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Rex TV India
Latest News श्रृद्धांजलि Digital Newsletter 20 Aug 2026 · 8:58 AM

पायलट से प्रधानमंत्री तक, राजीव गांधी के सफर की अनकही परतें

प्रतीकात्मक फोटो

राजीव गांधी का नाम भारतीय राजनीति के उन नेताओं में लिया जाता है जिनकी पहचान सिर्फ प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं बनी। वह ऐसे दौर में राजनीति में आए जब भारत एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा था। उनकी उम्र कम थी और राजनीतिक अनुभव भी सीमित था, लेकिन देश को आधुनिक तकनीक, संचार और नई सोच से जोड़ने का उनका नजरिया तेजी से सामने आया। उनके समर्थकों के लिए राजीव की विरासत आधुनिक भारत की नींव से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कहानी है, जबकि आलोचक उनके फैसलों को अलग नजरिए से देखते हैं।

शुरुआती जीवन

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। वह जवाहरलाल नेहरू के परिवार से जुड़े थे और उनकी मां इंदिरा गांधी देश की प्रमुख राजनीतिक हस्ती थीं। इसके बावजूद राजीव की शुरुआती रुचि राजनीति में नहीं थी। उन्होंने दून स्कूल में पढ़ाई की और विदेश में भी अध्ययन किया। भारत लौटने के बाद उन्होंने विमान उड़ाने का प्रशिक्षण लिया और इंडियन एयरलाइंस में पायलट बन गए। निजी जीवन में वह राजनीति की चमक से दूर रहकर सामान्य जीवन जीना चाहते थे और परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते थे।

1980 में छोटे भाई संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत ने राजीव की जिंदगी बदल दी। परिवार और पार्टी की परिस्थितियों के बीच उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अमेठी से लोकसभा पहुंचे। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्हें प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी मिली। उस समय वह केवल 40 वर्ष के थे और देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने। अचानक मिली इस बड़ी जिम्मेदारी ने उनके सामने कई चुनौतियां खड़ी कर दीं। उनके कार्यकाल की शुरुआत उम्मीदों, राजनीतिक दबाव और तेजी से बदलते भारत की जरूरतों के बीच हुई।

राजनीतिक सफर

प्रधानमंत्री के रूप में राजीव गांधी ने भारत को तकनीकी बदलाव की ओर ले जाने पर जोर दिया। कंप्यूटर और दूरसंचार के विस्तार से लेकर प्रशासन में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल तक उनकी सरकार ने कई ऐसे कदमों को बढ़ावा दिया जिन्हें बाद के वर्षों में और विस्तार मिला। शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और पंचायती राज से जुड़े प्रयास भी उनके राजनीतिक दौर की चर्चा में आते हैं। उनकी सोच में यह बात साफ दिखती थी कि भारत को आने वाली 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए अभी से तैयार होना होगा। यही राजीव की विरासत का सबसे चर्चित पहलू बना।

लेकिन किसी भी बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व की तरह राजीव गांधी का कार्यकाल केवल उपलब्धियों की कहानी नहीं था। उनके शासनकाल में कई विवाद भी सामने आए और कुछ फैसलों पर राजनीतिक तथा सार्वजनिक स्तर पर तीखी बहस हुई। 1989 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ी और राजीव विपक्ष में चले गए। इसके बाद भी वह राजनीति में सक्रिय रहे। 1991 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान श्रीपेरंबदूर में उनकी हत्या कर दी गई। उनकी मृत्यु ने भारतीय राजनीति को गहरा झटका दिया और उनके जीवन पर बहस को हमेशा के लिए इतिहास का हिस्सा बना दिया।

आज भी प्रासंगिक  

राजीव गांधी को याद करने का एक महत्वपूर्ण पक्ष युवाओं और तकनीक को लेकर उनका नजरिया है। उनके समय में कंप्यूटर और आधुनिक संचार को लेकर जो बहस शुरू हुई थी, वह आज के डिजिटल भारत में नए अर्थों के साथ दिखाई देती है। समर्थक मानते हैं कि उन्होंने बदलाव की जरूरत को अपेक्षाकृत जल्दी पहचाना। वहीं आलोचक उनके राजनीतिक फैसलों और विवादों को भी चर्चा का जरूरी हिस्सा मानते हैं। इसलिए राजीव गांधी का मूल्यांकन किसी एक रंग में नहीं किया जा सकता। राजीव की विरासत को समझने के लिए उपलब्धियों और आलोचनाओं दोनों को साथ देखना जरूरी है।

आज सद्भावना दिवस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राजीव गांधी को दूरदर्शी नेता बताते हुए याद किया। उन्होंने कहा कि राजीव ने लाखों लोगों में उम्मीद जगाई और भारत को 21वीं सदी के लिए तैयार करने में भूमिका निभाई। खरगे ने युवाओं, तकनीकी प्रगति, नए विचारों, बौद्धिक स्वतंत्रता, सहानुभूति और सामाजिक मेलजोल को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। राजीव गांधी को लेकर समय समय पर अलग अलग राजनीतिक विचार सामने आते रहे हैं, लेकिन उनकी जयंती पर होने वाली श्रद्धांजलियां यह दिखाती हैं कि राजीव की विरासत आज भी भारतीय सार्वजनिक जीवन में चर्चा का विषय बनी हुई है।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती (सद्भावना दिवस) पर नई दिल्ली स्थित उनके समाधि स्थल 'वीर भूमि' पर कांग्रेस संसदीय दल की मुखिया सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी पति सहित पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इसमें शामिल विश्लेषण उपलब्ध सार्वजनिक तथ्यों और राजनीतिक बयानों की व्याख्या पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 20, 2026: 8:58 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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