WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 11 Jul 2026 · 11:17 AM

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने किया वैश्विक आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध

भारतीय स्थायी मिशन के सलाहकार एल्दोस मैथ्यू पुन्नूसे

संयुक्त राष्ट्र। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए आर्थिक नाकेबंदी और प्रतिबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया है। भारतीय स्थायी मिशन के सलाहकार एल्दोस मैथ्यू पुन्नूसे ने महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिबंध किसी भी देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में बड़ी बाधा बनते हैं। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने स्पष्ट किया कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में वह बहुपक्षवाद को पूरी निष्ठा के साथ स्वीकार करता है और ऐसे एकतरफा कदम राष्ट्रों की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन हैं। [1]

मानवाधिकारों पर प्रभाव

भारतीय राजनयिक ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि विभिन्न देशों पर लगाए जाने वाले आर्थिक प्रतिबंध वहां के नागरिकों के बुनियादी अधिकारों को प्रभावित करते हैं। इनसे विकास, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे मानवाधिकारों को प्राप्त करने में गंभीर रुकावट आती है। भारत ने वैश्विक आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध करते हुए कहा कि प्रभावित देशों की आबादी, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सामाजिक विकास के पूर्ण लाभों से वंचित होना पड़ता है, जिसे तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए।

महासभा द्वारा हर साल ऐसे एकतरफा और दंडात्मक आर्थिक उपायों को खारिज किया जाता रहा है जो दुनिया भर के लोगों की प्रगति और समृद्धि को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करते हैं। भारत ने वैश्विक आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध करते हुए ध्यान दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर केवल सुरक्षा परिषद को ही प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है। किसी भी देश द्वारा अपनी घरेलू नीतियों के तहत दूसरे देशों पर ऐसे नियम थोपना अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और चार्टर के तहत उनकी प्रतिबद्धताओं के पूरी तरह विपरीत है।

क्यूबा का संदर्भ और भारतीय रुख

यह बयान अमेरिका द्वारा क्यूबा पर लगाई गई आर्थिक नाकेबंदी के संदर्भ में आयोजित वार्षिक चर्चा के दौरान आया है। भारत स्वयं भी अतीत में ऐसे प्रतिबंधों का सामना कर चुका है, जिसमें रूसी तेल खरीदने पर अमेरिकी प्रतिबंध शामिल थे। यही कारण है कि भारत लगातार वैश्विक आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध करता रहा है। भारतीय राजनयिक ने संकट के बावजूद स्वास्थ्य क्षेत्र में क्यूबा के अंतर्राष्ट्रीय योगदान की सराहना की और कहा कि वैश्विक समुदाय को उसके योगदान का लाभ मिलना चाहिए।

दूसरी ओर, इस बहस के दौरान अमेरिकी स्थायी प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज ने किसी भी तरह की पूर्ण नाकेबंदी से इनकार किया। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका स्वयं क्यूबा को मानवीय सहायता भेज रहा है। हालांकि, ऐतिहासिक रूप से देखें तो अमेरिका ने वर्ष उन्नीस सौ साठ के दशक से ही क्यूबा पर कड़े व्यापारिक प्रतिबंध लागू कर रखे हैं, जिन्हें पिछले कुछ वर्षों में और सख्त कर दिया गया है। ऐसे एकतरफा कदम अक्सर वैश्विक बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को अस्थिर करने का काम करते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पाठकों को ध्यान रखना चाहिए कि किन्हीं भी दो संप्रभु राष्ट्रों के मध्य द्विपक्षीय राजनयिक एवं वाणिज्यिक संबंध समय समय पर विभिन्न भू राजनीतिक रणनीतियों और सरकारी नीतियों के अधीन होते हैं जिनमें वैश्विक परिदृश्यों के अनुसार निरंतर बदलाव संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 11, 2026: 11:17 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —