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Rex TV India
Latest News आम सूचना Digital Newsletter 08 Jul 2026 · 6:09 PM

ई20 पेट्रोल पर भ्रामक दावे बंद करने और वैज्ञानिक तथ्य मानने की अपील

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली, दिल्ली। ई20 पेट्रोल पर भ्रामक दावे करने वालों को देश के शीर्ष चीनी और जैव ऊर्जा उत्पादक संगठन इस्मा ने सख्त लहजे में जवाब दिया है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा है कि इस नए ईंधन को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहें पूरी तरह से निराधार और गलत हैं। संगठन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित जानकारी के बजाय केवल वैज्ञानिक साक्ष्यों और आधिकारिक स्पष्टीकरणों पर ही भरोसा करें। [1]

हाल के दिनों में कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे अजीबोगरीब दावे किए गए थे कि ई20 ईंधन से वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं और इसके उपयोग से गाड़ियों की बीमा नीतियां अमान्य हो रही हैं। इसके अलावा कुछ पोस्ट में यह भी कहा गया था कि पेट्रोल में सीधे गन्ने का रस मिलाया जा रहा है। इस्मा ने इन सभी बातों को पूरी तरह भ्रामक और तकनीकी रूप से गलत करार देते हुए कहा है कि यह केवल उपभोक्ताओं में डर पैदा करने की कोशिश है।

वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित

ई20 पेट्रोल पर भ्रामक दावे पूरी तरह गलत साबित होते हैं क्योंकि भारत का इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम पूरी तरह से वैज्ञानिक रूप से जांचा और परखा गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरणों का हवाला देते हुए संगठन ने बताया कि इस ईंधन को देश की तेल विपणन कंपनियों, ऑटोमोबाइल निर्माताओं और राष्ट्रीय स्तर की ईधन परीक्षण एजेंसियों के साथ गहन परामर्श और कड़े वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद ही बाजार में उतारा गया है।

सरकार ने भी इस संबंध में साफ किया है कि जब से देश में इस विशेष श्रेणी के ईंधन की शुरुआत की गई है तब से लेकर आज तक इंजन फेल होने या वाहनों के अचानक खराब होने की एक भी प्रामाणिक घटना सामने नहीं आई है। ईंधन ग्रेड का इथेनॉल एक बेहद जटिल औद्योगिक प्रक्रिया जैसे कि किण्वन और आसवन के माध्यम से तैयार किया जाता है जिसमें गन्ने के रस के अलावा मक्का और टूटे चावल का उपयोग होता है।

सफल और सुरक्षित कार्यक्रम

ई20 पेट्रोल पर भ्रामक दावे करने वालों के विपरीत सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया जैसी देश की सर्वोच्च तकनीकी संस्थाओं ने भी इस ईंधन को वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित माना है। इस्मा के महानिदेशक दीपक बलानी ने कहा कि भारत का यह कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा, किसानों के कल्याण और स्वच्छ गतिशीलता को एक साथ जोड़ने वाला देश का सबसे सफल और अनूठा उदाहरण है।

इस दूरदर्शी कार्यक्रम ने भारत की विदेशी कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को बहुत कम कर दिया है जिससे देश को एक लाख चालीस हजार करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाने में बड़ी मदद मिली है। इसके साथ ही इसने देश के ग्रामीण इलाकों और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के नए साधन भी विकसित किए हैं। अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे विकसित देश भी अपने यहाँ बड़े पैमाने पर इथेनॉल मिश्रित ईंधन का सुरक्षित उपयोग कर रहे हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। वाहनों में ईंधन के उपयोग और इथेनॉल सम्मिश्रण से संबंधित किसी भी तकनीकी शंका के समाधान के लिए उपभोक्ता हमेशा ऑटोमोबाइल कंपनियों या पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक गाइडलाइंस को ही आधार बनाएं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 8, 2026: 6:09 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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