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Rex TV India
Latest News टेक्नोलॉजी Digital Newsletter 08 Jul 2026 · 5:44 PM

डिजिटल वित्तीय सेवाएं अपनाने में दक्षिण भारत सबसे आगे रहा है

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली, दिल्ली। डिजिटल वित्तीय सेवाएं अपनाने के मामले में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ा अंतर देखने को मिला है। पीडब्ल्यूसी इंडिया और द्वारा रिसर्च फाउंडेशन की बुधवार को जारी एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार देश के दक्षिणी क्षेत्र के परिवारों में बहु सेवा डिजिटल वित्तीय सेवाएं अपनाने की दर सबसे अधिक यानी सत्तर प्रतिशत से ऊपर दर्ज की गई है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि देश के अन्य हिस्सों में वित्तीय पहुंच और भरोसे को लेकर अभी भी काफी असमानता मौजूद है। [1]

इस सर्वेक्षण आधारित व्यापक रिपोर्ट को देश के सात राज्यों के अठारह जिलों में रहने वाले लगभग चार हजार परिवारों के बीच किए गए अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि देश में सिर्फ डिजिटल माध्यमों पर निर्भर रहने के बजाय भौतिक संपर्क और डिजिटल माध्यमों को मिलाकर बनाया गया फिजिटल मॉडल ही सबसे अधिक सफल साबित हो सकता है। यह मॉडल नए ग्राहकों को जोड़ने और उनका भरोसा जीतने में सबसे मजबूत भूमिका निभाता है।

क्षेत्रीय स्तर पर भारी अंतर

डिजिटल वित्तीय सेवाएं स्वीकार करने के मामले में देश के पूर्वी हिस्से में एक अलग ही संकट देखने को मिला है। पूर्वी भारत के सैंतीस प्रतिशत परिवारों ने कभी कोई वित्तीय सलाह नहीं ली जबकि तेईस प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने सलाह लेने की कोशिश तो की पर उन्हें कोई मदद नहीं मिली। वहीं पश्चिमी भारत में डिजिटल सेवाएं स्वीकार करने की दर पंचानवे प्रतिशत से भी अधिक है लेकिन वहां पैंसठ प्रतिशत वैध ऋण उपभोक्ताओं को कभी न कभी ऋण देने से मना किया गया है।

दूसरी तरफ उत्तर भारत में ग्रामीण बुनियादी ढांचे की भारी कमी और कनेक्टिविटी की समस्या सामने आई है जिसके कारण वहां चालीस प्रतिशत लोगों के पास पैदल दूरी के भीतर कोई भौतिक वित्तीय साधन उपलब्ध नहीं है। उत्तर भारत में डिजिटल वित्तीय सेवाएं स्वीकार करने की दर पूरे देश में सबसे कम यानी मात्र पचहत्तर दशमलव छह सात प्रतिशत ही दर्ज की गई है। इसके अलावा दक्षिण भारत नेटवर्क आधारित वित्तीय सलाह पर अधिक निर्भर दिखाई देता है।

उत्पादों के पुनर्गठन की मांग

डिजिटल वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाले सेवा प्रदाताओं के लिए अब केवल नए खाते खोलना और डिजिटल ऑनबोर्डिंग करना ही पर्याप्त नहीं रह गया है। पीडब्ल्यूसी इंडिया के वित्तीय सेवा सलाहकार विवेक बेलगावी के अनुसार अब वित्तीय स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने की सबसे ज्यादा जरूरत है। वित्तीय कंपनियों को चाहिए कि वे आम भारतीय परिवारों की अनियमित आय और उनकी वास्तविक नकद प्रवाह आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अपने बचत और बीमा उत्पादों को नए सिरे से डिजाइन करें।

रिपोर्ट में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया है कि औपचारिक वित्तीय स्रोतों के साथ साथ अनौपचारिक स्रोत भी परिवारों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में पूरक की भूमिका निभाते हैं। भविष्य में सफलता का पैमाना केवल डिजिटल पहुंच प्रदान करना नहीं होना चाहिए बल्कि ग्राहकों की दीर्घकालिक आर्थिक सुदृढ़ता और उनके जीवन स्तर में आए वास्तविक सुधारों के आधार पर ही डिजिटल प्रगति का सही मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। देश की बैंकिंग प्रणाली डिजिटल वित्तीय सेवाओं और निवेश से जुड़े किसी भी बड़े निर्णय को लेते समय पाठक आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 8, 2026: 5:44 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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