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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 20 Aug 2026 · 5:45 PM

पुश्तैनी संपत्ति पर कब्जे की बड़ी कोशिश, फर्जीवाड़े का खेल हुआ बेनकाब

प्रतीकात्मक फोटो

जोधपुर, राजस्थान। पुश्तैनी संपत्ति को हड़पने से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आ रहा है जिससे हर तरफ हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि किस प्रकार शातिर बदमाशों ने मिलकर इस पूरी घिनौनी साजिश को अंजाम दिया था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद प्रशासनिक हलकों में भूचाल आ गया है और हर कोई इसके बारे में विस्तार से जानना चाहता है। इस गंभीर मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार नए सबूत जुटा रहा है ताकि सभी आरोपियों को बेनकाब किया जा सके और सच्चाई लोगों के सामने आ सके। [1]

दस्तावेजों का सच

ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, मामला तब प्रकाश में आया जब कुछ संदिग्ध लोग पंजीकरण विभाग पहुंचे और उन्होंने पुराने बिक्री समझौतों को कानूनी मान्यता दिलाने की बात कही। वे उन पुराने कागजातों पर स्टाम्प ड्यूटी चुकाना चाहते थे ताकि वे अवैध कागजों को वैध बना सकें। विभाग के अधिकारियों ने जब इतने लंबे समय बाद अचानक आए इस बड़े आवेदन की बारीकी से जांच-पड़ताल शुरू की, तो उनकी आंखें फटी रह गईं क्योंकि वे सारे दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी पाए गए थे।

इसी बीच अधिकारियों ने पाया कि शाही पुश्तैनी संपत्ति के इन दस्तावेजों में भारी अनियमितताएं थीं जिन्हें बहुत शातिर तरीके से छिपाने की कोशिश की गई थी। इस तरह के मामलों से विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत उच्च स्तर पर इसकी आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी गई ताकि इस बड़े घोटाले की तह तक पहुंचा जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

पावर का दुरुपयोग

पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने पूर्व महाराजा द्वारा जारी किए गए पुराने पावर ऑफ अटॉर्नी का गलत इस्तेमाल कर यह जालसाजी रची थी। यह अधिकार केवल कानूनी और कर संबंधी मामलों के लिए दिए गए थे, लेकिन आरोपियों ने बिना किसी अधिकार के जमीन बेचने के फर्जी समझौते तैयार कर लिए थे। शाही संपत्ति को गैरकानूनी तरीके से अपने नाम करने के इस नापाक षड्यंत्र में कई नाम शामिल हैं जिन्होंने मिलकर इन जाली दस्तावेजों को असली जैसा दिखाने की पूरी कोशिश की थी।

इस पूरे धोखाधड़ी के खेल को अंजाम देने के लिए विशेष अधिकार पत्र का दुरुपयोग किया गया था जिसकी पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने भी कर दी है और वे सभी एंगल से इसकी गहनता से पड़ताल कर रहे हैं। प्रारंभिक सुरागों के आधार पर यह साफ हो गया है कि शाही पुश्तैनी संपत्ति हड़पने का यह जाल काफी दूर तक फैला हुआ है जिसमें कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं और पुलिस उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

नकद भुगतान का खेल

दस्तावेजों में पूरी राशि का भुगतान नकद में दिखाया गया ताकि यह फर्जीवाड़ा लंबे समय तक आसानी से छिपाया जा सके। अब उदयमंदिर थाने में 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। अधिकारियों की शुरुआती छानबीन से यह भी पता चला है कि शाही पुश्तैनी संपत्ति के इन फर्जी समझौतों में पूरी राशि का भुगतान केवल नकद में दिखाया गया था ताकि किसी भी प्रकार का बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड में न आए।

आरोपियों ने चंद्र्लाई और सरदार समंद जैसे क्षेत्रों की बहुमूल्य भूमि को आपस में बांटने और बेचने के लिए सुनियोजित तरीके से इन झूठे सौदों को गढ़ा था ताकि वे इस बड़ी संपत्ति के मालिक बन बैठें। पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है जिनके जरिए शाही पुश्तैनी संपत्ति के घोटाले को अंजाम दिया गया था और यह भी खंगाला जा रहा है कि इसमें कौन-कौन लोग प्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं ताकि इस साजिश का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सके।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट में दी गई सभी जानकारियां और पुलिस अनुसंधान से जुड़े तथ्य प्रशासनिक रिकॉर्ड पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 20, 2026: 5:45 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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