WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 12 Jul 2026 · 10:41 AM

मुक्त हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए बारह देशों का ऐतिहासिक गठबंधन

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

वाशिंगटन, अमरीका: संयुक्त राज्य अमरीका के नेतृत्व में हिंद प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख सहयोगियों सहित बारह देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक में सभी सदस्य देशों ने एक मुक्त हिंद प्रशांत क्षेत्र के निर्माण पर बल दिया है। समाचार एजेंसी आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार इन देशों ने वर्ष दो हजार सोलह के ऐतिहासिक मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले की दसवीं वर्षगांठ मनाई है। इस ऐतिहासिक फैसले में दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक और एकतरफा समुद्री दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया गया था। [1]

संयुक्त घोषणा पत्र

इस महत्वपूर्ण अवसर पर अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, एस्टोनिया, जापान, लातविया, लिथुआनिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, रोमानिया, स्लोवेनिया और यूनाइटेड किंगडम की सरकारों ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। इन सभी देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित एक शांतिपूर्ण, स्थिर और नियम आधारित व्यवस्था को बनाए रखने का संकल्प लिया है। सदस्य देशों ने स्पष्ट किया है कि एक मुक्त हिंद प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता के लिए समुद्री विवादों का समाधान हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून संधि के प्रावधानों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।

इस संयुक्त घोषणा पत्र में सदस्य देशों ने एक दशक पूर्व जारी किए गए न्यायाधिकरण के फैसले को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने सर्वसम्मति से दोहराया कि यह कानूनी निर्णय अंतिम है और चीन तथा फिलीपींस के बीच कानूनी रूप से पूरी तरह बाध्यकारी है। अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया था कि दक्षिण चीन सागर में ऐतिहासिक अधिकारों के नाम पर किए जा रहे चीनी दावों का कोई कानूनी आधार नहीं है। सभी सरकारों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री और हवाई स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखा जाना चाहिए।

क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता

बारह देशों के इस साझा मंच ने बिना किसी विशिष्ट घटना का उल्लेख किए उन गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है जो क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने किसी भी प्रकार के बल प्रयोग या दबाव द्वारा शांति को खतरे में डालने वाले एकतरफा कदमों का कड़ा विरोध किया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में अन्य देशों के वैध संचालन को बाधित करने या उन्हें डराने के लिए सैन्य और तटीय सुरक्षा बलों के अनुचित उपयोग का विरोध किया गया है क्योंकि इससे मछुआरों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।

इस रणनीतिक बैठक में सभी संबंधित पक्षों से वर्ष दो हजार सोलह के न्यायिक निर्णय का पालन करने और संवाद के माध्यम से विवादों को सुलझाने का आग्रह किया गया है। इन देशों ने दक्षिण चीन सागर को शांति, सहयोग और समृद्धि का क्षेत्र बनाने के आसियान के दृष्टिकोण का भी पूर्ण समर्थन किया है। वे मानते हैं कि वाणिज्यिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए इस जलमार्ग की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। वे पूरी तरह आश्वस्त हैं कि नियम आधारित व्यवस्था के माध्यम से ही एक मुक्त हिंद प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सकता है।

दक्षिण चीन सागर का महत्व

भौगोलिक दृष्टि से दक्षिण चीन सागर विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है जिस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान द्वारा पूर्ण या आंशिक रूप से अपने दावे किए जाते रहे हैं। इन प्रतिस्पर्धी दावों के कारण इस क्षेत्र में अक्सर नौसैनिक जहाजों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न होती रही है। इस बार-बार होने वाले तनाव ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को हिंद प्रशांत क्षेत्र में एक बड़े रणनीतिक टकराव का केंद्र बना दिया है जहां वैश्विक शक्तियां सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं।

द हेग में स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने फिलीपींस द्वारा दायर किए गए मामले में अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। उस समय बीजिंग ने इस अंतरराष्ट्रीय कानूनी फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया था और वह आज भी अपने दावों पर कायम है। इसके विपरीत अमरीका और उसके प्रमुख सहयोगी देश अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं ताकि वैश्विक समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें। इस कूटनीतिक कड़े रुख के बाद सदस्य देशों ने एक मुक्त हिंद प्रशांत क्षेत्र के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की घोषणा की है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। दक्षिण चीन सागर विवाद और बारह देशों के इस संयुक्त घोषणा पत्र के संबंध में नए रणनीतिक और कूटनीतिक घटनाक्रम संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 12, 2026: 10:41 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —