देहरादून, उत्तराखंड। समूचे राज्य में मॉनसून की दस्तक के बाद से ही उत्तराखंड में भारी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम विभाग ने आज देहरादून और नैनीताल समेत प्रदेश के कई जनपदों में अत्यंत भारी वर्षा की गंभीर चेतावनी जारी की है। इस विकट स्थिति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने देहरादून समेत पांच प्रभावित जनपदों में कक्षा बारहवीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। इस बीच पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार भूस्खलन और तबाही की खबरें आ रही हैं। [1]
प्राकृतिक आपदा के बीच टिहरी गढ़वाल क्षेत्र से भूस्खलन का एक बेहद ही डरावना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक पूरा मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। यह पूरी घटना जनपद टिहरी की तहसील धनोल्टी क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित हुई है। कद्दूखाल क्षेत्र में एक होटल निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा नीचे खिसक गया, जिससे वहां बना पुराना और खाली पड़ा भवन भरभराकर जमींदोज हो गया।
हालांकि इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा समय रहते उठाए गए एहतियाती कदमों के कारण एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि पहाड़ी खिसकने की आशंका को पहले ही भांप लिया गया था। सुरक्षा के तहत खतरे की जद में आ रहे दो व्यावसायिक रेस्टोरेंट, कुछ अस्थायी खोखों और वहां रह रहे मजदूरों की झुग्गियों को समय रहते पूरी तरह खाली करा लिया गया था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
टिहरी जिले के सुरकंडा देवी क़द्दूखाल में एक होटल का हिस्सा और टिन से बना घर जमीदोष हो गया ! pic.twitter.com/pgy0x5UKP1
— bhUpi Panwar (@askbhupi) July 8, 2026
स्थानीय प्रशासन से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना एक निजी व्यक्ति द्वारा होटल निर्माण कार्य के लिए कराई जा रही असुरक्षित खुदाई के कारण हुई है। उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान इस तरह की मानवीय लापरवाही ने खतरे को और अधिक बढ़ा दिया है। वर्तमान में प्रशासनिक टीमें पूरे प्रभावित मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों द्वारा जारी की गई नई भविष्यवाणी के अनुसार, नौ जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चम्पावत में कहीं कहीं अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इसके अतिरिक्त उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे सुदूर पहाड़ी जिलों में भी मध्यम से मूसलाधार वर्षा होने की पूरी संभावना जताई गई है। उफनती नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सुरक्षित और सतर्क रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी यहीं समाप्त नहीं होती, बल्कि दस जुलाई को पौड़ी, नैनीताल, यूएसनगर, चंपावत व बागेश्वर में भारी से बहुत भारी वर्षा का दौर बना रहेगा। देहरादून समेत अन्य पहाड़ी जिलों में भी लगातार हो रही उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही इस बारिश के कारण सड़कों पर मलबा आने, भूस्खलन होने और पहाड़ी नालों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा लगातार मंडरा रहा है।
आगामी ग्यारह जुलाई को यद्यपि वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आने की उम्मीद जताई गई है, परंतु नैनीताल, देहरादून, चम्पावत, पिथौरागढ़ व बागेश्वर में फिर भी भारी वर्षा का दौर बना रह सकता है। इस पूरी अवधि के दौरान अचानक आने वाली बाढ़ और मुख्य हाईवे बाधित होने की पूरी आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने सभी पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्राओं से बचने तथा आपदा नियंत्रण कक्ष के सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। उत्तराखंड में भारी बारिश, मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट, टिहरी गढ़वाल में पहाड़ी खिसकने से ढहे मकान और जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों को समझने के लिए यह सामग्री प्रस्तुत है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
July 9, 2026: 7:12 PM
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