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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 17 Aug 2026 · 7:10 PM

स्कूलों में रोक पर दिलावर का बयान, निजता की बात पर जूली का हमला

टीकाराम जूली और मदन दिलावर

जयपुर, राजस्थान। स्कूलों में रोक को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा गई है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी स्कूलों में फोटो और वीडियो बनाने को लेकर सरकार का पक्ष साफ किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विद्यालय में किसी के जाने या रिकॉर्डिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया है। लेकिन नाबालिग बच्चों की फोटो लेने, बयान रिकॉर्ड करने या बिना वजह इंटरव्यू करने से पहले उनकी निजता और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा है। [1]

दिलावर की सफाई

मदन दिलावर ने कहा कि नाबालिग बच्चों की फोटो लेने या किसी भी तरह का बयान लेने से पहले अभिभावकों की अनुमति जरूरी है। उनका कहना है कि बच्चे जब स्कूल में रहते हैं, तब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की होती है। उन्होंने स्कूलों में रोक को पूर्ण प्रतिबंध मानने से इनकार किया और कहा कि सरकार की चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। मंत्री के मुताबिक विद्यालयों में शिक्षक अभिभावक बैठक और स्कूल प्रबंधन समिति जैसी व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं।

मंत्री ने बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति किसी भी समय विद्यालय में आकर बच्चों से अनावश्यक सवाल नहीं कर सकता और न ही मनमाने तरीके से फोटो या वीडियो बना सकता है। शिक्षा विभाग ने संस्था प्रधानों को बच्चों के अधिकारों और निजता की रक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 16 अगस्त को पत्र जारी कर बिना अनुमति स्कूल परिसर के अंदर वीडियो बनाने और फोटो खींचने पर रोक संबंधी निर्देश दिए थे।

जूली ने साधा निशाना

विभागीय आदेश सामने आने के बाद कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जेन अल्फा के बच्चों के प्रदर्शन से सरकार घबरा गई है। जूली के मुताबिक स्कूलों की समस्याओं को लेकर बच्चे अब मुखर हो रहे हैं और उनके प्रदर्शन से जुड़े वीडियो मीडिया तथा सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार को इसी वजह से परेशानी हो रही है। ऐसे में स्कूलों में रोक का मुद्दा अब सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

विवाद के बीच सरकार का तर्क बच्चों की निजता और सुरक्षा पर केंद्रित है, जबकि विपक्ष इसे विद्यार्थियों की आवाज से जोड़कर सवाल उठा रहा है। दिलावर का कहना है कि किसी भी बच्चे की फोटो, वीडियो या बयान बिना उचित अनुमति के इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। वहीं जूली का हमला इस बात पर केंद्रित है कि स्कूलों की समस्याओं को सामने रखने वाले बच्चों और उनके प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग को रोकना उचित नहीं है। अब इस मामले में नियमों के वास्तविक दायरे और उनके पालन को लेकर बहस आगे बढ़ सकती है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। स्कूलों में फोटो और वीडियो बनाने से जुड़े नियमों की अंतिम स्थिति संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश और अनुमति प्रक्रिया के आधार पर ही तय की जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 17, 2026: 7:10 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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