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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 08 Jul 2026 · 5:55 PM

दूषित सुइयों के कारण एचआईवी संक्रमण का प्रकोप, कोर्ट की सख्ती

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

कराची, सिंध। एचआईवी संक्रमण का प्रकोप पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक सरकारी अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण सामने आया है जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुलसुम बाई वलिका अस्पताल में इलाज के दौरान कथित तौर पर दूषित सीरिंज का दोबारा उपयोग किए जाने से दर्जनों बच्चे इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गए हैं। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। [1]

अस्पताल में हुए इस भयावह हादसे के बाद प्रभावित परिवारों ने प्रशासन के खिलाफ महीनों तक विरोध प्रदर्शन किया है। पीड़ितों का आरोप है कि अधिकारियों ने इस गंभीर मामले की स्वतंत्र जांच कराने के आदेश देने में पूरी तरह से आनाकानी की है। प्रशासन के इसी ढुलमुल रवैये से तंग आकर परिवारों ने अंततः सिंध उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है जिसने सरकार को दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने का सख्त निर्देश दिया है।

लापरवाही से गई जान

एचआईवी संक्रमण का प्रकोप रोकने में नाकाम रही सरकार के खिलाफ अदालत में दायर याचिका में बेहद चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। याचिका के अनुसार अस्पताल में डिस्पोजेबल सुइयों का बार बार इस्तेमाल करने से वास्तव में दो सौ से अधिक बच्चे इस वायरस से ग्रसित हो चुके हैं। परिवारों का यह भी कहना है कि उचित इलाज न मिलने के कारण अब तक कम से कम नौ बच्चों की मौत भी हो चुकी है।

हालांकि सरकारी अधिकारियों ने अभी तक इन मौतों के आंकड़ों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। याचिका में साफ तौर पर कहा गया है कि डिस्पोजेबल सीरिंज का दोबारा उपयोग करना एक आपराधिक लापरवाही है। प्रशासन न तो इस भयानक घटना की सही तरीके से जांच कर पा रहा है और न ही संक्रमित बच्चों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने में कोई रुचि दिखा रहा है।

पुराने मामलों की यादें

एचआईवी संक्रमण का प्रकोप पाकिस्तान में लगातार पैर पसार रहा है जो वहां की बेहद बदहाल स्वास्थ्य प्रणाली की पोल खोलता है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रांत में दर्ज किए गए कुल मामलों में से एक बड़ी संख्या मासूम बच्चों की है। पाकिस्तान में पहले भी इस तरह के कई डरावने मामले सामने आ चुके हैं जहाँ चिकित्सा से जुड़ी लापरवाहियों ने सैकड़ों बच्चों का जीवन पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।

साल दो हजार उन्नीस में भी सिंध के रातोदेरो में इसी तरह का एक बड़ा मामला सामने आया था जहाँ दूषित सुइयों के कारण सैकड़ों बच्चे संक्रमित हुए थे। उस समय विश्व स्वास्थ्य संगठन की जांच में भी असुरक्षित इंजेक्शन प्रथाओं को ही मुख्य कारण माना गया था। कोरोना महामारी के बाद से यह गंभीर मुद्दा वैश्विक मीडिया की सुर्खियों से भले ही गायब हो गया था लेकिन वहां नए मामलों का आना अब भी लगातार जारी है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा मामलों से जुड़े इस संवेदनशील घटनाक्रम के संबंध में अधिक प्रामाणिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्वास्थ्य बुलेटिन देखें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 8, 2026: 5:55 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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