जयपुर, राजस्थान। सवाई मानसिंह अस्पताल के सर्जरी विभाग की यूनिट पांच ने एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण और दुर्लभ शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस प्रसिद्ध SMS अस्पताल में भर्ती एक पैंतालीस वर्षीय महिला मरीज के शरीर में एक साथ तीन अलग-अलग बेहद महत्वपूर्ण अंगों यकृत प्लीहा और दाएं फेफड़े में खतरनाक हाइडेटिड सिस्ट पाए गए थे। इस चुनौतीपूर्ण और गंभीर स्थिति का उपचार करने के लिए डॉक्टरों ने अत्याधुनिक चिकित्सा प्रणाली का उपयोग किया। [1]
चिकित्सकीय जांच के दौरान मरीज के लिवर प्लीहा और दाएं फेफड़े में अलग-अलग आकार के सिस्ट होने की पूरी तरह से पुष्टि हुई थी। वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुसार किसी एक ही मरीज के शरीर में इन तीनों संवेदनशील स्थानों पर एक साथ हाइडेटिड सिस्ट मिलना चिकित्सा विज्ञान में बेहद असामान्य माना जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बिना किसी देरी के अत्याधुनिक और प्रभावी मिनिमली इनवेसिव तकनीक के सहारे ऑपरेशन करने का एक बड़ा निर्णय लिया।
लिवर और प्लीहा के सिस्ट को आधुनिक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा तथा फेफड़े के सिस्ट को वीएटीएस तकनीक के माध्यम से पूरी सुरक्षा के साथ बाहर निकाला गया। इस पूरे जटिल ऑपरेशन के दौरान SMS अस्पताल के चिकित्सकों ने विशेष सावधानी बरती जिससे मरीज को किसी भी तरह की ओपन सर्जरी की बड़ी आवश्यकता नहीं पड़ी। इस अत्याधुनिक विधि के प्रयोग के कारण पीड़ित महिला मरीज को उपचार के दौरान बहुत ही कम दर्द और न्यूनतम रक्तस्राव जैसी महत्वपूर्ण राहत प्राप्त हुई है।
सर्जरी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉक्टर राजेंद्र बागड़ी ने बताया कि इस प्रकार के रोगों का मिनिमली इनवेसिव विधि से सफल प्रबंधन करना राज्य के सरकारी क्षेत्र में एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि है। ऑपरेशन के दौरान आधुनिक सी-आर्म मशीन की सहायता से हाइडेटिड सिस्ट की वास्तविक सीमा और स्थिति का बिल्कुल सटीक आकलन किया गया था। इस सफल और बड़े ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाली टीम में विभिन्न विभागों के अनुभवी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस बड़ी कामयाबी के बाद SMS अस्पताल प्रशासन सहित पूरे प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है क्योंकि यह सफल शल्य चिकित्सा सरकारी अस्पताल की उच्च स्तरीय सुविधाओं को प्रदर्शित करती है। डॉक्टरों की टीम ने बताया कि मरीज की स्थिति अब पूरी तरह से खतरे से बाहर है और वह बहुत तेजी से रिकवर कर रही है। आने वाले समय में इस सफल केस स्टडी को अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशन के लिए भी भेजा जाएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट स्थानीय संवाददाताओं और प्राथमिक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्तुत समाचार जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हुई सफल सर्जरी और डॉक्टरों की तकनीकी उपलब्धि से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
July 13, 2026: 7:03 PM
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