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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 12 Aug 2026 · 8:18 PM

सुराब में बमबारी से मचा हड़कंप, 30 से ज्यादा नागरिकों की मौत का दावा

हमले में घायल नागरिक

क्वेटा, बलूचिस्तान। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सुराब जिले में कथित हवाई हमले को लेकर मानवाधिकार समूहों और बलोच कार्यकर्ताओं ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय रिपोर्टों के हवाले से 30 से ज्यादा नागरिकों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गिदार इलाके में पाकिस्तानी वायुसेना की कार्रवाई में महिलाओं और बच्चों के भी प्रभावित होने की बात कही गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध तथ्यों में नहीं है। [1]

इलाके में बढ़ी पाबंदी

मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने स्थानीय रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि सुराब में बमबारी से नागरिक इलाकों को नुकसान पहुंचा और कई लोगों की जान गई। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित इलाके में अस्पतालों के आसपास सैन्यकर्मी तैनात हैं और डॉक्टरों तथा मेडिकल स्टाफ को इलाज देने में परेशानी हो रही है। उनके मुताबिक कुछ घायल समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके। स्थानीय लोगों ने इलाके के ऊपर ड्रोन और कोबरा हेलिकॉप्टरों की मौजूदगी की बात भी कही है।

बलोच यकजहेती कमेटी की केंद्रीय नेता सबीहा बलोच ने भी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित इलाके को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने घेर रखा है, जिससे राहत दलों, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और पत्रकारों की पहुंच सीमित हो गई है। सबीहा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल मानवीय पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की। उनके मुताबिक सुराब में बमबारी के बाद घायलों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए और स्वतंत्र तरीके से घटनाक्रम का दस्तावेजीकरण भी जरूरी है।

जांच की उठी मांग

मानवाधिकार संगठन बलोच वॉयस फॉर जस्टिस ने घटना की स्वतंत्र, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय निगरानी में जांच की मांग की है। संगठन ने कहा कि मारे गए और घायल लोगों की पहचान तथा पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। उसने नागरिकों की सुरक्षा को राज्य की मूल जिम्मेदारी बताते हुए सैन्य अभियानों में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के पालन की बात कही। संगठन के मुताबिक सुराब में बमबारी के मामले में जवाबदेही तय करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।

संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, उसके मानवाधिकार तंत्र, अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और दूसरे देशों से भी मामले पर ध्यान देने की अपील की है। बलोच वॉयस फॉर जस्टिस का कहना है कि प्रभावित परिवारों को न्याय, सुरक्षा और अपने परिजनों के साथ हुई घटना की सच्चाई जानने का अधिकार है। संगठन ने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी ऐसे मामलों में जवाबदेही की प्रक्रिया को कमजोर कर सकती है। उसने नागरिकों के खिलाफ कथित हिंसा पर तत्काल ध्यान देने की मांग की।

मौतों के दावे पर सवाल

सुराब में बमबारी को लेकर सामने आए दावों में नागरिक इलाकों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। मीर यार बलोच ने इसे कथित तौर पर अंधाधुंध कार्रवाई बताया है। वहीं सबीहा बलोच ने घटना को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है। इन आरोपों के बीच सबसे अहम सवाल मारे गए लोगों की वास्तविक संख्या, प्रभावित परिवारों की स्थिति और घटनास्थल तक स्वतंत्र जांचकर्ताओं की पहुंच को लेकर है। उपलब्ध तथ्यों में पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

घटना को लेकर सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने के कारण सभी आरोपों को सावधानी से देखना जरूरी है। फिर भी मानवाधिकार संगठनों की मांग ने मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। सुराब में बमबारी से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति तभी स्पष्ट हो सकती है जब स्वतंत्र जांच के जरिए मृतकों और घायलों की संख्या, नुकसान तथा सैन्य कार्रवाई की परिस्थितियों की पुष्टि हो। फिलहाल स्थानीय रिपोर्टों और अधिकार समूहों के बयानों के आधार पर ही मामला सामने आया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सुराब में बमबारी और नागरिकों की मौत से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध तथ्यों में नहीं है और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष इस सामग्री में शामिल नहीं है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 12, 2026: 8:18 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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