अनंतनाग, जम्मू और कश्मीर: दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम के कुछ हिस्सों में शनिवार शाम को भारी बारिश के कारण भयंकर जलप्रलय देखने को मिला है। इस मूसलाधार वर्षा के चलते क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं। इस अचानक आई बाढ़ ने कई बड़े होटलों और रिहायशी मकानों को अपनी चपेट में ले लिया है जिससे वहां ठहरे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों में भारी अफरा तफरी मच गई है। [1]
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह प्राकृतिक आपदा उस समय आई जब वन क्षेत्रों में शाम 6 बजे से रात 9:30 बजे के बीच अत्यधिक तेज बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आवूरा और देहवाथू के जंगलों में संभवतः एक स्थानीय बादल फटने के कारण अचानक आई बाढ़। आवूरा नाले में रात 8 बजे से 9 बजे के बीच पानी का बहाव अचानक बहुत तेज हो गया जिसके बाद यह मटमैला पानी बटकोट के पास लिद्दर नाले में जाकर मिल गया।
इस तेज जलप्रवाह के कारण क्षेत्र के कम से कम 6 प्रतिष्ठित होटलों के भीतर पानी भर गया जिससे वहां ठहरे मेहमान कुछ समय के लिए वहीं फंस गए। बाढ़ के पानी की चपेट में आने वाले प्रमुख होटलों में द पहलगाम शोर, द पहलगाम डेज, द इडिल और द पहलगाम स्टैग शामिल हैं। इन संपत्तियों के परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गए और कुछ स्थानों पर सुरक्षा दीवारें ढह गईं जिससे इमारतों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।
अचानक आई बाढ़ का यह मटमैला पानी केवल व्यावसायिक होटलों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि इसने पास के रिहायशी इलाकों में भी प्रवेश कर लिया। पानी घुसने से कई घरों और घरेलू सामानों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय निवासियों ने पानी का स्तर बढ़ते देख अपने कीमती सामानों को आनन फानन में ऊपरी मंजिलों पर स्थानांतरित किया। नाले के पास खड़े कई कार और मोटरसाइकिलें पानी के इस तेज बहाव में पूरी तरह बह गए जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ है।
दक्षिण कश्मीर में एक बार फिर कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला है। यहां के दो अलग-अलग प्रसिद्ध इलाकों में अचानक बादल फटने से नदी-नालों में भयंकर सैलाब आ गया। पहली घटना अनंतनाग जिले के चित्रगुल के ऊपरी पर्वतीय इलाकों में हुई, जिसके बाद 'नाला आरपत चित्रगुल शांगस' में अचानक बाढ़ आ गई pic.twitter.com/p7pN5brfxm
— Enewsjammu (@enewsjammu) July 12, 2026
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस गंभीर आपातकालीन स्थिति की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दलों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया था। आपदा प्रबंधन की टीमों ने सूझबूझ दिखाते हुए प्रभावित होटलों में फंसे सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी नागरिक के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
इसके अतिरिक्त अधिकारियों ने अनंतनाग जिले के ही चित्तरगुल के ऊपरी इलाकों में भी एक अन्य बादल फटने की आशंका जताई है जहां अरपत नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। हालांकि वहां भी स्थिति नियंत्रण में है और किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी टीमें तैनात की गई हैं जो स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं।
वर्तमान में दोनों जलाशयों में पानी का स्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है लेकिन प्रशासन पूरी सावधानी बरत रहा है। सरकार ने स्थानीय लोगों और बाहर से आए सैलानियों से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक नदियों और नालों से पूरी तरह दूर रहें। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है क्योंकि पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पहलगाम में आई बाढ़, पर्यटकों के रेस्क्यू और संपत्ति के नुकसान के आकलन के संबंध में नए प्रशासनिक विवरण संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
July 12, 2026: 4:11 PM
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