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Rex TV India
Latest News बाज़ार और निवेश Digital Newsletter 18 Aug 2026 · 12:16 PM

बाजार में गिरावट, महंगे तेल से सहमा बाजार, निफ्टी सेंसेक्स नीचे

प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई, महाराष्ट्र में मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बाजार में गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने और अमेरिका ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम खत्म होने से निवेशकों की चिंता बढ़ी। नई डील की उम्मीद कमजोर पड़ने और ईरान के अधिक आक्रामक रुख के संकेतों ने दबाव बढ़ाया। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 9:48 बजे निफ्टी 50 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,219.80 पर रहा। सेंसेक्स 0.40 प्रतिशत टूटकर 77,418.06 पर पहुंच गया। [1]

तेल से बढ़ा दबाव

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम बढ़ाने से इनकार किया है और ईरान ने ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने का संकेत दिया है। इससे ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट की आशंका बढ़ी है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है। इसलिए लंबे समय तक ऊंचा तेल आयात बिल बढ़ा सकता है। इसका असर महंगाई पर पड़ सकता है और ईंधन तथा परिवहन लागत बढ़ने से कई कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आ सकता है।

शुरुआती कारोबार में 16 प्रमुख सेक्टरों में से 9 में कमजोरी रही। आईटी इंडेक्स 1.4 प्रतिशत गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान वाले प्रमुख सेक्टरों में रहा। छोटे शेयरों का सूचकांक लगभग सपाट रहा, जबकि मिडकैप इंडेक्स 0.5 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा। बाजार में गिरावट के साथ विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी माहौल कमजोर किया। सोमवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से 25.35 अरब रुपये की शुद्ध निकासी की। यह 3 हफ्तों में उनका सबसे बड़ा बहिर्वाह रहा और निवेशकों के लिए दबाव का अहम संकेत बना।

विदेशी बिकवाली

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने भी भारतीय शेयरों पर दबाव बढ़ाया। ऊंची अमेरिकी यील्ड विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी कर्ज में तुलनात्मक रूप से सुरक्षित रिटर्न का विकल्प मजबूत करती है। इससे उभरते बाजारों में निवेश का आकर्षण घट सकता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि ब्रेंट क्रूड का 91 डॉलर से ऊपर जाना और अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़ना बाजार के लिए अहम नकारात्मक संकेत हैं। ऐसे माहौल में विदेशी पूंजी का प्रवाह कमजोर रह सकता है और शेयरों में उतार चढ़ाव बढ़ सकता है।

शेयरों की तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं रही। कोलगेट पामोलिव इंडिया का शेयर 3 प्रतिशत गिरा, क्योंकि कई ब्रोकरेज ने विश्लेषक बैठक के बाद कंपनी के मार्जिन को लेकर चिंता जताई। दूसरी ओर इंडो एमआईएम का शेयर 10 प्रतिशत उछला। कंपनी ने जून तिमाही के मुनाफे में 32 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की। हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर भी 4 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से 801.7 मिलियन रुपये का ठेका मिला। बाजार में गिरावट के बावजूद इन शेयरों की चाल ने चुनिंदा कंपनियों में अलग तस्वीर दिखाई।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। शेयर बाजार में कीमतें और परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और यह रिपोर्ट किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 18, 2026: 12:16 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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