जयपुर, राजस्थान। अपनी मांगों को लेकर 29 जून से लगातार उग्र आंदोलन कर रहे वकीलों ने सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। वकीलों ने जिले के सभी राजस्व न्यायालयों का पूर्ण कार्य बहिष्कार किया हुआ था। वकीलों की हड़ताल के चलते आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही सभी उप पंजीयक कार्यालयों में रजिस्ट्री का कार्य भी पूरी तरह ठप पड़ा था जिससे सरकार को भी बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा था। [1]
लिखित आश्वासन मिलने के बाद दी डिस्ट्रिक एडवोकेट्स बार एसोसिएशन की मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आम सभा बुलाई गई जिसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने विधिवत रूप से वकीलों की हड़ताल को पूरी तरह स्थगित करने की बड़ी घोषणा की। अध्यक्ष ने बताया कि राजस्व मंडल जयपुर की बेंच के संबंध में, अतिरिक्त जिला कलेक्टर चतुर्थ के न्यायालय को चौमूं स्थानान्तरित करने के कड़े विरोध और सांगानेर एसडीएम की ओर से किए गए फैसलों के प्रकरणों को अन्य न्यायालय में भेजने को लेकर आंदोलन चल रहा था।
इसके साथ ही उप पंजीयक कार्यालयों में स्लॉट व्यवस्था एवं पंजीयन संबंधी गंभीर अनियमितताओं को लेकर भी राजस्व न्यायालयों के वकील काफी समय से आक्रोशित थे। इस लंबे आंदोलन के दौरान किसी भी उप पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री का महत्वपूर्ण कार्य भी नहीं हो पा रहा था। मंगलवार को संदीप शर्मा के नेतृत्व में गुस्साए वकीलों ने शहर के व्यस्त कलेक्ट्रेट सर्किल को पूरी तरह से जाम करने की चेतावनी भी दे दी थी जिससे प्रशासन बेहद दबाव में आ गया था।
सड़क जाम करने की इस बड़ी घोषणा के तुरंत बाद कलेक्ट्रेट सर्किल पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैदी के साथ तैनात नजर आई। प्रशासन ने एहतियातन आसपास के विभिन्न थानों और पुलिस लाइन से भारी पुलिस जाप्ता भी मौके पर बुला लिया था। लेकिन इस उग्र प्रदर्शन और चक्का जाम से ठीक पहले ही दी डिस्ट्रिक एडवोकेट्स बार एसोसिएशन को सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिल गया जिसके बाद वकीलों की हड़ताल स्थगित कर दी गई और सड़क जाम करने का कार्यक्रम रद्द कर दिया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि हम लोग 29 जून से लगातार आंदोलन कर रहे थे लेकिन शुरुआत में सरकार हमारी न्यायसंगत मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही थी। इसके बाद जब हमने अपने आंदोलन को उग्र रूप दिया और कलेक्ट्रेट जाम करने की चेतावनी दी तब जाकर शासन और प्रशासन की नींद खुली। इसके तुरंत बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने हमारी मांगों के संबंध में लिखित में सहमति प्रदान की जिससे जुड़े महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन भी तुरंत जारी किए गए।
संदीप शर्मा ने कहा कि हमारी कुछ मांगें पूरी होने के बाद वकीलों की हड़ताल स्थगित की गई है लेकिन राजस्व मंडल की मुख्य बेंच को लेकर हमारी एक बेहद महत्वपूर्ण मांग अभी भी अधूरी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जिस तरह डबल बेंच की फाइल जयपुर में ही सुरक्षित रखी जाती है उसी तरह से सिंगल बेंच की फाइलों को भी यहीं रखने की मांग की गई है ताकि वकीलों और आम जनता को अपने छोटे कार्यों के लिए अजमेर के चक्कर नहीं काटने पड़ें।
यह महत्वपूर्ण मांग सीधे तौर पर सरकार और रेवेन्यू बोर्ड के चेयरमैन स्तर से संबंधित है जिसे पूरा करवाने के लिए एसोसिएशन जल्द ही एक विशेष टीम का गठन करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजस्व न्यायालय में बुधवार से सभी वकील अपना काम नियमित रूप से शुरू कर देंगे और रजिस्ट्री का कार्य भी बहाल हो गया है। इसके अतिरिक्त जमीनों की बढ़ी हुई डीएलसी रेट को भी कम करने के प्रयास जारी हैं जिसके लिए सरकार के स्तर पर आश्वासन मिला है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। राजस्थान में अधिवक्ताओं द्वारा किए गए कार्य बहिष्कार, सरकारी आश्वासन के बाद आंदोलन की समाप्ति और रजिस्ट्री कार्य की बहाली से जुड़ी प्रशासनिक गतिविधियों को रेखांकित करने के लिए इस रिपोर्ट को तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
July 14, 2026: 10:22 PM
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