकार ने इस सुरक्षा मामले को लेकर टेलीग्राम और सिग्नल जैसी अन्य कंपनियों को भी कड़े नोटिस जारी किए हैं। मेटा ने सफाई में कहा है कि वह घोटालों को रोकने के लिए कई सुरक्षात्मक कड़े कदम उठा रही है। लेकिन इस कूटनीतिक संचार की कमी के कारण विवाद लगातार गहराता जा रहा है।

व्हाट्सएप का भारतीय विनियामकों के साथ विवादों का एक पुराना इतिहास रहा है। साल दो हजार चौबीस में भी डेटा साझा करने के मामले में कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा पूर्व में डिजिटल भुगतान क्षेत्र में उपयोगकर्ताओं को जोड़ने पर लगाई गई सरकारी सीमा के कारण व्हाट्सएप प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से काफी पिछड़ गया था। वर्तमान में भारत के कुल डिजिटल भुगतान बाजार के एक बहुत बड़े हिस्से पर गूगल पे और फोनपे का पूरी तरह कब्जा है।

विदेशी निवेशकों का रुख

कड़े विनियामक नियमों और बाजार में मौजूद भारी प्रतिस्पर्धा के कारण व्हाट्सएप की वित्तीय प्रगति की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी रही है। इस बीच देश के व्यापक आर्थिक हालातों में सुधार होने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय बाजार की तरफ दोबारा आकर्षित हो रहे हैं। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई भारी गिरावट और भारतीय मुद्रा में आए स्थायित्व ने इक्विटी निवेशकों के बड़े जोखिमों को काफी हद तक कम कर दिया है।

सरकारी ऋण बाजार में भी विदेशी निवेशकों ने जून महीने में रिकॉर्ड तीन अरब डॉलर का निवेश किया है। टैक्स नियमों में मिली हालिया राहत और वैश्विक बॉन्ड इंडेक्स में भारत के शामिल होने की उम्मीदों ने इस निवेश को काफी रफ्तार दी है। हालांकि शेयर बाजार में बड़े निवेश का प्रवाह अभी भी धीमा है और विशेषज्ञ आने वाले समय में कंपनियों के तिमाही नतीजों के आधार पर ही बाजार की वास्तविक दिशा और दशा तय होने का अनुमान लगा रहे हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। यह रिपोर्ट भारत में डिजिटल भुगतान विनियामक नीतियों और विदेशी निवेश के बदलते आर्थिक परिदृश्य को दर्शाती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 7, 2026: 12:24 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —