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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 19 Aug 2026 · 8:40 PM

तुलसीदास जयंती पर संतों का संदेश, रामचरितमानस से मिली जीवन सीख

तुलसीदास जयंती उत्सव

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। तुलसीदास जयंती के मौके पर चित्तौड़ रोड स्थित रामधाम आश्रम बुधवार को भक्ति और राम नाम के जयकारों से गूंज उठा। श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट की ओर से हुए समारोह में शहर और आसपास के इलाकों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। संतों के सत्संग, रामचरितमानस की व्याख्या और महाआरती ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में संतों ने तुलसीदास के जीवन और उनकी रचनाओं के जरिए सरल भक्ति, नाम स्मरण और अच्छे आचरण का संदेश दिया। श्रद्धालु देर तक प्रवचनों में डूबे रहे।

सत्संग की सीख

स्वामी आनंदस्वरूप सरस्वती ने कहा कि कलियुग में नाम जप और सत्संग मनुष्य के लिए सबसे सहज साधना है। उनके अनुसार तुलसीदास ने रामचरितमानस के जरिए भक्ति का ऐसा रास्ता बताया, जिसे सामान्य जीवन में भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ और तनाव के बीच नाम स्मरण मन को स्थिर करने में मदद करता है। शंकर मठ, आबू पर्वत के स्वामी हरितीर्थ महाराज ने भी सत्संग को जरूरी बताते हुए कहा कि इसके बिना हरि कथा का वास्तविक लाभ समझना कठिन है।

तुलसीदास जयंती पर स्वामी हरितीर्थ महाराज ने रामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई बिनु सत्संग न हरि कथा, तेहि बिनु मोह न भाग की व्याख्या करते हुए कहा कि कथा सुनने से अज्ञान और मोह दूर होने का रास्ता खुलता है। निंबार्क आश्रम, गांधीनगर के महंत मोहन शरण ने तुलसीदास के जीवन दर्शन को सामने रखते हुए कहा कि रामचरितमानस सिर्फ धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आदर्श जीवन जीने की सीख भी देता है। हाथी भाटा धाम के महंत संतदास महाराज ने संतों के सान्निध्य को मन में सात्विकता बढ़ाने वाला बताया।

चातुर्मास का ज्ञान

समारोह में रामधाम आश्रम में चल रहे चातुर्मास की जानकारी भी दी गई। ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार स्वामी हरितीर्थ महाराज के सान्निध्य में रोज सुबह 9 से 10 बजे तक गीता प्रवचन हो रहे हैं। इनमें ज्ञान, कर्म और भक्ति योग को आसान और व्यावहारिक तरीके से समझाया जाता है। ट्रस्ट अध्यक्ष सूर्यप्रकाश मानसिंहका और उपाध्यक्ष हेमंत मानसिंहका ने व्यवस्थाएं संभालीं। ट्रस्ट ने शहरवासियों से इन प्रवचनों में पहुंचकर लाभ लेने की अपील की। इस दौरान श्रद्धालुओं को नियमित आध्यात्मिक मार्गदर्शन भी मिल रहा है।

प्रवक्ता गोविंद सोडानी ने बताया कि सत्संग के समापन पर संतों की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। पूरे आश्रम परिसर में जय श्रीराम और रामधाम सरकार की जय के उद्घोष गूंजते रहे। तुलसीदास जयंती के इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को रामचरितमानस की शिक्षाओं और सत्संग के महत्व से जोड़ा। संतों ने संदेश दिया कि भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवहार और जीवन पद्धति में भी दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम के बाद श्रद्धालु संतों का आशीर्वाद लेकर लौटे।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक आयोजन और संतों के वक्तव्यों से जुड़ी जानकारी आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 19, 2026: 8:40 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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