बेमेतरा, छत्तीसगढ़। सिंघौरी में हुई चोरी की जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस के मुताबिक बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आया था और फर्जी पहचान दस्तावेजों के सहारे अलग अलग राज्यों में रह रहा था। आरोपी की पहचान मोहम्मद सुमोन खान, उम्र 24 वर्ष, निवासी बांग्लादेश के रूप में हुई है। बांग्लादेशी आरोपी बर्तन बेचने की आड़ में किराए का मकान लेकर आसपास के गांवों और मोहल्लों में घूमता था और मौका देखकर चोरी करता था। [1]
पुलिस के अनुसार सिंघौरी की पिछली चोरी में पहले ही 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। पूछताछ के दौरान सुमोन खान के बारे में जानकारी सामने आई, जिसके बाद उसकी तलाश की गई। जांच में उसकी पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में हुई। पुलिस का दावा है कि भारत आने के बाद उसने कर्नाटक में फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार करवाए। इसके बाद वह मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक में अलग अलग ठिकानों पर रहा।
पूछताछ में पुलिस को यह पता चला कि बांग्लादेशी आरोपी नए इलाके में पहुंचने के बाद खुद को बर्तन बेचने वाला बताकर किराए का मकान लेता था। इसके बाद वह गांवों और गली मोहल्लों में घूमकर घरों की रेकी करता था। मौका मिलने पर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस के मुताबिक उसके साथ दूसरे लोग भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। अब जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि फर्जी दस्तावेज बनवाने में उसकी मदद किसने की और नेटवर्क कितना फैला है।
बेमेतरा पुलिस बांग्लादेशी आरोपी से जुड़े पुराने और संभावित नए अपराधों की जानकारी जुटाने के लिए कई राज्यों की पुलिस के संपर्क में है। पुलिस के अनुसार 14 जिलों से उससे जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है। इनमें कांकेर, कोरिया, इंदौर, साइबराबाद, पूर्वी दिल्ली, बड़गाम, दक्षिण दिनाजपुर, कृष्णानगर नादिया, बागलकोट, बेलगाम, चंद्रपुर, नागपुर और कोरापुट शामिल हैं। पुलिस इन सूचनाओं का मिलान कर यह पता लगा रही है कि आरोपी का दूसरे मामलों से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
जांच का पहलू उसके संपर्कों से जुड़ा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अलग राज्यों में रहने के दौरान आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और चोरी की घटनाओं में किसकी भूमिका रही। पुलिस के मुताबिक उसके साथ दूसरे लोग भी वारदातों में शामिल रहे हैं। फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार कराने वाले लोगों की पहचान जांच का अहम हिस्सा है। अगर यह कड़ी सामने आती है तो मामले में फर्जी पहचान और चोरी से जुड़े नेटवर्क की तस्वीर साफ हो सकती है।
पुलिस के अनुसार सुमोन खान के खिलाफ कबीरधाम, बेमेतरा, मुंगेली और राजनांदगांव में चोरी, नकबजनी और आर्म्स एक्ट से जुड़े करीब 7 मामले दर्ज हैं। वह वर्ष 2019 में बेमेतरा की चोरी, कबीरधाम की कई घटनाओं और वर्ष 2022 में राजनांदगांव के मामले में जेल जा चुका है। कर्नाटक में लूट और नागपुर में आर्म्स एक्ट के मामले में भी उसके जेल जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक जुलाई 2026 में जेल से बाहर आने के बाद वह फिर बेमेतरा के मामले में पकड़ा गया।
पुलिस की कार्रवाई अब पुराने रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। मकान मालिकों से कहा गया है कि बाहरी व्यक्ति को किराए पर देने से पहले पहचान दस्तावेजों का सत्यापन करें और जरूरी जानकारी थाने में दें। संदिग्ध तरीके से रह रहे बाहरी लोगों की सूचना 1800-233-1905 पर देने की अपील की गई है और सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है। बांग्लादेशी आरोपी से जुड़ी जांच में पुलिस उसके साथियों, पुराने मामलों और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आरोपी से जुड़े आरोप और पुलिस जांच में सामने आए तथ्य संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 19, 2026: 1:31 PM
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