नई दिल्ली, दिल्ली। भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान भारत द्वारा इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल और अस्त्र हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की आपूर्ति करने की घोषणा की गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार यह पूरा सौदा लगभग छह सौ तीस मिलियन डॉलर का होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच होने वाला यह महत्वपूर्ण समझौता भारत के सैन्य निर्यात को वैश्विक स्तर पर एक नई और बड़ी पहचान देगा। [1]
इस रणनीतिक समझौते के बाद इंडोनेशिया दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन जाएगा जो भारत से यह अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली खरीदने जा रहा है। भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है। इसे जमीन समुद्र और हवा तीनों ही प्लेटफॉर्म से बेहद आसानी से लॉन्च किया जा सकता है। इंडोनेशियाई वायुसेना अपने रूसी निर्मित सुखोई लड़ाकू विमानों में भारत की इस मिसाइल प्रणाली को शामिल करेगी।
इंडोनेशिया ने पहले भी इस मिसाइल प्रणाली को खरीदने में गहरी रुचि दिखाई थी और अब यह बातचीत अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। पिछले साल पाकिस्तान के साथ हुए चार दिवसीय संघर्ष के दौरान भारत द्वारा पहली बार इस अचूक हथियार का उपयोग किए जाने के बाद से वैश्विक स्तर पर ब्रह्मोस मिसाइल की मांग और लोकप्रियता में भारी इजाफा देखा गया है। भारत पहले ही वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों के साथ इस मिसाइल की बिक्री के समझौते कर चुका है।
बड़ी खबर
— ocean jain (@ocjain4) July 7, 2026
भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल को लेकर अहम समझौता (MoU) हुआ है।
इंडोनेशिया भारत की स्वदेशी एयर-टू-एयर ‘अस्त्र’ मिसाइल खरीदेगा, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। यह भारत के रक्षा निर्यात और स्वदेशी तकनीक के लिए एक… pic.twitter.com/MNDr35sBLm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच समुद्री सुरक्षा रक्षा औद्योगिक सहयोग और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा होगी। इस सौदे के तहत इंडोनेशिया को चरणबद्ध तरीके से ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति की जाएगी जिससे वह अपनी सैन्य क्षमताओं को धीरे-धीरे बढ़ा सकेगा। इस पैकेज में मिसाइल के साथ तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण भी शामिल रहेगा।
दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं और इंडोनेशिया आसियान देशों में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है। इस रक्षा समझौते से हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने में मदद मिलेगी। भारत अपनी एक्ट ईस्ट नीति के तहत इस पूरे क्षेत्र में एक स्वतंत्र खुले और समावेशी माहौल को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को एक नया बल मिलेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। यह रिपोर्ट भारत और इंडोनेशिया के रक्षा संबंधों और सैन्य निर्यात के रणनीतिक घटनाक्रम को दर्शाती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
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भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल को लेकर अहम समझौता (MoU) हुआ है।
इंडोनेशिया भारत की स्वदेशी एयर-टू-एयर ‘अस्त्र’ मिसाइल खरीदेगा, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। यह भारत के रक्षा निर्यात और स्वदेशी तकनीक के लिए एक… pic.twitter.com/MNDr35sBLm
Author:अजय त्यागी
July 7, 2026: 12:36 PM
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