वाशिंगटन, अमरीका: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाज पर हुए हमले के बाद अमरीकी सेना ने मध्य पूर्व में बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। इस रणनीतिक जलमार्ग में तनाव चरम पर पहुंच गया है क्योंकि ईरान अमेरिका युद्ध फिर से शुरू हो चुका है। अमरीकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि यह इस सप्ताह की तीसरी बड़ी कार्रवाई है। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कमांडर इन चीफ के रूप में इस अभियान का सीधा आदेश दिया था। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा विरोधी ताकतों को कड़ा संदेश देना है। [1]
यह नवीनतम सैन्य कदम साइप्रस के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक कंटेनर जहाज एमवी जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले के बाद उठाया गया है। यह मालवाहक जहाज इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजर रहा था जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के बलों ने इस पर सीधे तौर पर धावा बोल दिया। सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई भारतीय समयानुसार रविवार सुबह लगभग पौने पांच बजे शुरू की गई थी। इस जवाबी कार्रवाई से अमरीका ने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अमरीकी सेंट्रल कमांड ने वर्तमान में उन विशिष्ट स्थानों की पहचान उजागर नहीं की है जहां हमले किए गए हैं। सैन्य कमांड ने इस पूरे ऑपरेशन में उपयोग किए जा रहे हथियारों या लक्ष्यित ठिकानों के बारे में भी कोई विस्तृत विवरण देने से पूरी तरह परहेज किया है। हालांकि इस हिंसक झड़प के बाद से जहाज पर सवार एक नागरिक चालक दल का सदस्य अभी भी लापता बताया जा रहा है। अमरीका का यह सख्त रवैया इस बात का प्रमाण है कि वाशिंगटन अब समझौतों के उल्लंघन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार हो चुका है।
इस बर्बर हमले के कारण पीड़ित व्यापारिक जहाज के इंजन कक्ष में भीषण आग लग गई जिससे उसे व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस गंभीर क्षति के कारण जहाज समुद्र के बीच में ही फंसा रह गया और आगे की यात्रा जारी रखने में पूरी तरह असमर्थ हो गया। हालांकि लापता हुए नागरिक चालक दल के सदस्य की राष्ट्रीयता का खुलासा अभी तक रक्षा सूत्रों द्वारा नहीं किया गया है। अमेरिकी सेना ने इस ताजा सैन्य कार्रवाई को ईरान द्वारा पूर्व में हस्ताक्षरित सहमति पत्र का पालन करने में पूरी तरह विफल रहने से सीधे तौर पर जोड़ा है और ईरान अमेरिका युद्ध का बिगुल एक बार फिर से बजा दिया है।
सेंटकॉम के अनुसार पूर्व में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद तेहरान को अपनी प्रतिबद्धता साबित करने का एक और मौका दिया गया था लेकिन वह इसमें दोबारा नाकाम रहा। इस जवाबी कार्रवाई के माध्यम से अमरीका अब ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना चाहता है जिससे वह नागरिक नाविकों के लिए खतरा बनता है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक कड़ी कर दी गई है क्योंकि ईरान अमेरिका युद्ध एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव का सबसे बड़ा कारण बना है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मध्य पूर्व के इस सैन्य घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में त्वरित बदलाव संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
July 12, 2026: 9:51 AM
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