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Rex TV India
Latest News बाज़ार और निवेश Digital Newsletter 13 Jul 2026 · 1:24 PM

नए सेवा नियम के तहत निवेश और उपहारों पर प्रतिबंध कड़े किए गए

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने अपने कर्मचारियों की आचार संहिता को और अधिक सख्त कर दिया है। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूंजी बाजार नियामक ने अपने सेवा नियमों में व्यापक संशोधन करते हुए नए सेवा नियम अधिसूचित किए हैं जिनमें हितों के टकराव को रोकने के सुरक्षा उपाय निवेश प्रतिबंध और प्रकटीकरण आवश्यकताओं को बहुत कड़ा किया गया है। इसके तहत अब कर्मचारियों के आश्रितों और परिवार की परिभाषा का दायरा भी काफी बढ़ा दिया गया है। [1]

कर्मचारियों पर सख्त प्रतिबंध

इन संशोधित विनियमों के तहत सेबी के पूर्व कर्मचारियों के लिए दो साल की कूलिंग-ऑफ अवधि शुरू की गई है। इस अवधि के दौरान सेवानिवृत्त या इस्तीफा दे चुके कर्मचारियों को किसी भी मामले या निपटान की कार्यवाही में नियामक के समक्ष किसी अन्य व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को किसी भी संभावित नियोक्ता के साथ नौकरी की बातचीत शुरू होने के एक महीने के भीतर इसकी पूरी जानकारी सेबी को देनी होगी।

मार्केट वॉचडॉग ने कर्मचारियों के लिए अनुमति प्राप्त और गैर-अनुमति प्राप्त निवेशों के बीच एक स्पष्ट अंतर भी पेश किया है। इन संशोधित नियमों के तहत अब कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को नियामक के साथ उनके कार्यकाल के दौरान इक्विटी डेरिवेटिव या शेयर बाजार में नए निवेश करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि म्यूचुअल फंड और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट जैसे विनियमित माध्यमों से निवेश जारी रखने की अनुमति दी गई है जो इस नए सेवा नियम के तहत वैध माने जाएंगे।

निवेश सीमा और उपहार नीति

नियामक ने कुछ विशेष विनियमित निवेश उत्पादों में निवेश को कर्मचारी के कुल निवेश पोर्टफोलियो के अधिकतम पच्चीस प्रतिशत पर सीमित कर दिया है। हालांकि जीवनसाथी को मिलने वाले कर्मचारी स्टॉक विकल्प और विवेकाधीन पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं के तहत प्रबंधित निवेशों के लिए कुछ सीमित छूट प्रदान की गई है। इसके साथ ही सेबी ने अपने उपहार प्रकटीकरण मानदंडों में भी बड़ा बदलाव किया है जिसके तहत रिपोर्टिंग सीमा को दस हजार रुपये से बढ़ाकर अब सीधे पचास हजार रुपये कर दिया गया है।

इस बड़े बदलाव से पारंपरिक या प्रथागत उपहारों को स्वीकार करने के नियमों में भी अधिक स्पष्टता आ सकेगी। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, सेबी द्वारा उठाए गए इन सख्त कदमों का मुख्य उद्देश्य संस्था की विश्वसनीयता को बनाए रखना और आंतरिक कामकाज में पारदर्शिता को शीर्ष स्तर पर ले जाना है। इन कड़े और नए सेवा नियम के लागू होने के बाद अब सेबी के सभी मौजूदा और पूर्व अधिकारियों को बाजार के प्रति अपनी जवाबदेही और अधिक कड़ाई से निभानी होगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्तुत समाचार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा कर्मचारियों के सेवा नियमों और आचार संहिता में किए गए संशोधनों से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी July 13, 2026: 1:24 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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