अजमेर, राजस्थान। संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में कार्डियो थोरैसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक मरीज की बेहद गंभीर स्थिति में सफल चिकित्सा कर नया इतिहास रचा है। सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हुए एक मरीज के दाएं फेफड़ों में अत्यधिक रक्त और हवा भर गई थी जिससे उसकी जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया था। जेएलएन अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों के दल ने इस अत्यंत चुनौतीपूर्ण मामले को हाथ में लिया और मरीज की सफल जटिल सर्जरी को अंजाम देकर उसे एक नया जीवन प्रदान किया। [1]
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने बताया कि अस्पताल के सीटीवीएस विभाग ने पहली बार इस स्तर की विश्व स्तरीय और चुनौतीपूर्ण चिकित्सा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया है। लमाना क्षेत्र के निवासी तिरपन वर्षीय शंकरलाल की मोटरसाइकिल सोलह जून को एक तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई थी। इस भीषण टक्कर के बाद शंकरलाल ट्रक के साथ काफी दूर तक घसीटते चले गए थे जिससे उनके शरीर के अंदरूनी हिस्सों में बहुत ही गंभीर चोटें आई थीं।
गंभीर रूप से जख्मी हालत में मरीज को तुरंत अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया था। उसकी सात से लेकर दस नंबर तक की पसलियां पूरी तरह टूट चुकी थीं और फेफड़ों में खून भरने के कारण वह सामान्य रूप से सांस नहीं ले पा रहा था। डॉक्टरों ने छाती में चेस्ट ट्यूब डाली लेकिन उससे कोई विशेष फायदा नहीं हुआ और मरीज को लगातार कृत्रिम ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ रहा था। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने इस आपातकालीन जटिल सर्जरी को करने का अंतिम निर्णय लिया।
आगामी चौबीस जून को डॉक्टरों की टीम ने मरीज का ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन टेबल पर जांच के दौरान पता चला कि मरीज की छाती और पेट के बीच वाले हिस्से में भी गहरी चोट थी। मरीज का लिवर और आंतें छाती में आकर फेफड़ों से पूरी तरह चिपक चुकी थीं। डॉक्टरों ने बेहद सावधानीपूर्वक इस गंभीर जटिल सर्जरी को आगे बढ़ाया और फेफड़ों को पूरी तरह मुक्त कराया। इसके साथ ही डायाफ्राम में हुए हर्निया को रिपेयर किया गया और टूटी पसलियों को वायर से फिक्स किया गया।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने बताया कि यह अत्यंत संवेदनशील ऑपरेशन पूरे चार घंटे तक लगातार चला। इस चुनौतीपूर्ण कार्य में सीटीवीएस विभाग के अलावा एनेस्थीसिया और सामान्य सर्जरी विभाग की टीम ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस सफल जटिल सर्जरी के बाद मरीज को करीब छह दिनों तक गहन चिकित्सा इकाई में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था और उसकी उचित फिजियोथेरेपी भी कराई गई। नतीजतन आज मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है।
अस्पताल प्रबंधन ने विशेष रूप से बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के अंतर्गत पीड़ित मरीज का यह पूरा इलाज बिल्कुल निशुल्क हुआ है। यदि यही ऑपरेशन किसी निजी बड़े अस्पताल में कराया जाता तो इसका अनुमानित खर्च करीब छह लाख रुपए के आसपास आता जो गरीब मरीज के लिए संभव नहीं था। जेएलएन अस्पताल की इस बड़ी और ऐतिहासिक सफलता से स्थानीय चिकित्सा क्षेत्र में सरकारी सुविधाओं के प्रति आम जनता का भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में सड़क दुर्घटना के मरीज के सफल ऑपरेशन और सीटीवीएस विभाग की इस चिकित्सा उपलब्धि की यह विवरणात्मक रिपोर्ट स्थानीय अस्पताल के प्राधिकृत सूत्रों पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
July 10, 2026: 9:27 PM
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