नई दिल्ली, दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परमिट के तहत चलने वाले कुछ कमर्शियल वाहनों की उम्र सीमा में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। बैटरी, हाइड्रोजन और प्राकृतिक गैस से चलने वाले पात्र वाहनों के लिए मौजूदा सीमा 5 साल तक बढ़ाने की तैयारी है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नियमों में बदलाव का मसौदा जारी किया है। यह अभी प्रस्ताव है, अंतिम फैसला नहीं। मंत्रालय ने मसौदे पर जनता से 30 दिनों में सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। [1]
प्रस्ताव के मुताबिक राष्ट्रीय परमिट व्यवस्था में मौजूदा 12 साल और 15 साल की उम्र सीमा वाली श्रेणियों में बैटरी, हाइड्रोजन और प्राकृतिक गैस वाहनों के लिए सीमा बढ़ाकर 17 साल और 20 साल करने की बात कही गई है। यानी पात्र वाहनों को मौजूदा सीमा से 5 साल अतिरिक्त मिल सकते हैं। हालांकि यह प्रस्ताव सभी कमर्शियल वाहनों के लिए नहीं है। इसमें केवल तय ईंधन और तकनीक वाले वाहन शामिल होंगे। सरकार का कहना है कि बदलाव का मकसद साफ ईंधन वाले परिवहन को बढ़ावा देना है।
मसौदे में राष्ट्रीय परमिट धारकों के लिए भी सुविधा बढ़ाने का प्रस्ताव है। अभी परमिट का प्राधिकरण सालाना आधार पर लिया जाता है, लेकिन आगे धारक 5 साल तक का प्राधिकरण एक साथ लेने का विकल्प चुन सकते हैं। सालाना शुल्क 16,500 रुपये ही प्रस्तावित है और 5 साल के लिए कुल शुल्क 82,500 रुपये होगा। इसके साथ VAHAN डेटाबेस के इस्तेमाल से कागजी काम घटाने की योजना है। इससे वाहन मालिकों और परिवहन कारोबारियों को बार बार दस्तावेजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम हो सकती है।
सरकार ने अस्थायी पंजीकरण के नियमों में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। बिना बॉडी वाले चेसिस को जारी होने की तारीख से 6 महीने का अस्थायी पंजीकरण देने की बात कही गई है। अगर बॉडी फिट करने के लिए चेसिस 6 महीने से ज्यादा समय तक वर्कशॉप में रहता है या मालिक के नियंत्रण से बाहर किसी वजह से देरी होती है, तो आवेदन और तय शुल्क के बाद 30 दिन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। यह बढ़ोतरी हर बार अलग आवेदन के आधार पर करने का प्रस्ताव है।
पूरी तरह बने वाहनों को अनुकूलित वाहन में बदलने या डीलर के राज्य से अलग किसी दूसरे राज्य में पंजीकरण कराने की स्थिति में अस्थायी पंजीकरण 45 दिनों तक मान्य रखने का प्रस्ताव है। इसके अलावा वाहन पंजीकरण और परमिट से जुड़े फॉर्म में अतिरिक्त जानकारी मांगे जाने की बात भी मसौदे में है। इन बदलावों का मकसद प्रक्रिया को ज्यादा स्पष्ट और डिजिटल बनाना है। उम्र सीमा में बदलाव के साथ सरकार कमर्शियल परिवहन में स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को लंबे समय तक उपयोग में रखने का रास्ता आसान करना चाहती है।
फिलहाल इन प्रस्तावों को अंतिम नियम मानना सही नहीं होगा। मंत्रालय ने अधिसूचना सार्वजनिक होने की तारीख से 30 दिनों तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इस अवधि में मिले सुझावों के आधार पर मसौदे में बदलाव हो सकता है और उसके बाद ही अंतिम नियम सामने आएंगे। अगर प्रस्ताव मंजूर होता है तो पात्र बैटरी, हाइड्रोजन और प्राकृतिक गैस वाहनों को 5 साल तक अतिरिक्त संचालन अवधि मिल सकती है। उम्र सीमा में बदलाव से जुड़े इन प्रावधानों का असर राष्ट्रीय परमिट वाले परिवहन कारोबार पर पड़ सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्तावित नियम अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुए हैं और सुझाव तथा आपत्तियों के बाद इनमें बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 18, 2026: 12:46 PM
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