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Rex TV India
Latest News राष्ट्रीय Digital Newsletter 15 Aug 2026 · 11:14 AM

वंदे मातरम् का गान, लाल किले से मोदी का बड़ा संदेश और संकल्प

स्वाधीनता दिवस राष्ट्रीय समारोह

नई दिल्ली, दिल्ली। भारत ने आज 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय उत्साह के साथ मनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस बार समारोह की सबसे खास पहचान वंदे मातरम् का गान रहा, जिसे 150 वर्ष की विरासत के अवसर पर लाल किले से पहली बार समारोह का हिस्सा बनाया गया। कार्यक्रम का आधिकारिक विषय युवा शक्ति फॉर विकसित भारत 2047 रखा गया, जिसमें युवाओं की भूमिका और देश के भविष्य पर खास जोर दिया गया। [1]

समारोह की शुरुआत

प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद संयुक्त अंतरसेवा और दिल्ली पुलिस दल ने सलामी दी और प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद वंदे मातरम् का गान हुआ और प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित किया। समारोह में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने पुष्पवर्षा भी की। इस पूरे आयोजन में परंपरा, सैन्य अनुशासन और देश के भविष्य की तस्वीर एक साथ दिखाई दी।

इस वर्ष वंदे मातरम् का गान केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि समारोह का केंद्रीय आकर्षण बन गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार 2026 में इस राष्ट्रीय गीत की 150 वर्ष की विरासत को विशेष रूप से याद किया जा रहा है। लाल किले से पहली बार वंदे मातरम् का गान समारोह में शामिल किया गया। ज्ञानपथ पर एनसीसी और माई भारत के 2,500 कैडेट और स्वयंसेवकों ने वंदे मातरम् की आकृति भी बनाई। इससे समारोह में राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक विरासत और युवाओं की भागीदारी दोनों को प्रमुखता मिली।

युवा शक्ति पर जोर

समारोह में करीब 5,000 विशेष मेहमान भी मौजूद रहे। इनमें युवा नवाचार से जुड़े लोग, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु, स्टार्टअप से जुड़े प्रतिभागी, कौशल विकास से जुड़े युवा और माई भारत स्वयंसेवक शामिल थे। विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को लाल किले की प्राचीर पर स्थान दिया गया। अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में पदक जीतने वाले 19 विद्यार्थियों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया। संदेश साफ था कि विकसित भारत की तस्वीर केवल योजनाओं से नहीं बल्कि युवाओं की प्रतिभा से बनेगी।

प्रधानमंत्री के संबोधन में 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्रमुख रहा। उन्होंने अर्थव्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और आत्मनिर्भरता को भविष्य की प्राथमिकताओं से जोड़ा। भाषण में भारत को तेज गति से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में पेश करते हुए विकास की अगली यात्रा पर जोर दिया गया। सेमीकंडक्टर, परमाणु ऊर्जा और घरेलू उत्पादन जैसे क्षेत्रों को रणनीतिक महत्व के रूप में सामने रखा गया। इस दौरान युवाओं को नई तकनीक और देश की विकास यात्रा से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।

भविष्य की बड़ी तैयारी

ऊर्जा के क्षेत्र में 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य सामने रखा गया। प्रधानमंत्री ने इसी दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की बात भी कही। तकनीक के मोर्चे पर सेमीकंडक्टर क्षमता बढ़ाने और युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों से जोड़ने पर जोर दिया गया। डिजिटल जनगणना और तकनीक आधारित प्रक्रियाओं में युवाओं की भागीदारी का आह्वान भी किया गया। भाषण का फोकस उन क्षेत्रों पर था जो आने वाले वर्षों में भारत की क्षमता तय करेंगे।

इस बार समारोह में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रही। लाल किले और आसपास के इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई और करीब 1,000 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा ढांचे की साइबर सुरक्षा का भी परीक्षण किया। समारोह स्थल पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। इतने बड़े राष्ट्रीय आयोजन में सुरक्षा का यह स्तर बताता है कि तकनीक अब केवल विकास की भाषा नहीं रही, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

देश के दर्द पर भी बात

प्रधानमंत्री के संबोधन में हाल की बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई गई। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में पूरा देश प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है और पुनर्वास के लिए हरसंभव मदद सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही युवाओं, तकनीक, ऊर्जा और आत्मनिर्भरता को जोड़ते हुए सरकार की आगे की प्राथमिकताओं का खाका सामने रखा गया। भाषण में विकास के साथ राष्ट्रीय एकता और संकट के समय नागरिकों के साथ खड़े रहने की भावना को भी प्रमुखता मिली।

80वें स्वतंत्रता दिवस का यह समारोह कई प्रतीकों को एक साथ लेकर आया। एक तरफ लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर, तिरंगा और 21 तोपों की सलामी रही, तो दूसरी तरफ वंदे मातरम् का गान, युवा शक्ति और विकसित भारत का लक्ष्य चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री का लगातार 13वां संबोधन भी पहचान बना। 2026 का समारोह यह संदेश देता दिखाई दिया कि आजादी की विरासत को याद करने के साथ भारत अब 2047 की दिशा में तकनीकी, आर्थिक और युवा शक्ति को केंद्र में रखकर बढ़ने की तैयारी कर रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और आधिकारिक सरकारी स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। भाषण और समारोह से जुड़े तथ्यों में समय के साथ आधिकारिक अपडेट संभव हैं इसलिए किसी नीति या घोषणा को अंतिम मानने से पहले संबंधित सरकारी अधिसूचना देखना उचित होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 15, 2026: 11:14 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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