नई दिल्ली, दिल्ली। FII की बिकवाली ने 3 हफ्ते की खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार से 1602 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार 5 कारोबारी दिनों तक खरीदार रहे और उन्होंने 17320 करोड़ रुपये का निवेश किया। FII ने सप्ताह की शुरुआत बिकवाली से की, बीच के 2 दिनों में खरीदारी की और आखिरी 2 सत्रों में फिर बिकवाली पर लौट गए। इस उतार चढ़ाव के बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। [1]
घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII की खरीदारी का सिलसिला लगातार मजबूत बना हुआ है। पिछले 1 महीने में उन्होंने हर सप्ताह शुद्ध खरीदारी की और कुल 48390 करोड़ रुपये बाजार में लगाए। अगस्त में अब तक भी दोनों प्रमुख संस्थागत निवेशक खरीदारी की तरफ रहे हैं। इस महीने FII ने 2510 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है, जबकि DII की खरीदारी 34370 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इससे पता चलता है कि विदेशी निवेशकों के रुख में उतार चढ़ाव के बीच घरेलू संस्थागत पूंजी बाजार को लगातार सहारा दे रही है।
पिछले 1 महीने के आंकड़ों में FII का रुख पूरी तरह एक जैसा नहीं रहा। 20 जुलाई से 21 अगस्त के बीच विदेशी निवेशक पहले सप्ताह में बिकवाली करने के बाद अगले 3 हफ्तों में खरीदार बने और मौजूदा सप्ताह में फिर बिकवाली पर लौटे। हालांकि पिछले पूरे महीने का हिसाब देखें तो FII अब भी 1282 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे। बाजार विशेषज्ञों की नजर इसलिए सिर्फ एक सप्ताह की FII की बिकवाली पर नहीं बल्कि आने वाले दिनों में विदेशी पूंजी के लगातार रुख पर बनी हुई है।
भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक लगातार दूसरे सप्ताह सीमित दायरे में और हल्के सुधार के रुख के साथ कारोबार करते रहे। कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही और US Iran तनाव ने निवेशकों को सतर्क रखा। Nifty ने सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ की और बीच में 24026 का निचला स्तर देखा। हालांकि आखिरी 2 कारोबारी सत्रों में आई रिकवरी से यह 24252 के स्तर पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह Nifty में करीब 0.5 फीसदी की गिरावट रही।
बड़े शेयरों के मुकाबले broader market का प्रदर्शन बेहतर रहा। Nifty Midcap 100 सप्ताह के अंत में लगभग सपाट रहा, जबकि Nifty Smallcap 100 ने नया all time high बनाया और सप्ताह में 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसका मतलब है कि बड़े शेयरों पर दबाव के बावजूद छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। हालांकि FII की बिकवाली और वैश्विक घटनाक्रम बाजार की आगे की दिशा के लिए अहम बने रहेंगे।
आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमत और भू राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी। 92 डॉलर से ऊपर का crude oil भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकता है क्योंकि इससे महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। इसके साथ US Iran तनाव में कोई नया घटनाक्रम वैश्विक बाजारों में जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे माहौल में FII की बिकवाली बढ़ती है या विदेशी निवेशक फिर खरीदारी पर लौटते हैं, यह बाजार के लिए बड़ा संकेत होगा।
घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी फिलहाल बाजार के लिए मजबूत सहारा बनी हुई है। DII की 17320 करोड़ रुपये की साप्ताहिक खरीदारी ने विदेशी निवेशकों की 1602 करोड़ रुपये की निकासी के मुकाबले कहीं ज्यादा पूंजी बाजार में लगाई है। फिर भी बाजार विशेषज्ञ कच्चे तेल, वैश्विक तनाव और विदेशी पूंजी के रुख को करीब से देख रहे हैं। आने वाले सत्रों में FII की बिकवाली का दबाव घटता है और घरेलू खरीदारी कायम रहती है तो बाजार को राहत मिल सकती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और बाजार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है और कच्चे तेल की कीमत, भू राजनीतिक घटनाक्रम तथा विदेशी और घरेलू निवेशकों के रुख से बाजार तेजी से प्रभावित हो सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 22, 2026: 1:27 PM
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