WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News आम सूचना Digital Newsletter 21 Aug 2026 · 8:16 PM

डीएम देंगे नागरिकता, पुराने पैनल हटे और जिलों को मिला बड़ा अधिकार

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, भारत। केंद्र सरकार ने नागरिकता देने की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। गृह मंत्रालय ने नागरिकता को लेकर तीसरा संशोधन नियम 2026 अधिसूचित किया है। इसके तहत गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के गैर आदिवासी क्षेत्रों के साथ जम्मू कश्मीर और लद्दाख में जिलाधिकारियों को पात्र आवेदनों पर फैसला करने का अधिकार दिया गया है। कलेक्टर आवेदन प्राप्त करने, दस्तावेजों की जांच और जरूरी पूछताछ के बाद पंजीकरण या प्राकृतिककरण के आधार पर नागरिकता देने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। [1]

जिलों में बदला सिस्टम

नए नियमों के तहत इन क्षेत्रों में पहले काम कर रही अधिकार प्राप्त समितियों और जिला स्तरीय समितियों की जगह संबंधित जिलाधिकारी मुख्य सक्षम प्राधिकारी होंगे। कलेक्टर आवेदन की जांच करेंगे और आवेदक की पात्रता तथा उपयुक्तता से संतुष्ट होने पर नागरिकता प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगे। केंद्र ने लंबित आवेदनों को भी संबंधित जिलाधिकारियों के पास भेजने का प्रावधान किया है। इससे नागरिकता संबंधी मामलों में पहले मौजूद कई स्तरों वाली व्यवस्था की जगह जिला स्तर पर निर्णय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।

यह बदलाव 6 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा। गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के अलावा जम्मू कश्मीर और लद्दाख इसके दायरे में हैं। असम और त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्र इससे बाहर रखे गए हैं। डीएम देंगे नागरिकता वाली नई व्यवस्था का मतलब यह नहीं है कि हर विदेशी नागरिक को सीधे भारतीय नागरिकता मिल जाएगी। आवेदन करने वाले व्यक्ति को लागू कानून की पात्रता और जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। कलेक्टर दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही फैसला करेंगे। [अधिनियम]

उपस्थिति पर सख्ती

संशोधित नियमों में आवेदक की व्यक्तिगत उपस्थिति को लेकर भी सख्त प्रावधान किया गया है। आवेदन पर हस्ताक्षर करने और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेने के लिए आवेदक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। यदि उचित अवसर और नोटिस दिए जाने के बावजूद आवेदक उपस्थित नहीं होता है तो कलेक्टर उसका आवेदन खारिज कर सकता है। इस प्रावधान के जरिए आवेदन प्रक्रिया में आवेदक की पहचान, दस्तावेजों की सत्यता और निर्धारित कानूनी औपचारिकताओं के पालन पर जोर दिया गया है।

नए नियमों के अनुसार कलेक्टर को आवेदन में दिए गए दस्तावेजों का सत्यापन करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जांच कराने की जिम्मेदारी भी दी गई है। अधिकारी को यह संतुष्ट होना होगा कि आवेदक निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा करता है और नागरिकता के लिए उपयुक्त है। इस व्यवस्था के तहत अंतिम निर्णय से पहले शपथ और व्यक्तिगत उपस्थिति भी प्रक्रिया का अहम हिस्सा रहेगी। यानी जिला स्तर पर अधिकार बढ़ने के साथ जिम्मेदारी और जांच की भूमिका भी बढ़ गई है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नागरिकता प्रत्येक आवेदक को निर्धारित कानूनी पात्रता, दस्तावेजों की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दी जा सकेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 21, 2026: 8:16 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —