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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 10 Jul 2026 · 12:03 PM

घरों से पकड़े जा रहे विदेशी: प्रवासियों के खिलाफ प्रदर्शन हुआ तेज

प्रवासियों के खिलाफ प्रदर्शन

जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका। दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर में स्थानीय नागरिकों द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ प्रदर्शन अब बेहद उग्र और खतरनाक चरण में पहुंच गया है। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों के समूहों ने विदेशी नागरिकों को उनके घरों से जबरन बाहर निकाला और उन्हें सीधे पुलिस की वैन में डाल दिया। इस कड़े कदम से स्थानीय विदेशी समुदायों में भारी खौफ का माहौल पैदा हो गया है। रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इस आंतरिक विवाद के कारण अब दक्षिण अफ्रीका के कई अन्य पड़ोसी देशों के साथ राजनयिक संबंध भी तेजी से तनावपूर्ण होने लगे हैं। [1]

तनावपूर्ण स्थिति

जोहान्सबर्ग के एलेक्जेंड्रा टाउनशिप में प्रदर्शनकारी घरों के दरवाजे तोड़कर उन जगहों पर घुस रहे हैं जहां उन्हें अवैध प्रवासियों के छिपे होने का शक है। वे वहां से लोगों को पकड़कर पुलिस वाहनों तक ले जा रहे हैं जिनमें मलावी की एक महिला और उसका छोटा बच्चा भी शामिल है। पकड़े गए एक अन्य जिम्बाब्वे के नागरिक ने बताया कि वह वैध दस्तावेज के साथ देश में रह रहा है। उसके पास वैध एक्सेंप्शन परमिट है जो हजारों नागरिकों को यहां रहने और काम करने की अनुमति देता है।

लाखों बेरोजगार नागरिकों वाले दक्षिण अफ्रीका में पिछले कुछ महीनों से विदेशी नागरिकों के प्रति गुस्सा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसी तनाव के कारण तीस जून को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुआ था जिसे प्रदर्शनकारियों ने अवैध नागरिकों के देश छोड़ने की अंतिम समयसीमा तय किया था। इस आंदोलन की मुख्य नेता जसिंता नगोबेसे जुमा ने घोषणा की है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक हर गुरुवार को प्रवासियों के खिलाफ प्रदर्शन इसी तरह जारी रखे जाएंगे।

आंदोलन का असर

इस आंदोलन से जुड़े संगठन अवैध प्रवासियों को देश की सभी आर्थिक समस्याओं और बेरोजगारी का मुख्य स्रोत मान रहे हैं। वे सरकार से सीमा नियंत्रण को कड़ा करने, बड़े पैमाने पर देश से बाहर निकालने और स्कूलों तथा अस्पतालों में केवल दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि वे हर इलाके में घर घर जाकर विदेशी नागरिकों को हटाने का काम खुद कर रहे हैं। इस अभियान से रिहाइशी इलाकों का माहौल बेहद अशांत हो गया है।

दूसरी तरफ राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे देश की बुनियादी समस्याओं के लिए प्रवासियों को बलि का बकरा न बनाएं। सरकार ने बार-बार कहा है कि किसी भी नागरिक को कानून हाथ में लेने या आव्रजन नियमों को खुद लागू करने का अधिकार नहीं है। हालांकि प्रदर्शनों के बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने भी अवैध प्रवासियों की गिरफ्तारियां तेज कर दी हैं और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मार्च के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

राजनयिक संकट

इस बढ़ते सुरक्षा संकट और डर के कारण मलावी सरकार ने बताया कि उसके 38000 से अधिक नागरिक हाल के हफ्तों में दक्षिण अफ्रीका से वापस अपने देश लौट चुके हैं। पड़ोसी देश जिम्बाब्वे के भी 60000 से अधिक नागरिक सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने देश वापस जा चुके हैं। बड़े पैमाने पर हो रहे इस पलायन से प्रवासियों के खिलाफ प्रदर्शन का वैश्विक असर साफ दिखने लगा है। दोनों देशों की सरकारें अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठा रही हैं।

यह मानवीय संकट आने वाले दिनों में दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय छवि को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन नागरिकों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। आने वाले समय में सरकार को इस जटिल सामाजिक और आर्थिक समस्या का एक ठोस समाधान निकालना होगा ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को दोबारा बहाल किया जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। दक्षिण अफ्रीका में चल रहे आव्रजन विवाद, प्रवासियों के खिलाफ प्रदर्शन और इसके पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर पड़ने वाले प्रभावों को इस रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 10, 2026: 12:03 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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